मक्के या मकई का शहरी नाम है ‘पॉपकॉर्न जिसे लोग आमतौर पर स्नैक्स के रूप में खाते हैं। हल्का-फुल्का खाने की इच्छा हुई तो पॉपकॉर्न, सिनेमा देखना है तो पॉपकॉर्न या कहीं घूमने-फिरने गए तो भी हममें से कई लोगों की पहली पसंद पॉपकॉर्न होती है। भारत के ग्रामीण इलाकों में मकई बहुत पहले से लोकप्रिय है। लोग उसे भूनकर भुजा के रूप में बड़े चाव से खाते हैं और शहरों में यह पॉपकॉर्न के नाम से जाना जाता है। पॉपकॉर्न में फाइबर, पॉलिफेनोलिक कंपाउंड, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन बी कॉम्पलेक्स, मैंगनीज और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्त्व मौजूद होते हैं।

आमतौर पर लोग वक्त बिताने के लिए पॉपकॉर्न खाते हैं। लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि पॉपकॉर्न कितना खाएं और कैसे खाएं। आजकल बाजार में पॉपकॉर्न के भी कई फ्लेवर आने लगे हैं और लोग इसे पसंद भी करते हैं। यदि स्वाद के साथ-साथ सेहत को भी ध्यान में रखकर पॉपकॉर्न का सेवन करें तो इससे हमारे स्वास्थ्य को कई लाभ हो सकते हैं-

कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण

पॉपकॉर्न कोलेस्ट्रॉल लेवल को संतुलित रखता है। शरीर में कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने से  हार्ट अटैक की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में पॉपकॉर्न इसकी संभावना कम कर सकता है क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा कम हो जाता है। पॉपकॉर्न पर लहसुन और काली मिर्च पॉउडर डालकर खाने से दिल मजबूत बनता है।

कैंसर से बचाए

पॉपकॉर्न में पॉलिफेनोलिक यौगिक नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो कैंसर उत्पन्न करने वाले फ्री रैडिकल्स (मुक्त कणों) को रोकते हैं।

वजन करे नियंत्रित

यदि आप नियमित तौर पर सीमित मात्रा में सादे पॉपकॉर्न का सेवन करें तो आप अपना वजन नियंत्रित कर सकते हैं। इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है। इसके  सेवन से जल्दी भूख भी नहीं लगती। पॉपकॉर्न में संतृप्त वसा भी बहुत कम होती है।

हड्डिïयों को मजबूत बनाता है

पॉपकॉर्न में मैंग्नीज प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हमारी हड्डिïयों को मजबूत बनाता है। हड्डिïयां मजबूत हों तो ऑस्टियोपोरोसिस, आर्थराइटिस और ऑस्टियो आर्थराइटिस होने से बच सकते हैं।

रोके बढ़ती उम्र का असर

ढलती उम्र के लक्षणों को भी दूर करता है पॉपकॉर्न। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंटस चेहरे पर झुर्रियां, दाग-धब्बे, बालों का झड़ना, मांसपेशियों की कमजोरी और अंधापन को रोकता है।

मधुमेह में भी असरदार

इसमें मौजूद फाइबर मधुमेह रोगियों के लिए भी लाभदायक है। यह खून में शर्करा और इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करता है।

आयरन से भरपूर

यदि आपके शरीर में आयरन की कमी है तो आप पॉपकॉर्न खाएं। आपको आयरन की गोलियां खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि पॉपकॉर्न में आयरन की प्रचुर मात्रा होती है।

पाचन तंत्र दुरुस्त रखता है

पॉपकॉर्न एक साबुत अनाज माना जाता है। इसमें चोकर के गुण मौजूद होते हैं, जो पाचन क्रिया के लिए अच्छा है। पॉपकॉर्न में फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होता है, जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती। पॉपकॉर्न नि:संदेह पोषक तत्त्वों से भरा और सेहतमंद स्नैक्स हो सकता है, यदि हम इसे सेहत को ध्यान में रखकर खाएं तो। कई लोग पॉपकॉर्न को अत्यधिक नमक, मक्खन, चीज आदि मिलाकर खाना पसंद करते हैं, जिसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है-

  • पॉपकॉर्न में अतिरिक्त नमक, मक्खन या चीज डालकर ना खाएं क्योंकि आमतौर पर यह पहले से ही इन पदार्थों से भरपूर होता है।
  • बाजार में बिकने वाले पॉपकॉर्न में कैलोरी की मात्रा भी अधिक होती है, जिससे वजन बढ़ सकता है।
  • माइक्रोवेव पॉपकॉर्न या पैकेटबंद पॉपकॉर्न को पैक करने के लिए जिस प्लास्टिक का प्रयोग होता है उसमें परफलोरिनेटेड कंपाउड्स नामक तत्त्व होते हैं, जिससे पैकेट में मौजूद तेल या मक्खन बाहर नहीं निकल पाते। पैकेटबंद पॉपकॉर्न खाने से कैंसर की संभावना होती है और यह पॉपकॉर्न हमारे दिल को भी नुकसान पहुंचाता है।
  • ज्यादातर बाजार में मिलने वाले पॉपकॉर्न में तय मानकों से ज्यादा नमक की मात्रा होती है, जिससे आपका ब्लड-प्रेशर बढ़ सकता है। हृदय पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।
  • एक शोध के अनुसार प्रतिदिन एक निश्चित सीमा से अधिक मात्रा में पॉपकॉर्न खाने से याद्दाश्त कमजोर होती है। ये हमारे दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं।

यदि आपको पॉपकॉर्न बेहद पसंद है तो इसे घर में ही कम तेल या घी में पकाएं। सिर्फ भुना हुआ और सादा अथवा हल्का नमक डालकर खाएं। यह स्वादिष्टï भी होगा और आपकी सेहत के लिए अच्छा भी।

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