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benefits of eating dessert
Benefits of Eating Dessert

Benefits of Eating Dessert: मीठा खाना तो हर किसी को अच्छा लगता है लेकिन अति हर चीज की बुरी होती है। खाना खाने के बाद अकसर हमें मीठे की तलब उठती है। मन करता है थोड़ा मीठा मिल जाता तो अच्छा रहता खाने का स्वाद और बढ़ जाता। लेकिन हम इस दुविधा में रहते है आखिर क्यों खाने के बाद हमेशा मीठा खाने का मन करता है क्या ये सही है या गलत। ऐसे सभी सवालों का जवाब आपको इस लेख में मिलेगा। आइये जानते हैं-

आखिर मीठा खाने का मन क्यों करता है

मीठी चीजों में कार्बोहाइड्रेट होता है, जो पाचन प्रक्रिया को कुछ धीमा कर देता है पर खाना खाने के बाद मीठा खाने से पाचन प्रक्रिया दुरुस्त रहती है । इसलिए मीठा खाने की इच्छा होती है । आयुर्वेद के अनुसार खाने के बाद मीठा खाने से अम्ल की तीव्रता कम हो जाती है जिससे पेट में जलन या एसिडिटी नहीं होती है।

मीठा खाने से क्या होता है

मीठा खाने से सेरोटोनिन नाम के हॉर्मोन का स्तर बढ़ता है। ये न्यूरोट्रांसमीटर का काम करता है जिससे मीठा खाने के बाद आपको खुशी का अनुभव होता है। जो लोग भारी खाना खा लेते हैं उन्हें हाइपोग्लाइसीमिया की स्थिति से गुजरना पड़ता है। इस स्थिति में ब्लड प्रेशर काफी कम हो जाता है, जो काफी खतरनाक हो सकता है इस स्थिति से बचने के लिए खाने के बाद मीठा खाने की सलाह दी जाती है।

खाना खाने के बाद किस तरह का मीठा खाना है फायदेमंद

खाना खाने के बाद यदि आपका मीठा खाने का मन करता है तो जरूरी है कि आप ऐसा मीठा खाएं जो फायदेमंद हो न कि उससे आपकी परेशानियां बढ़ जाएं । प्राचीन काल की बात की जाए तो उस समय खाने के बाद मीठे में खासतौर पर हलवा, खीर, सेवइयां ,चूरमा आदि का सेवन करते थे और सर्दियों में गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई जैसे गुड़-तिल के लड्डू आदि इस तरह की मिठाई खाते थे जिससे आपका खाना सही से पच जाए। आजकल तो मिठाई के नाम पर केक, पेस्ट्री, डोनट, आइसक्रीम, चॉकलेट, कैंडी आदि का चलन है जोकि शुगर से भरे होते हैं इनमें तरह-तरह के केमिकल का प्रयोग किया जाता है। इसलिए इस तरह के मीठे को खाने से बचें जो आपकी सेहत को खराब कर दे।

खाने के बाद मीठा खाने की इच्छा होने पर ये सेहतमंद चीजें खाएं

पीनट बटर

पीनट बटर अनप्रोसेस्ड फूड होता है, जो कि मूंगफली से बनता है। इसमें काफी मात्रा में प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर पाया जाता है। अगर किसी को भोजन के बाद मीठा खाने की क्रेविंग हो रही है, तो वह नेचुरल पीनट बटर का भी सेवन कर सकता है। इसमें विटामिन ई, मैग्नीशियम, विटामिन बी 6, विटामिन बी 3,फोलेट, कॉपर, मैगनीज जैसे कई माइक्रोन्यूट्रीएंट पाए जाते हैं, जो कि शरीर को विभिन्न प्रकार से फायदा पहुंचाते हैं। लेकिन ध्यान रखें, इसमें कैलोरी काफी अधिक होती है। 20 ग्राम पीनट बटर में लगभग 180 कैलोरी होती है, इसलिए मात्रा को ध्यान में रखकर खाएं।

