मॉनसून में संभल कर चुनें अपना भोजन: Monsoon Health Tips
Monsoon Health Tips

Monsoon Health Tips: मॉनसून के मौसम में जब चटपटा खाने के लिए मन ललचाए, तब हमारे शेफ गुरु की ये टिप्स ज़रूर अपनाएं-

इस मौसम में उमस अपने साथ कई तरह के बैक्टीरिया ले कर आती है, जिससे इन्फेक्शन फैलता है, इसलिए स्ट्रीट-फूड को अवॉयड करना चाहिए। झुलसाती गर्मी के बाद हम मॉनसून के स्वादिष्ट खाने का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं। ‘गर्मगर्मा चाय और पकौड़े, मॉनसून का इससे अच्छा वर्णन और क्या हो सकता है! जहां इस मौसम के ज़ायके अलग हैं, वहीं इसके अपने-आप में कई खतरे भी हैं। खासकर खाने केमामले में हमें मॉनसून में होने वाली बीमारियों से बचने केलिए अपने शरीर को तैयार रखना चाहिए।

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सीज़नल फ्रूट जैसे चेरी, आडू, अनार, नाशपती, आलू बुख़ारा प्राकृतिक एंटी ऑक्सीडेंट है। ये विटामिन और मिनरल से भरपूर होते हैं और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है। साथ ही सेहत के लिए भी बहुत लाभदायक हैं।
इस मौसम में उमस अपने साथ कई तरह के बैक्टीरिया ले कर आती है, जिससे इन्फेक्शन फैलता है, इसलिए स्ट्रीट-फूड को अवॉयड करना चाहिए। बाहर बिकने वाले कटे हुए फल नहीं खाने चाहिए। इस समय पर टाइफाइड और फ्लू जैसी बीमारियां तेजी से फैलाती हैं। घर पर ही ताज़ा फलों का रस निकाल कर पीएं।
नॉन-सीज़नल फलों के साथ पत्तेदार सब्जि़यां भी अवॉयड करनी चाहिए, क्योंकि उनमें कीड़ों का बहुत खतरा होता है। यदि इस्तेमाल करें भी तो अच्छी तरह धोकरकरें। रंगीन सब्जियां और मसाले जैसे- हल्दी, सरसों, हींग, धनिया, काली मिर्च, ज़ीरा, अदरक, लहसुन, करी पत्ता बहुत फायदेमंद होते हैं। ये पाचन शक्ति बढ़ाने में मदद भी करते हैं।
चावल और वेजिटेबल ओट्स खाए जा सकते हैं। कॉर्न और कम नमक के अन्य सीज़नल कॉम्बिनेशन घर पर बनाना आसान भी होता है और हेल्दी भी।
नॉन-वेजिटेरियन लोगों के लिए हल्का खाना, जैसे सूप वगैरह ही अच्छा है। यह शरीर का पोषण करता है और इम्यून सिस्टम मज़बूत बनाता है। फिश, प्रांस और अन्य मीट अवॉयड करने चाहिए। भारी खाना स्टमक इंफेक्शन और अपच की समस्या पैदा कर सकता है। सी-फूड केमामले में सतर्क रहिए। स्नैकिंग के लिए चाहे मॉनसून हो या कोई भी सीज़न, अखरोट, बादाम, खजूर सबसे अच्छी चीज़ें हैं। विटामिंस व मिनरल युक्त ये पदार्थ सेहत के लिए बहुत लाभदायक हैं। इस मौसम में हर बार खाने के बाद सौंफ का शर्बत ज़रूर पीएं। इससे गैस्ट्रिक प्रॉब्लम नहीं होगी। मॉनसून में अदरक वाली चाय और ग्रीन टी एंटी-ऑक्सीडेंट का काम करती हैं। इनका सेवन ताज़गी बनाए रखता है। क्या खाएं और क्या ना खाएं, इसका निर्णय बहुत सोच-समझ कर लेना चाहिए। ‘आज का सही निर्णय आपको कल स्वस्थ रखेगा। इस मौसम में स्ट्रीट फूड, सी फूड और मिल्क प्रॉडक्ट को अवॉयड करें और उबली सब्जियां ज़्यादा से ज़्यादा खाएं। ऌपानी भी उबालकर ही पिएं।

सामग्री: सत्तू का आटा 1 कप, उबली-मैश की हुई चने की दाल द कप, उबले हुए चावल ½ कप, कटी हुई अदरक 1 इंच, कटा हुआ लहसुन 2 छोटे चम्मच, कटी हुई हरी मिर्च 2-3, कटी हुई प्याज 2 (छोटी), ज़ीरा पाउडर 2 छोटे चम्मच, लाल मिर्च पाउडर 2-3 छोटे चम्मच, चाट मसाला ½ बड़ा चम्मच, फ्रेश कटा हुआ धनिया 3 बड़े चम्मच, मक्की का आटा 2 बड़े चम्मच, तेल-हल्का तलने के लिए नमक स्वाद के अनुसार।
विधि: एक बाउल में सत्तू का आटा, चने की दाल, उबले हुए चावल, अदरक, लहसुन, हरी मिर्च और कटी हुई प्याज, ले लीजिए और अच्छे से मिक्स कर लें। उसमें ज़ीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, चाट मसाला, नमक और कटा हुआ धनिया डालें और अच्छे से मिक्स कर लें। मिक्सचर को 10-12 मिनट रख दें। उसके बाद इसे बराबर भाग में बांट कर टिक्की बना लें। हर टिक्की को मक्की के आटे में रोल कर लें। गोल्डन ब्राउन होने तक धीमी आंच पर फ्राई करें। पुदीने की चटनी के साथ सर्व करें।