3 types of yoga can reduce uric acid
3 types of yoga can reduce uric acid

Yoga for Uric Acid: योग मुद्राओं के माध्यम से कई प्रकार के रोगों में लाभ पहुंचता है, यदि इसका नियमित अभ्यास किया जाए तो आपको यूरिक एसिड जैसे समस्या में राहत मिल सकती है। यदि आप भी यूरिक एसिड से परेशान हैं तो इन 3 प्रकार के योगासनों का अभ्यास करते रहें।

यूरिक एसिड ऐसा विषाक्त पदार्थ है, जिसके बढ़ने पर शरीर में गठिया और गाउट की समस्या होने लगती है। ये विषाक्त पदार्थ खाने के पचने के बाद लिवर, आंत और वैस्कुलर से बनता है। जिसे किडनी पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है, लेकिन बाहर नहीं निकलने की स्थिति में ये
क्रिस्टल के रूप में हड्डियों में जमा होने लगता है, जो इन्हें कमजोर बनाता है जिस कारण व्यक्ति की हड्डियों में तेज दर्द, अकड़न, गठिया और गाउट की समस्या होने लगती है। कई बार ये समस्या इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल तक जाना पड़ सकता है। हाई यूरिक एसिड की समस्या लोगों में खराब जीवन शैली के कारण उच्च स्तर पर दिखाई दे रही है।

हाई यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर द्वारा इलाज करते हैं। इस समस्या को कम करने के लिए कई तरह के घरेलू उपाय और डाइट का भी सहारा लिया जा सकता है। हाई यूरिक एसिड की समस्या को योगासन द्वारा भी कई हद तक कंट्रोल किया जा सकता है लेकिन कई लोग व्यस्त जीवन शैली के चलते इसके लिए समय नहीं निकाल पाते। अगर आप भी इन्हीं लोगों में शामिल हैं तो हम आपको आज कुछ ऐसे योगासन के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आप बिस्तर पर लेटे-लेटे कर सकते हैं।

Yoga for Uric Acid-Dhanurasana
Dhanurasana

धनुरासन जैसा कि नाम से पता चलता है धनुष की आकृति। इस आसन की पूर्णता में शरीर धनुष की आकृति में आ जाता है। इस आसन को करने से हड्डियों में लचीलापन आता है। साथ ही हड्डियों में जमा होने वाले यूरिक एसिड के क्रिस्टल पिघलकर शरीर से निकल जाते हैं।

स्टेप 1: बिस्तर पर सीधे होकर लेट जाएं।
स्टेप 2: टांगों को घुटनों से मोड़कर हाथों से पैरों को पकड़ लें।
स्टेप 3: पैरों को पकड़े और सांस लेते हुए सिर, छाती और जांघ को ऊपर की तरफ उठायें।
स्टेप 4: अपनी क्षमता के अनुसार कुछ समय के लिए इसी पोजीशन में रुकें और धीरे-धीरे नीचे की तरफ आते हुए पहले स्टेप की पोजीशन में आ जाएं।

नोट: आसन को करते हुए शरीर के साथ किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती न करें।

ताड़ासन का अर्थ ताड़ के पेड़ से है, जो बिल्कुल सीधा होता है। इसी पेड़ की तरह इस आसन में शरीर को भी बिल्कुल सीधा रखा जाता है। ताड़ासन करने से शरीर की हड्डियों में खींचाव आता है और जांघों, घुटनों और टखनों को मजबूती प्रदान करता है। ये सबसे सरल योगासन है।

How to do Tadasana
How to do Tadasana

स्टेप 1: सबसे पहले बिस्तर पर सीधे खड़े हो जाएं।
स्टेप 2: अब दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाकर हाथों को खींचते हुए सांस भरकर ऊपर की तरफ लेकर जाएं।
स्टेप 3: हाथों को अपनी क्षमता के अनुसार ज्यादा से ज्यादा ऊपर की तरफ खींचे।
स्टेप 4: अब एड़ियों को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठाते हुए पंजों के बल खड़े होकर संतुलन और अपनी क्षमता के अनुसार कुछ देर इसी पोजीशन में रुकें।
स्टेप 5: न रुक पाने की स्थिति में सांस छोड़ते हुए एड़ियों को बिस्तर पर ले आएं और दोनों हाथों को दाएं-बाएं करते हुए शरीर के साथ ले आएं।

नोट: आसन को करते हुए शरीर के साथ किसी भी तरह की जोर जबरदस्ती न करें।

गोमुखासन आसन में शरीर को गाय के मुख (मुंह) के आकार के समान बनाया जाता है। इस आसन को करने से न सिर्फ हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत एवं लचीला बनाया जाता है बल्कि इसके करने से हाई यूरिक एसिड भी नियंत्रित रहता है।

How to do Gomukhasana
How to do Gomukhasana

स्टेप 1: सबसे पहले अपने बिस्तर पर क्रॉस लेग (सुखासन या दण्डासन) मुद्रा में बैठ जाएं। ये इस आसन की पहली मुद्रा है।
स्टेप 2: दाएं पैर को बाएं पैर की जांघ पर रखें।
स्टेप 3: अब दाएं हाथ को कंधे के ऊपर रखें और कोहनी को पीठ के जितना हो सके अपनी क्षमता अनुसार लेकर जाएं।
स्टेप 4: अब बाईं कोहनी को पीछे की तरफ लेकर दोनों हाथों को मिला दें।
स्टेप 5: इस पोजीशन में रखते हुए गहरी और लंबी सांसें लेते रहें। न रुक पाने की स्थिति स्टेप बाय स्टेप पहले पहली मुद्रा में आ जाएं।

नोट: इस आसन को करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका बिस्तर एक समान हो, वरना आसन को करने में कठिनाई हो सकती है।

वर्तमान में गृहलक्ष्मी पत्रिका में सब एडिटर और एंकर पत्रकारिता में 7 वर्ष का अनुभव. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी दैनिक अखबार में इंटर्न के तौर पर की. पंजाब केसरी की न्यूज़ वेबसाइट में बतौर न्यूज़ राइटर 5 सालों तक काम किया. किताबों की शौक़ीन...