सर्दियां अस्थमा के मरीजों के लिए काफी दिक्कत लेकर आती है। हवा में ऑक्सीजन की कमी और बढ़ता प्रदूषण सांस लेने में दिक्कत देता है। सर्दियों में खांसी और कफ की वजह से भी सांस लेने में दिक्कत आती है। ऐसे में शरीर को गर्म रखने और कफ को बाहर निकालने के लिए रोज तिल के लड्डू का सेवन असरदार साबित होता है। तिल के लड्डुयों को दूध के साथ भी ले सकते हैं।
गर्म तासीर की वजह से तिल के लड्डू सर्दियों में होने वाली दिक्कतों जैसे सर्दी-खासी और जोड़ों में दर्द में आराम दिलाता है। इसके साथ, जिन लोगों को ज्यादा ठंडी लगती है उनके लिए भी ये लड्डू बहुत फायदेमंद होते हैं। वहीं, कब्ज की परेशानी या खाना पचाने में दिक्कत आने पर भी रोज़ाना तिल के लड्डुओं का सेवन करे। जिन्हें तिल पंसद नहीं वो लोग सिर्फ गुड़ खाने से भी इस परेशानी से राहत पा सकते हैं।
रोजाना तिल के लड्डू का सेवन जोड़ों के दर्द में बहुत राहत देता है, क्योंकि गुड़ में मौजूद आयरन जोड़ों को मजबूत बनाता है। आप इन लड्डुओं को रोजाना रात को दूध के साथ खाएं, क्योंकि दूध की मदद से कैल्शियम और विटामिन डी भी आपको मिलेगा, जो हड्डियों के लिए और भी फायदेमंद होता है। अगर आप हल्का-सा दौड़ने पर थक जाते हैं या फिर सीढि़यां चढ़ने से आपकी सांसें फूल जाती हैं तो ये लड्डू आपके लिए कमाल का साबित हो सकता है।
तिल के लड्डू बनाने की विधि-
तिल के लड्डू बनाने के लिए सबसे पहले एक पैन लें उसमें तेल डालें फिर इसमें तिल डालकर हल्का गोल्डन ब्राउन होने तक भून लें। पैन को आंच से हटा लें और भूने हुए तिल को एक प्लेट में निकाल लें। और केसर को गर्म दूध में भिगों दें। जिस पैन में तिल भूनें थे उसमें गुड़ डालकर पिघलाएं। इसे लगातर तब तक चलाते रहे जब तक यह आधा न रह जाए।
इसके बाद इसके सख्त होने से पहले इसमें केसर वाला दूध डाल दें। फिर इसमें मुलायम खोया और तिल डालकर चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिक्स करें। अब हाथ में थोड़ा सा तेल लगाएं और तैयार किए गए मिश्रण से मीडियम आकार के लडूड बनाएं और इसे सर्व करें।
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