एलोवेरा यानी ग्वारपाठा एक श्रेष्ठ रोगोपहारी औषधि है। प्रत्येक घर में इसे उगाया जा सकता है। इसके पत्ते कंटीले होते हैं एवं उनमें गूदा मौजूद रहता है। विभिन्न रोगों में हम इसका उपयोग कर सकते हैं-

पेट के रोग और एलोवेरा

  • एलोवेरा के रस और 1 चम्मच भुने हुए जीरे को खाने से पेट दर्द मिट जाता है।
  • आधा चम्मच एलोवेरा का गूदा और 4 लौंग को पीसकर नाभि प्रदेश पर लेप करें तो पेट के रोग मिट जाते हैं।
  • एलोवेरा के रस में प्याज का रस समान मात्रा में मिलाकर पिलाएं तो पेट का दर्द ठीक हो जाता है।
  • 1 चम्मच एलोवेरा का गूदा, 1 चम्मच अदरक का रस और थोड़ा-सा शहद मिला लें तो पेट दर्द मिट जाता है।
  • 1 चम्मच एलोवेरा का गूदा और 1 चम्मच मूली का रस मिलाकर लेने से अफारा और अपच शीघ्र मिट जाते हैं।
  • 2 चम्मच एलोवेरा के रस में आधा चम्मच पपीते का दूध मिलाकर लेने से बुझी हुई अग्नि ठीक होती है एवं खुलकर भूख लगती है।
  • एलोवेरा का गूदा 2 चम्मच, अजवायन 2 चम्मच और सेंधा नमक आधा चम्मच मिलाकर चूर्ण बना लें, यह चूर्ण आधा-आधा चम्मच की मात्रा में लिया जाए तो एसिडिटी खत्म होती है।
  • एलोवेरा का गूदा 1 चम्मच, बिल्व (बेल) का गूदा 1 चम्मच, शक्कर आधा चम्मच मिलाकर पीने से दस्त फौरन बंद हो जाते हैं।
  • एलोवेरा का रस 1 चम्मच, हरी दूब आधा चम्मच मिलाकर सेवन करें तो दस्त में आने वाला खून बंद हो जाता है।
  • एलोवेरा के गुदे का रस 1 चम्मच, आधा चम्मच नींबू का रस और लौकी का रस आधा चम्मच मिलाकर पीएं तो दस्त में आराम मिलता है।
  • एलोवेरा का रस 2 चम्मच, 5 ग्राम सूखा पुदीना, 10 ग्राम अजवायन, 1 चुटकी सेंधा नमक और 2 डोडे (बड़ी इलायची) मिलाकर चूर्ण बना  लें। सुबह-शाम भोजन के बाद 1 चम्मच चूर्ण का सेवन करें। आंव, मरोड़, दस्त आदि मिट जाते हैं।
  • एलोवेरा का रस 2 चम्मच, सौंफ का पानी 4 चम्मच मिलाकर गरम करके पी लें तो अफारा मिट जाता है।
  • एलोवेरा के गूदे का रस 2 चम्मच एवं काली गाजर का रस 1 कप मिलाकर पीने से पुरानी पेचिश ठीक हो जाती है।
  • एलोवेरा का रस 3 चम्मच, अनार का रस 4 चम्मच, सौंफ और धनिया आधा-आधा चम्मच, सबको मिलाकर ठण्डे पानी के साथ सेवन करें। यह खूनी पेचिश के लिए अचूक दवा है।
  • 1 चम्मच ईसबगोल को आधा चम्मच एलोवेरा के रस के साथ सेवन करें तो पुरानी आंव ठीक हो जाती है।
  • पानी में 4-5 बूंदें पुदीना अर्क और जरा-सा कपूर एवं 2 चम्मच एलोवेरा का गूदा मिलाकर पीएं तो उल्टी होना बंद हो जाता है।
  • एलोवेरा का गूदा 2 चम्मच और मुलहठी का चूर्ण आधा चम्मच मिलाकर सेवन करने से उल्टी में तुरंत आराम होता है।
  • 2 ग्राम इलायची का चूर्ण को एलोवेरा के रस में मिलाकर लेने से उल्टी ठीक हो जाती है।
  • जायफल घिसकर एलोवेरा के गूदे के रस के साथ सेवन करें तो वमन मिट जाती है। यह अचूक दवा है।
  • एलोवेरा का गूदा आग में भूनकर सेंधा नमक मिलाकर खाने से पेट की वायु शीघ्र ठीक हो जाती है।
  • यदि कब्ज के कारण गैस बने तो त्रिफला चूर्ण 1 चम्मच और एलोवेरा का गूदा 2 चम्मच प्रतिदिन रात को सोने से पूर्व ले लें।
  • बथुए के 2 चम्मच रस में 4 चम्मच एलोवेरा का गूदा मिलाकर लिया जाए तो पेट की समस्त गैस बाहर हो जाती है।
  • एलोवेरा का रस 2 चम्मच, दालचीनी का तेल 1 चम्मच मिलाकर भोजन के बाद दिन में 2 बार प्रयोग करने से गैस बनना बंद हो जाती है। 

