अपनी डाइट से लगाएं बढ़ती उम्र पर लगाम

एक उम्र के बाद महिलाएं पुरुषों के मुकाबले ज्यादा उम्रदराज दिखने लगती हैं। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपने स्वास्थ्य की अनदेखी करना इसका बड़ा कारण है और नतीजतन उम्र से पहले ही बढ़ती उम्र की छाप हमारे शरीर और चेहरे पर नजर आने लगती है। अगर आप असमय बुढ़ापा आने से रोकना चाहती हैं तो अपने खान-पान में भरपूर पौष्टिक तत्त्वों को शामिल करें और तनाव मुक्त रहें, फिर देखिए आप कैसे तंदुरुस्त और जवां नजर आती हैं।

अगर आप अपनी उम्र को कुछ साल पीछे धकेलकर स्किन के ग्लो को अपना साथी बनाना चाहती हैं, तो आपको अपनी डाइट में कुछ जरूरी न्यूट्रिएन्ट को शामिल करना चाहिए। सबसे पहले हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि ये पोषक तत्व कौन से हैं, जो हमारे जवां दिखने के लिए जरूरी हैं। करक्यूमिन, पोलीफेनोल कंपाउंड्स, विटामिन डी, विटामिन सी, विटामिन ई, विटामिन के, विटामिन बी12, कैरोटेनॉयड्स, जिंक और व्हे प्रोटीन वे पोषक तत्व हैं, जिन्हें हमें अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। ये पोषक तत्व हमारी स्किन को सुन्दर, चमकदार और मुलायम बनाये रखने में सहायक है। इसके साथ-साथ हमें अपनी आंतों को भी स्वस्थ रखना जरूरी है ताकि ये सभी पोषक तत्त्व सही तरह से पचकर खून में घुल जाएं। इससे हमारी त्वचा भी स्वस्थ रहती है। आइए जानते हैं कि ये पोषक तत्त्व किन आहारों से मिलते हैं-

करक्यूमिन

यह वह मसाला है, जो आपके भोजन को पीला- संतरी रंग देता है। सालों से इसका इस्तेमाल मेडिसिनल हर्ब के तौर पर किया जाता रहा है। हल्दी में करक्यूमिन सबसे ज्यादा मात्रा में होता है, जिसमें पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट इनफ्लेमेशन के स्तर को कम कर सकता है। इसमें कोलैजन भी होता है, जो डैमेज से स्किन को बचाता है। हल्दी के अलावा, करीपत्ता से भी हमें करक्यूमिन मिलता है।

पोलीफेनोल कंपाउंड्स

पोलीफेनोल कंपाउंड्स कई तरह के कैंसर और सन डैमेज से हमारी स्किन की सुरक्षा करते हैं। ये सन स्पॉटस, बारीक रेखाएं और झुर्रियों जैसे उम्र के असर को भी उल्टा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि कई फेस क्रीम में पोलीफेनोल कंपाउंड्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये अमूमन पौधों में होते हैं और आप इन्हें फल, सब्जियों, चाय और मसाले के जरिए अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। पोलीफेनोल कंपाउंड्स हमें सेब, बेरी, अंगूर, आलूबुखारा जैसे फल, हर्ब्स, फ्लेक्स सीड्स, सूखे खजूर, सोयाबीन, अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों आदि से मिलता है।

विटामिन सी

पानी में घुलनशील यह विटामिन पावरफुल एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है, जो इनफ्लेमेशन को कम करके हेल्दी और ग्लोइंग स्किन देता है। पर्याप्त विटामिन सी आपकी डैमेज्ड स्किन की मरम्मत करने के लिए कोलैजन सिन्थेसिस को भी बढ़ाता है। फ्री रैडिकल्स आपकी स्किन के लिए ठीक नहीं हैं। आपकी बॉडी अगर ज्यादा फ्री रैडिकल्स का निर्माण करेगी तो यह आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती है। इसे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कहा जाता है। एक एंटी-ऑक्सीडेंट के तौर पर विटामिन सी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को होने से रोकता है, जो एजिंग प्रोसेस में मुख्य भूमिका निभाता है। विटामिन सी अल्ट्रा वायलेट से हुए डैमेज को भी ठीक करता है और स्किन की सुरक्षा करता है। विटामिन सी हमें सिट्रस फ्रूट्स जैसे आंवला, कीवी, बेरीज, ब्रोकोली, पालक, केला आदि से से मिलता है। इनमें डाइट्री फाइबर भी ज्यादा होता है।

विटामिन ई

फैट सॉल्यूबल विटामिन एंटी-इनफ्लेमेट्री और एंटी- ऑक्सीडेंट लाभ देते हैं ताकि आपका इम्यून सिस्टम, सेल फंक्शन और स्किन की हेल्थ को सपोर्ट किया जा सके। विटामिन ई हेल्दी और ग्लोइंग स्किन को सपोर्ट करके अल्ट्रा वायलेट डैमेज को कम करने में मदद करता है। विटामिन ई एक्ने और सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं को भी सुधारने में सहायक है। विटामिन ई हमें बादाम, सनफ्लावर सीड्स, सालमन, व्हीट ग्राम, स्प्राउट्स, अन्य नट्स और सीड्स से मिलता है।

