अक्सर घर में काम करते वक्त, किचन में खाना बनाते वक्त या फिर बच्चों के खेलते वक्त चोट लग जाती है। हाथ पैर में कहीं कट या छिल जाता है, तो ऐसे में हम जरा सी चोट को लेकर घबरा जाते हैं। कई बार डॉक्टर के पास भागते हैं, हालांकि जो महिलाएं किचन में काम करती हैं वो कई बार ऐसी चोट को नजरंदाज भी कर देती है, लेकिन ऐसा करने से कई बार छोटी सी चोट बड़े घाव की शक्ल ले सकती है और आपको इनफेक्शन हो सकता है। आइए जानते हैं, कुछ ऐसे आसान घरेलू नुस्खे जिससे आपकी चोट जल्दी सही हो जाएगी और आपके शरीर पर अगर पुराने घाव के निशान है, तो वो भी इन उपायों से हल्के हो सकते हैं। सबसे खास बात ये है कि ये सभी चीजें लगभग हर घर और आपकी किचन में उपलब्ध होती हैं। कटने.छिलने या कहीं घाव होने पर आप आसानी से इन चीजों का इस्तेमाल कर सकते हैं।
हल्दी पाउडर 
कटने छिलने में हल्दी के पाउडर का इस्तेमाल करना लाभकारी होता है। हल्दी में एंटी बायोटिक और एंटी सेप्टिक गुण होते हैं। अगर खून बह भी रहा तो हल्दी का पाउडर लगाने से खून निकलना तुरंत बंद हो जाता है। इसके अलावा कटने या फिर छिलने पर भी हल्दी पाउडर का इस्तेमाल फायदा करता है। 
शहद 
शहद एक बेहतरीन होम रेमिडी है। अगर आपके हाथ.पैर में छिल गया हो या फिर कट लग गया तो उस पर तुरंत शहद लगाइए। शहद में एंटी बैक्टीरिया, एंटी फंगल और एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। जिसकी वजह से इंफेक्शन का खतरा कम होता है और घाव जल्दी भर जाता है। आप मुंह छालों या जलने पर भी शहद का इस्तेमाल कर सकते है।
एलोवेरा
लगभग हर घर में एलोवेरा का पौधा या जेल जरूर होता है। स्किन और बालों के साथ साथ कटने.छिलने या चोट पर भी एलोवेरा जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप जेल को घाव पर लगा सकते हैं एलोवेरा भी शहद के जितना गुणकारी है। एलोवेरा में साइटोकेमिकल्स भी होता है जिससे दर्द कम हो जाता है और चोट जल्दी ठीक हो जाती है। 
प्याज
प्याज के रस में एलिसिन पाया जाता है जो एंटी.माइक्रोबियल कंपाउंड है। हल्की फुल्की चोट पर आप प्याज का रस लगा सकते हैं। इससे घाव जल्दी भरता है, प्याज में एंटी.इंफ्लेमेट्री गुण भी होते हैं इससे इनफेक्शन का खतरा कम हो जाता है। आप तुरंत प्यास का टुकडा या उसका रस निकालकर घाव पर लगा लें। हालांकि इसे लगाने से घाव पर जलन होगी लेकिन किसी भी तरह का इनफेक्शन नहीं होगा।
बादाम का तेल 
बादाम का तेल रंग और त्वचा की टोन में सुधार कर सकता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन.ई की भरपूर मात्रा होती है। इसके एंटीबैक्टीरियल गुण खुलजी आदि को कम करने में मदद करते हैं। एक बाउल में एक्स्ट्रा वर्जिन बादाम के तेल की तीन.चार बूंदें लें। इसे कॉटन बॉल या फिर साफ उंगलियों की मदद से निशान वाली जगह पर लगाकरए हल्के हाथों से मालिश करें। इस उपाय को दिन में दो बार दोहराएं। 
टमाटर 
टमाटर पोटेशियम, कैल्शियम और विटामिन.ए और सी से भरपूर होता है, जो काले धब्बों को कम करने में मदद करता है। इतना ही नहीं, टमाटर आपकी त्वचा को मॉइस्चराइज और हाइड्रेट करता है। अगर टमाटर के रस को त्वचा पर अफेक्टेड एरिया पर लगाया जाए, तो इससे त्वचा को ठंडक मिलती है और चोट के निशान फीके पड़ने लगते हैं। आप चाहें तो टमाटर का एक टुकड़ा दिन में दो से तीन बार चोट के निशान पर हल्के हाथों से रब करें।
कैमोमाइल चाय
इस चाय में एंटीऑक्सीडेंट, क्लींजिंग और मॉइश्चराइजिंग गुण होने से यह त्वचा के लिए बहुत उपयोगी है। एक प्राकृतिक ब्लीचिंग के रूप में काम करने के अलावा यह चोट के निशानों को ठीक करने के लिए भी उपयोग में लाई जा सकती है। कैमोमाइल चाय की कुछ पत्तियों को गर्म पानी में उबालने के बाद इसे ठंडा होने दें। उसके बाद इसे चोट के निशान पर लगाएं और 10 से 12 मिनट तक उस एरिया को अच्छी तरह मसाज करें फिर ठंडे पानी से इसे धो लें।
मच्छर काटने का इलाज
बारिश के मौसम में अक्सर मच्छर के काटने दाग हो जाते हैं। आप बग काटने या मच्छर के काटने के इलाज के रूप में नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे खुजली, जलन और लालिमा कम हो जाती है। बच्चों की कोमल त्वचा पर भी आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। नारियल तेल को बस त्वचा पर लगाना है।
फोड़े फुंसी का इलाज
मानसून और गर्मियों में लोगों को खूब फोड़े फुंसी निकलते हैं। आप इन्हें ठीक करने के लिए नारियल के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आप चाहें तो नारियल के तेल में थोड़ी हल्दी भी मिला सकते हैं। इसे लगाने से कुछ ही  दिनों में आपके फोड़े. फुंसी कम हो जाएंगे। इसके अलावा आप फोड़े के दागों को पर भी नारियल का तेल लगा सकते हैं इससे किसी भी तरह का दाग नहीं रहेगा।
अन्य उपाय
 जले हुए स्थान पर आलू पीसकर लेप लगाएं। इससे जले हुए स्थान पर शीतलता का अनुभव होगा।
. तुलसी के पत्तों का रस जले हुए हिस्से पर लगाएं। इससे जले हुए भाग पर दाग होने की संभावना कम होती है।
. तिल को पीसकर लेप बनाइये और इसे लगायें। इससे जलन और दर्द नहीं होगा। तिल लगाने से जलने वाले भाग पर पड़े दाग.धब्बे भी चले जाते हैं।
. गाय के घी का लेप करें या पीतल की थाली में सरसों का तेल व पानी को नीम की छाल के साथ मिलाकर मरहम बनाएं और जले हुए स्थान पर लगाएं।
. गाजर पीसकर लगाने से जले हुए हिस्से में आराम मिलता है।
. जलने पर नारियल का तेल लगाएं। इससे जलन कम होगी।
ध्यान रहे ये घरेलू नुस्खे छोटी मोटी चोट या कटने.छिलने के लिए हैं अगर आपको गहरी चोट लगी है या कहीं ज्यादा कट गया है तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। चोट वाली जगह पर कुछ भी लगाने के बाद कवर जरूर कर लें। इससे आप बैक्टीरिया और धूल.मिट्टी लगने से बच सकते हैं

 

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