वात व्याधि और एलोवेरा

  • एलोवेरा के गूदे को गरम करके जोड़ों पर मालिश करने से गठिया रोग में आराम मिलता है।
  • एक गिलास पानी में 20 ग्राम आंवले को उबालकर उसमें एलोवेरा का 10 ग्राम गूदा मिलाकर दिन में 3-4 बार 4-4 चम्मच लें तो जोड़ों की सूजन मिट जाती है।
  • एलोवेरा 10 ग्राम, कपूर 5 ग्राम और अफीम आधा ग्राम मिलाकर गरम करके सरसों या तिल्ली के तेल में इनको सिद्घ करें। इस तैयार तेल की मालिश करने से वातरोग शांत हो जाते हैं।
  • सोंठ चूर्ण आधा चम्मच, जावित्री आधा चम्मच को एलोवेरा के 10 ग्राम गूदे के साथ खाने से वातव्याधि 2 माह में नष्टï हो जाती है।
  • करेले का रस 2 चम्मच और एलोवेरा का रस आधा कप 10 दिनों तक सुबह-शाम खाने से हड्डïी में मौजूद दर्द चला जाता है।
  • मेथी दाना 2 चम्मच, एलोवेरा का रस 4 चम्मच को मिलाकर पीने से समस्त वायु विकार नष्टï हो जाते हैं।
  • सोंठ चूर्ण आधा चम्मच, तुलसी के बीजों का रस आधा चम्मच, एलोवेरा का रस 2 चम्मच मिलाकर काढ़ा बनाकर सेवन करने से कमर संबंधी रोगों में आराम होता है।
  • सहजन की फलियों का रस 2 चम्मच, एलोवेरा का गूदा 10 ग्राम मिलाकर लें तो कमर का दर्द ठीक हो जाता है।
  • राई 10 ग्राम, एलोवेरा का गूदा 50 ग्राम मिलाकर कमर पर गरम-गरम लेप करने से कमर दर्द एक बार में आधा चला जाता है।

त्वचा रोग और एलोवेरा

  • एलोवेरा का गूदा और बेसन मिलाकर चेहरे पर रात को लेप करें तो झुर्रियां मिट जाती है।
  • नींबू के छिलकों को पीसकर एलोवेरा के गूदे के रस के साथ मिलकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की झुर्रियां मिट जाती हैं।
  • एलोवेरा के गूदे में तुलसी के पत्तों का रस मिलाकर चेहरे पर मलें तो झुर्रियां मिट जाती हैं।
  • एलोवेरा के गूदे में चिरौंजी को पीसकर लेप करें तो त्वचा की सलवटें मिट जाती हैं।
  • चंदन का बुरादा, जायफल तथा कालीमिर्च समान भाग में लेकर एलोवेरा के गूदे के साथ पीसकर लेप बनाएं। इस लेप को चेहरे पर लगाने से झाइयां, मुंहासे मिट जाते हैं।
  • मुंह पर कहीं भी काले दाग या चकत्ते हों तो टमाटर के साथ एलोवेरा के गूदे को मिलाकर लेप करें, काली झाइयां एवं पुरानी झुर्रियां भी दूर हो जाती हैं।
  • नीम के पेड़ की छाल का रस एलोवेरा के गूदे के साथ मिलाकर गरम करें एवं चेहरे पर लगाएं, मुंहासे एवं काले तिल के निशान भी साफ हो जाते हैं।
  • दही, चोकर और एलोवेरा का गूदा मिलाकर मुंहासों पर लगाने से वे शीघ्र सूखने लग जाते हैं।
  • अजवायन, तुलसी के पत्ते, शहद और एलोवेरा का गूदा मिलाकर चेहरे पर मलें, रंग गोरा होकर चेहरा कांतिवान हो जाता है।
  • गाय का दूध, अरारोट और एलोवेरा का गूदा मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। बाहर जाते समय मेकअप के तौर पर इसे लगाएं। चेहरे पर चमक बढ़कर सुंदरता आ जाती है।