दही

दही को भी आप खाने के बाद शामिल कर सकते है। दही में प्रोटीन, फैट के साथ विभिन्न पोषक तत्व होते हैं। इसलिए चाहें तो दही का भी सेवन खाने के बाद कर सकते हैं। इनके सेवन से मीठा खाने की क्रेविंग कम हो जाएगी, क्योंकि इनमें नेचुरल मिठास होती है। इनमें शुगर मिलाकर सेवन न करें।

फ्रूट्स

केला, जामुन, आम, तरबूज, पपीता आदि फल मीठा खाने की क्रेविंग को कम कर सकते हैं। अगर खाने के बाद मीठा खाने की क्रेविंग हो रही है तो कुछ फलों का सेवन करें। मीठा खाने की क्रेविंग दूर हो जाएगी।

एक दिन में कितना मीठा खाएं

ये जरूरी है कि आपको पता होना चाहिए कि आपको कितनी मात्रा में मीठे का सेवन पूरे दिन में करना चाहिए। महिलाओं को एक दिन में कम से कम 100 कैलोरी और पुरुषों को 150 कैलोरी मीठा खाना चाहिए । इससे अधिक लेने पर शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

मीठा खाने के फायदे

  • मीठा खाने से हमारे अंदर हैप्पी हॉर्मोन पैदा होता है। यानी की मीठा खाने के बाद सेरोटोनिन हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है। जिससे हमारे मन को खुशी का एहसास होता है। इसलिए अगर आपका मन दुखी है या आप लो फील कर रहे हैं तो आपको जरा सा मीठा खा लेना चाहिए। ये न्यूरोट्रांसमीटर का काम करता है।
  • हाईबीपी में अक्सर डार्क चॉकलेट का सेवन करने के लिए कहा जाता है। क्योंकि ये बीपी को कम करने में सहायक साबित होती है। डार्क चाकलेट को आप 200 ग्राम के लगभग ले सकते है।
  • मीठा खाने से आपमें एनर्जी की मात्रा बढ़ जाती है। अक्सर देखने में आता है कि मीठा खाने से आपका शरीर एक्टिव हो जाता है साथ ही भोजन की आदत में सुधार आता है लेकिन सबसे ज्यादा निर्भर करता है कि किस तरह का मीठा आप खाने में शामिल कर रहे है ।

मीठा खाने के नुकसान

  • मीठे का अत्यधिक सेवन आपके शरीर के लिए हानिकारक भी हो सकता है। क्योंकि किसी भी चीज की अति आपको दिक्कत में ला सकती है। मीठे का ज्यादा सेवन से आपकी हडिडयां भी कमजोर हो सकती हैं इसलिए एक सीमा तक ही किसी चीज का सेवन करें।
  • सोडा या बेक की हुई मीठी चीजे अधिक खाने से इम्युनिटी पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को कमजोर बनाता है और साथ ही बीमारियों का जोखिम बढ़ाता है। कुछ शोध में बताया गया है कि मीठी चीजे सफेद कोशिकाओं पर दबाव डालती है जो की बैक्टीरिया को नष्ट करने में मदद करता है।
  • अत्यधिक मीठा खाने से दांतो में दर्द की समस्या होने लगती है। मीठा मसूड़ों में सड़न उत्पन्न करता है जो धीरे-धीरे पायरिया व अन्य जोखिम को बढ़ावा देता है। 
  • मीठा खाने से डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। इसका मुख्य कारण मीठी चीजे रक्त शर्करा को बढ़ावा देते है और शुगर का स्तर बढ़ता है । व्यक्ति को अनेकों लक्षण शुरू होने लगते हैं । मीठा इन्सुलिन बनने नहीं देता है। इस वजह से भूख लगती है और भूख की कमी दूर नहीं होती है।

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