- सौंफ व अदरक या जीरे का एक साथ सेवन करने से पेट की जलन व हाजमे में लाभ होता है।
- बबूना अथवा बबूनी के फूल का पाॅउडर एक से दो ग्राम या इसके फूलोंं के तेल की 2-3 बूंदें सीने में जलन, पेट दर्द एवं तनाव से उत्पन्न एसिडिटी में विशेष लाभदायक होती है।
- भोजन के पश्चात सौंफ के सवेन से सांस की बदबू, अपच व उल्टी में भी आराम मिलता है। इसके अतिरिक्त 15-20 ग्राम सौंफ को 100 ग्राम पानी में आधा घंटे उबाल कर बचे पानी का सेवन करने से अपच, उबकाई तथा खाने के पश्चात हुए पेट दर्द व एसिडिटी में राहत मिलती है।
- एक कप गर्म पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से गैस व घबराहट ठीक होती है।
- एक गिलास पानी में60 ग्राम पुदीना, 10 ग्राम अदरक, 10 ग्राम अजवायन को डालकर उबालें। खूब उबलने पर इसमें आधा कप दूध, तथा चीनी डालकर चाय की तरह पियें। गैस दूर होगी और पाचन शक्ति बढ़ेगी।
- एक लहसुन की फांक छीलकर बीज निकले हुए 4 नग मुनक्कों के साथ, भोजन के बाद चबाकर निगल जाएंं। इस विधि से पेट में रूकी हुई वायु तत्काल निकल जाएगी।
- अलसी के पत्तों की सब्जी बनाकर खाने से गैस की शिकायत दूर हो जाती है।
- अजवायन, सौंफ, काला नमक, काली मिर्च बारीक कूट-छानकर ताजे पानी से लें, अफारा ठीक हो जाएगा।
- अदरक और पिसा धनिया समान मात्रा (लगभग एक चम्मच) में लेकर खायें। इससे एसिडिटी से छुटकारा मिलेगा।
- पेट की वायु को इसबगोल भी नष्ट करता है। इसमें इसबगोल की मात्रा ज्यादा नहीं लेनी चाहिए।
- पुनर्नवा के मूल का चूर्ण 2 ग्राम, हींग 1/2 ग्राम तथा काला नमक 1 ग्राम गर्मपानी से लें। पेट के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
- आंवले का रस, मिश्री और भुने जीरे का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम पीने से पित्त की विकृति नष्ट होती है।
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