चर्म विकार और एलोवेरा

  • एलोवेरा के गूदे में उड़द की पुल्टिस बांधने से पीप वाला फोड़ा फूटकर ठीक हो जाता है।
  • अलसी की पुल्टिस में हल्दी मिला लें। साथ में एलोवेरा का गूदा गरम करके फोड़े पर बांध दें। फोड़ा पक कर फूट जाएगा और रोगी को राहत मिलेगी।
  • तुलसी के पौधे के पांचों अंग (फूल, बीज, पत्र, छाल और जड़) को पीसकर चूर्ण तैयार कर एलोवेरा के पत्तों का गूदा मिलाकर गरम-गरम गाढ़ा लेप त्वचा पर करें तो वहां होने वाले दाद, खाज, खुजली, फोड़े के घाव शीघ्र भर जाते हैं।
  • मेथी और जौ बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इसमें एलोवेरा का गूदा मिला लें। दिन में 3 बार लेप लगाएं। इससे त्वचा पर मौजूद गांठ पिघलकर ठीक हो जाती है।
  • बरगद के पत्तों पर एलोवेरा का गूदा चुपड़कर गरम-गरम फोड़े पर बांधने से फोड़ा जल्दी पक कर फूट जाता है और रोगी को राहत मिलती है।
  • अमलतास के पत्तों का रस एलोवेरा के गूदे में मिलाकर लेप करने से दाद मिट जाता है।
  • पुराने दाद हो गए हों तो अनार के पत्तों का रस और एलोवेरा मिलाकर दाद पर हल्के हाथ से मलें। दो सप्ताह में चर्म विकार दूर हो जाता है।
  • लहसुन का रस और एलोवेरा का रस मिलाकर गरम करें और पुराने दाद पर मलें, दाद अवश्य मिट जाते हैं।
  • बबूल के फूलों को पीसकर, एलोवेरा के रस में मिलाकर त्वचा पर धीरे-धीरे मलें तो दाद ठीक हो जाता है। 
  • जल जाने पर एलोवेरा का रस और नारियल का तेल मिलाकर लगा दें।
  • एलोवेरा के रस में जायफल घिसकर लगाने से जले के निशान दूर हो जाते हैं।
  • बरगद के पत्ते को दही में पीसकर एलोवेरा के गूदे को जलने वाले स्थान पर लेप करें, जलन में शांति का अनुभव होगा और घाव भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
  • जल जाने पर उस अंग को पानी के अंदर आसानी से डुबोया जा सके तो सादा या ठण्डे जल में वह हिस्सा जलन मिटने तक डुबोकर रखें, उसके तुरंत बाद एलोवेरा का गूदा लेप करें। इस तरीके से न तो छाला होगा और न घाव बनता है।
  • आग से जलने पर नमक और एलोवेरा का रस मिलाकर मलें। दाग नहीं पड़ेगा, फफोला नहीं होगा तथा जलन तुरंत कम हो जाएगी।
  • जीरा पीसकर एलोवेरा के गूदे में मिला लें और जलने वाले अंग पर लेप करें। तो जलन तुरंत शांत हो जाती है।
  • आग में ज्यादा देर जलने पर हल्दी और एलोवेरा का गूदा अत्यंत प्रभावकारी कार्य करता है जिससे त्वचा को बिल्कुल नुकसान नहीं होता। यदि चमड़ी ज्यादा जली है तो भी एलोवेरा का रस हल्दी मिलाकर नियमित लगाने से घाव तुरंत भरने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है।