विटामिन बी12

विटामिन बी12 कोशिका के निर्माण में भूमिका निभाता है, इस लिहाज से यह आपकी त्वचा पर बढ़ती उम्र के असर को कम करने में प्रभावशाली है। यह इनफ्लेमेशन, ड्राइनेस और एक्ने को कम करता है। कई बार यह सोरायसिस और एगजिमा को भी ठीक करने के काम आता है। विटामिन बी12 हमें डेयरी प्रोडक्ट्स, मीट, फिश, अंडे, स्प्राउट्स आदि से मिलता है।

विटामिन के

विटामिन के ब्लड वेसल्स की इलास्टिकईटी को सुधार कर ओवरऑल वस्कुलर हेल्थ को सुधारता है। यह स्ट्रेच मार्क्स, वेरीकोज वेंस, ब्रूजिंग, आंखों के नीचे सूजन, डार्क सर्कल्स और अन्य वस्कुलर समस्याओं को ठीक करने में सहायक है। विटामिन के हमें पालक, काले, पार्सले, पत्तागोभी, फूलगोभी, लेट्यूस, स्प्राउट्स, अनाज, ब्रोकोली आदि से मिलता है।

कैरोटेनॉयड्स

कैरोटेनॉयड्स स्किन के लिए एंटी-ऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और इसे अल्ट्रा वायलेट एक्सपोजर से बचाता है और टोन, ब्राइटनेस, फोटो प्रोटेक्शन और फर्मनेस को सुधारता है। यह बॉडी में इनफ्लेमेशन को भी कम करने में मददगार है। कैरोटेनॉयड्स हमें गाजर, टमाटर, मीठे आलू, पपीता, कद्दू, पालक, केसर, तीनों रंग की शिमला मिर्च आदि से मिलता है।

मैग्नीशियम

मैग्नीशियम एक ऐसा मिनरल है, जो 300 से अधिक एन्ज़ाइम सिस्टम में भूमिका निभाता है। मैग्नीशियम हेल्दी स्किन के लिए जरूरी होता है। यह प्रोटीन सिन्थेसिस और सेल्यूलर एनर्जी निर्माण में भूमिका निभाता है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट ग्लूटैथिऑन बनाने में मदद करता है और एक्ने जैसी त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करता है। यह स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसॉल को कम करने में प्रभावशाली है। अध्ययन बताते हैं कि क्रोनिक स्ट्रेस से सोरायसिस हो जाता है।

मैग्नीशियम आपकी अच्छी नींद में भी सहायक है, यानी चैन की नींद से आपकी स्किन भी अच्छी रहेगी। यह हमें नट्स, सीड्स, ड्राई फ्रूट्स, व्हीट ग्राम, ओट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां, फ्लेक्स सीड्स आदि से मिलता है।

ओमेगा-3 फैटी एसिड

क्रोनिक इनफ्लेमेशन से आप समय से पहले उम्रदराज दिखने लगते हैं। यह इनफ्लेमेशन कोशिकाओं को क्षति पहुंचा सकता है, जिससे डीएनए डैमेज और टिशू डेथ हो सकती है। ये आपकी त्वचा को बुरी तरह से प्रभावित कर सकते हैं। क्रोनिक इनफ्लेमेशन से एगजिमा, डर्मेटाइटिस और सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी समस्या हो सकती है। ऐसे में ओमेगा-3 फैटी एसिड अल्ट्रा वायलेट डैमेज को कम करके आपकी स्किन को हाइड्रेटेड रख सकता है। बस आपको यह ध्यान रखना है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त फूड्स को एयर टाइट कंटेनर में रखना चाहिए और समय रहते खा लेना चाहिए। ओमेगा-3 फैटी एसिड हमें फिश, नट्स, चिया सीड्स, फ्लेक्स सीड्स से मिलता है।

व्हे प्रोटीन

व्हे प्रोटीन लीन मसल मास को बूस्ट अप करता है, वजन बढ़ने से रोकता है। यह स्किन और ब्लड वेसल्स को मजबूत करता है। व्हे प्रोटीन में मिलने वाला अमीनो एसिड ऑक्सीजन सप्लाई करके आपकी त्वचा को पोषण देता है। यह आपके कोलैजन के प्राकृतिक निर्माण और इलास्टिन को बूस्ट करने में मदद करता है, जिससे स्किन अधिक प्लम्प नजर आती है। व्हे प्रोटीन हमें डेयरी प्रोडक्टस से मिलता है। पनीर बनने के बाद जो पानी बचता है उससे मिलता है या फिर व्हे प्रोटीन सप्लीमेंट मार्केट से भी ले सकते हैं।

आप चाहे एंटी एजिंग के लिए अपनी खास डाइट लेना चाहती हों, या किसी अन्य कारण से, इन न्यूट्रिएन्ट को अपनी डाइट में शामिल करने के लिए बेहतर यही है कि आप इनसे युक्त फूड्स का ही सेवन करें। इसके अलावा, पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन आपको वाइब्रन्ट और हेल्दी स्किन दे सकता है। सही एक्सरसाइज, स्ट्रेस मैनेजमेंट और सही अनुपात में गहरी नींद आपकी स्किन पर से एजिंग के असर को कम करने में सहायक है।

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