Overview: सेहत को रखना है दुरुस्त तो अपनाएं आयुर्वेद, FSSAI ने जारी की इन चीजों की लिस्ट
FSSAI ने आयुष मंत्रालय के साथ मिलकर आयुर्वेद आहार की एक आधिकारिक सूची जारी की है, जो आयुर्वेदिक ग्रंथों पर आधारित है।
Ayurvedic Food Items: भारत में प्राचीन काल से ही आयुर्वेदिक चीजों को महत्व दिया जा रहा है, फिर चाहे वह जड़ी-बूटियां हों या फिर व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने वाले मसाले। आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थ न केवल व्यंजनों का जायका बढ़ाने का काम करते हैं बल्कि सेहत को दुरुस्त भी बनाते हैं। हाल ही में आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थों को सरकार की आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। जी हां, FSSAI और आयुष मंत्रालय की साझेदारी में अब लोगों की थाली में पौष्टिक और आयुर्वेदिक चीजें परोसी जाएंगी। हाल ही में FSSAI द्वारा आयुर्वेद आहार की पहली लिस्ट जारी की गई है जिसमें आयुर्वेदिक ग्रंथों पर आधारित खाद्य पदार्थों को शामिल किया गया है। FSSAI की लिस्ट में किन चीजों को शामिल किया गया है और ये कैसे हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं चलिए जानते हैं इसके बारे में।
कैटेगरी- A आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थ

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने आयुष मंत्रालय के सहयोग से “आयुर्वेद आहार” श्रेणी के तहत आयुर्वेदिक खाद्य तैयारियों की एक आधिकारिक सूची जारी की है। कैटेगरी-A में सूचीबद्ध प्रामाणिक आयुर्वेदिक ग्रंथों से ली गई चीजों को शामिल किया गया है। यह सुनिश्चित करता है कि खाद्य तैयारियां पारंपरिक और प्रामाणिक हैं।
मंत्रालय कर रहा है अपील
आयुष मंत्रालय द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि वह आयुर्वेद आहार को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें ताकि उन्हें इसके लॉन्ग टर्म हेल्थ बेनिफिट्स का लाभ मिल सके। सरकार की ये पहल मॉर्डनाइजेशन को परंपरा के साथ जोड़ने में मदद करेगी। साथ ही लोग पहले से अधिक फिट और हेल्दी होंगे।
क्या है आयुर्वेद आहार
आयुर्वेद आहार उन खाद्य उत्पादों को संदर्भित करता है जो शास्त्रीय आयुर्वेदिक ग्रंथों में निर्धारित आहार सिद्धांतों के अनुसार विकसित किए गए हैं। ये खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य की देखभाल, इम्यूनिटी को बढ़ाने और पाचन तंत्र को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। ये प्राकृतिक सामग्रियों, मौसमी संगतता और आयुर्वेद में निर्धारित शारीरिक दोषों — वात, पित्त और कफ — के संतुलन पर आधारित हैं।
कैटेगरी- A में शामिल चीजें

कैटेगरी- A में सूचीबद्ध प्रामाणिक आयुर्वेदिक ग्रंथों पर आधारित प्रोडक्ट शामिल हैं।
– च्यवनप्राश
– त्रिफला रसायन
– द्राक्षा अवलेह
– अश्वगंधादी लेह्यम
– दशमूल हरीतकी
आयुर्वेद क्यों है जरूरी
आयुर्वेद स्वास्थ्य देखभाल, संतुलित और टिकाऊ जीवनशैली की दिशा में एक सार्थक कदम है। आयुर्वेद चीजें न केवल इम्यूनिटी बढ़ाती है बल्कि पाचनतंत्र को बेहतर बनाकर गट हेल्थ को मजबूत करती हैं। आयुर्वेद प्रभावी, टिकाऊ और पौष्टिक आहार प्रदान करता है जो कुपोषण ने निपटने में मदद कर सकता है।
आयुर्वेद आहार के लाभ
– आयुर्वेदिक खाद्य पदार्थ पित्त दोष की समस्या से निजात दिलाता है। पित्त को शांत करने के लिए आयुर्वेद पुदीना, खीरा और ठंडे फल खाने की सलाह देता है।
– आयुर्वेदिक आहार शरीर में मौजूद अग्नी को रोकने का काम करता है। खाना खाने के बाद शरीर में अग्नी उत्पन्न होती है जिसे कंट्रोल करने के लिए जीरे, अदरक और सौंफ जैसे पाचन मसाले शामिल करने की सलाह दी जाती है।
– आयुर्वेदिक आहार कफ को शांत करने के लिए गर्म, हल्के और मसालों को प्रोत्साहित करता है।