मधुमेह रोग और एलोवेरा 

  • ताजे आंवले का रस 4 चम्मच और एलोवेरा का गूदा 10 ग्राम खाली पेट लेने से मधुमेह ठीक हो जाता है।
  • करेले का रस 2 चम्मच एवं एलोवेरा का गूदा 10 ग्राम मिलाकर सुबह-शाम भोजन से पूर्व लेने से मधुमेह में बढ़ी हुई शर्करा कम हो जाती है।
  • नीम की कोंपलें 10 पत्ते और एलोवेरा का गूदा 20 ग्राम सुबह-सुबह खाली पेट खाने से खून साफ होता है तथा शर्करा नियंत्रण में आ जाती है।
  • कच्चा केला 1 नग और एलोवेरा 10 ग्राम मिलाकर खाने से मधुमेह में लाभ होता है। 
  • 10 जामुनों को पानी में धोकर एलोवेरा के गूदे में मिलाकर उबाल लें और खाना खाने से पहले आधा-आधा कप मधुमेह ग्रस्त रोगी को दें, तो मधुमेह नष्ट हो जाता है। 
  • मूंगफली का आटा एवं एलोवेरा का गूदा मिलाकर रोटी बना लें। 10-10 ग्राम की मात्रा में खाने से मधुमेह का नाश हो जाता है।
  • सदाबहार पौधे की 4-5 पत्तियों के साथ- साथ 2-2 चम्मच एलोवेरा का सेवन करें तो मधुमेह रोग मिट जाता है। यह प्रयोग तीन माह तक करें। 
  • गाय का कच्चा दूध और एलोवेरा का रस मिलाकर आधा कप पीने से मधुमेह रोग में लाभ होता है।
  • बेलपत्र के 4 पत्तों को पीसकर एलोवेरा के गूदे के साथ सेवन करने से मधुमेह में शीघ्र लाभ होता है।
  • गाजर का रस 20 मिली. पालक का रस 20 मिली. और 50 मिली. एलोवेरा का रस मिलाकर सप्ताह में 1 बार सेवन करें। पेशाब की अधिकता, बार बार पेशाब आना, मधुमेहजन्य अन्य विकार दूर होते हैं।
  • जौ का सिंका हुआ आटा, मेथी का चूर्ण और एलोवेरा का रस तीनों समान मात्रा में मिलाकर 10-10 ग्राम खाने से तो मधुमेह रोग 1 माह में मिट जाता है। 
  • बबूल की गोंद का पानी और एलोवेरा का गूदा मिलाकर आधा कप रोगी को पिलाएं तो मधुमेह का नाश हो जाता है।
  • लहसुन की 4-5 कलियां शुद्ध घी में भूनकर एलोवेरा के रस के साथ लेने से मधुमेह जड़ से चला जाता है। 
  • अश्वगंधा, शतावरी दोनों समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर 1-1 चम्मच की मात्रा में 50 मिली. एलोवेरा के रस के साथ खाएं, मधुमेह दूर हो जाएगा।

कैंसर रोग और एलोवेरा

  • गाजर एवं नीबू के रस के साथ एलोवेरा का सेवन करने से कैंसर रोग की तीव्रता में कमी आ जाती है।
  • किसी भी प्रकार का कैंसर हो, तुलसी (काली पत्ते वाली) 21 पत्ते पीसकर या कूटकर, 100 ग्राम एलोवेरा में मिलाकर प्रतिदिन शौचादि से निवृत्त होकर नियमित रूप से सेवन करें। कैंसर रोग पर नियंत्रण होता है और रोग धीरे-धीरे ठीक होने लगता है। 
  • लहसुन का रस 4 चम्मच और एलोवेरा का गूदा 50 ग्राम प्रतिदिन सेवन करने से कैंसर रोग पर नियंत्रण होने लगता है।
  • हल्दी और एलोवेरा की जड़ को पीसकर स्तनों पर लेप लगाने से स्तन कैंसर ठीक हो जाता है।
  • कड़वी तोरई का रस और एलोवेरा का गूदा मिलाकर सुबह-शाम सेवन करें तो कैंसर रोगी को उसकी उग्रता एवं दर्द में लाभ मिलता है। 
  • खरबूजे का रस और एलोवेरा का नियमित सेवन 1 माह में कैंसर रोग की उग्रता कम कर देता है।
  • केले की जड़ का रस 4 चम्मच और हल्दी 1 चम्मच को एलोवेरा के रस के साथ प्रयोग करें तो गर्भाशय एवं डिम्ब ग्रंथि के कैंसर में लाभ होते देखा गया है।
  • पपीते के बीजों को सुखाकर बारीक चूर्ण बना लें। एक बड़ा चम्मच चूर्ण एलोवेरा के 20 मिली. रस के साथ खाली पेट सेवन करें तो जिगर की सूजन एवं सिरोसिस 1 माह में ठीक हो जाता है।
  • त्रिफला, सोंठ, काली मिर्च, पीपल, सहजन की छाल, दारुहल्दी, कुटकी, गिलोय एवं पुनर्नवा के समभाग चूर्ण 1 चम्मच को 20 मिली. एलोवेरा के गूदे के साथ लेने पर पाचन तंत्र के किसी भी अंग में मौजूद कैंसर की गांठों में लाभ होता है।
  • तुलसी की पत्तियां 20 ग्राम, अजवायन 20 ग्राम, सेंधा नमक 10 ग्राम और एलोवेरा का गूदा 100 ग्राम प्रतिदिन खाली पेट खाएं तो गुर्दे के सभी विकार ठीक हो जाते हैं। मूत्र स्थान में होने वाले कैंसर प्रोस्टेट ग्रंथि कैंसर, मूत्र ग्रंथि अर्बुद में लाभ मिलता है। 
  • 100 ग्राम एलोवेरा के गूदे को गरम करके 1 चम्मच पुनर्नवा की जड़ में मिलाकर खाएं तो शरीर के किसी भी भाग में मौजूद कैंसर की गांठों में रक्त शुद्धि होकर वह ठीक हो जाती है।

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