Stress and Cortisol Levels: स्ट्रेस जब सुबह सुबह हमारे मन में घुस जाता है, कभी हमारी डेडलाइन से चिपक जाता है, तो समझ ही नहीं आता है कि हम क्या करें। हम आसानी से स्ट्रेस को खत्म नहीं कर सकते हैं, लेकिन हम अपने शरीर को बेहतर तरीके से रिस्पॉन्ड करने के लिए ट्रेनिंग जरूर दे सकते हैं। इसकी शुरुआत हमारे शरीर के प्राइमेरी स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसॉल को समझने से होती है। जब कॉर्टिसॉल लंबे समय तक हाई रहता है, तो यह नींद, पाचन, याददाश्त में बाधा डाल सकता है और यहां तक कि वजन भी बढ़ा सकता है। स्ट्रेस को कम करने और कॉर्टिसॉल लेवल को बैलेंस करने के लिए यहां 10 आसान टिप्स दिए जा रहे हैं।
नैचुरल रोशनी में जागें

आपके शरीर को म्यूजिक और रिदम पसंद है। अपने दिन की शुरुआत सुबह की रोशनी में करें। यह आपके शरीर की अंदरूनी घड़ी को सेट करने के साथ कॉर्टिसॉल लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है।
ब्रेकफ़ास्ट में लें प्रोटीन
हाई प्रोटीन वाला नाश्ता (जैसे अंडे, ग्रीक योगर्ट या नट्स) सुबह को होने वाली थकान को कम कर सकता है। यह आपके खाली शरीर में कॉर्टिसॉल को बढ़ने से रोक सकता है।
शॉर्ट वॉक है जरूरी

हमें पूरे दिन बैठने से हमेशा मना किया जाता है। घर के आस पास ही सही, 10 मिनट की वॉक एड्रेनालाईन बिल्डअप को कम करके कॉर्टिसॉल लेवल को कम करती है। यह आपके नर्वस सिस्टम को रीसेट भी करता है।
कंट्रोल्ड रूप से सांस लेना
गहरी पेसांस लेना सिर्फ योग नहीं है। पांच मिनट की कंट्रोल रूप से ली गई सांस आपके पैरासिम्पेथेटिक सिस्टम (शरीर का ब्रेक पेडल) को एक्टिव करती है। चार मिनट तक सांस लें, छह मिनट तक सांस छोड़ें, यह कॉर्टिसॉल को कम करने में मददगार है।
स्क्रॉल न करें

आपके दिमाग को यह नहीं पता है कि स्ट्रेस के बारे में पढ़ना और इसे अनुभव करना, दोनों के बीच क्या अंतर है। एंजायटी पैदा करने वाले मीडिया को कम देखना और सुनना, खासकर सुबह या सोने से पहले आपके कॉर्टिसॉल लेवल को ठीक रखने में मदद कर सकता है।
रात में करें मैग्नीशियम का सेवन
मैग्नीशियम ग्लाइसीनेट या साइट्रेट एक शांत पावर हाउस है। यह आपके नर्वस सिस्टम को शांत करके नींद लाने में सहायता करता है, और कॉर्टिसॉल रेगुलेशन में भी मददगार है। इसे आप रात में चाय, सप्लीमेंट या यहां तक कि गर्म एप्सम सॉल्ट बाथ के रूप में शामिल कर सकती हैं।
ना कहें

जहां भी आपको लगे कि आप उस काम को नहीं कर सकती हैं, उस काम को सीधे मना कर दें। बिना किसी अपराधबोध के “ना” कहें और यह जान लें कि यह स्वार्थी होना नहीं है। अपने लिए बाउंड्री बनाना जरूरी है और यह आपके हार्मोन की रक्षा भी करता है।
ठंडे पानी से नहाना
स्ट्रेस ज्यादा हो रहा है तो ठंडे पानी से नहा लें। यह मुश्किल लग सकता है लेकिन यकीन मानिए यह आपके वेगस नर्व को एक्टिव करता है, सूजन को कम करता है, और आपके शरीर को स्ट्रेस के प्रति अधिक कुशलता से रीस्पॉन्ड करने में मदद करता है। ठंडे पानी से नहाने के सिर्फ 30 सेकंड आपके मूड को बदल सकते हैं।
एक समय पर एक काम और वो भी धीरे-धीरे

चाय बनाने, कपड़े तह लगाने या बर्तन धोने की कोशिश करें, लेकिन एक साथ नहीं बल्कि अलग अलग। जानबूझ कर धीरे धीरे किए गए काम मेडिटेशन की तरह महसूस हो सकते हैं और इस तरह से शरीर से कॉर्टिसॉल लेवल धीरे धीरे कम हो सकता है।
पर्याप्त नींद लें
रोजाना 7 से 9 घंटे की नींद लेना जरूरी है। स्क्रीन के बिना रिलैक्स करें और कमरे को ठंडा के साथ अंधेरा रखें। अच्छी नींद आपके शरीर को बेहतर तरीके से रीसेट करती है। कॉर्टिसॉल लेवल को बैलेंस करने और मस्तिष्क को एनर्जी से भर देने के लिए भी यह जरूरी है।
