Yoga for Cholesterol: यदि कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा हुआ रहता है, तो इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, क्रोनरी आर्टरी डिज़ीज़, पेरिफ़ेरल आर्टरी डिज़ीज़, हाई ब्लड प्रेशर, चेस्ट पेन, पेट में दर्द, पित्त की पथरी, नसों में झनझनाहट और पाचन से जुड़ी समस्याएं होने का खतरा रहता है। हम कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए तमाम तरह के उपाय करते हैं और दवाइयां खाते हैं जबकि सच तो यह है कि कुछ योग आसान इसे कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। आइए आज इस लेख में ऐसे ही 8 योग आसनों के बारे में जानते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में मददगार हैं।
त्रिकोणासन

अंग्रेजी में इसे ट्रायएंगल पोज़ भी कहा जाता है, जो पैरों को फैलाता और मजबूत करता है। यह चेस्ट को भी खोलता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है। यह डायजेशन के लिए भी अच्छा है। इस तरह से देखा जाए तो त्रिकोणासन कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने के लिए बढ़िया है।
वक्रासन

इसे सीटेड ट्विस्ट भी कहा जाता है,जो पेट के अंगों को स्टिमूलेट करने में मदद करता है। इसमें लिवर भी शामिल है, जो कोलेस्ट्रॉल, मेटाबॉलिज़्म और रेगुलेशन में अहम भूमिका निभाता है।
भुजंगासन

इसे अंग्रेजी में कोबरा पोज़ कहा जाता है, जो रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और चेस्ट को खोलता है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसे लगातार करने से यह ब्लड सर्कुलेशन में सुधार लाने में मददगार है। यह थायरॉयड ग्लैन्ड के लिए भी फायदेमंद है, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है।
उस्ट्रासन

कैमल पोज़ हार्ट ओपनिंग पोज़ है जो चेस्ट को फैलाने, मजबूत करने और पोस्चर में सुधार करने में मददगार है। यह कोलेस्ट्रॉल लेवल के साथ तनाव को कम करने में भी मदद कर सकता है।
अर्ध शलभासन

इसे हाफ लोकस्ट पोज़ भी कहा जाता है, जो पीठ के निचले हिस्से को मजबूत करता है और पेट के अंगों को स्टिमूलेट कर सकता है। इससे डायजेस्टिव सिस्टम को लाभ होता है और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में भी मदद मिलती है।
सर्वांगासन

यह दिखने में मुश्किल लगता है लेकिन थोड़े अभ्यास के बाद इसे आसानी से किया जा सकता है। इसे हम शोल्डर स्टैंड भी कहते हैं, जो थायरॉयड ग्लैन्ड को स्टिमूलेट करने में मदद कर सकता है और यही कोलेस्ट्रॉल रेगुलेशन में शामिल है। यह ब्लड सर्कुलेशन में भी सुधार करता है और तनाव को कम करने में भी अहम भूमिका निभाता है।
हलासन

यदि आपने सर्वांगासन कर लिया तो हलासन करने में आपको कोई खास दिक्कत नहीं होनी चाहिए। हलासन को फॉरवर्ड बेन्डिंग पोज़ भी कहा जाता है, जो थायरॉयड ग्लैन्ड को स्टिमूलेट करने और पाचन में सुधार लाने में मदद कर सकता है। यह एड्रीनल ग्लैन्ड के लिए भी फायदेमंद है, जो कोलेस्ट्रॉल के संतुलन में अहम भूमिका निभाता है।
सूर्य नमस्कार

इसे एक क्रम में किया जाता है, जो पूरे शरीर के लिए शानदार वर्कआउट है। इसमें कुल 12 योग आसान शामिल हैं, जिनके नियमित अभ्यास से दिल की सेहत और ओवरऑल फिटनेस में सुधार करने में मदद मिल सकती है।
