Summary: शादी-ब्याह के जश्न का मज़ा बढ़ाने वाली 10 स्पेशल डिशेज़
भारत में शादी का नाम आते ही रंग-बिरंगे कपड़ों के साथ लज़ीज़ खाने की याद भी जुड़ जाती है। कुछ डिशेज़ तो ऐसी हैं, जिन्हें बार-बार खाने का मन करता है। तो आइए जानते हैं उन लोकप्रिय व्यंजनों के बारे में, जो भारतीय शादियों की शान माने जाते हैं।
Indian Wedding Menu: भारत में शादी का जिक्र आते ही सबसे पहले दिमाग में रंग-बिरंगे कपड़े के साथ उसके खाने का नाम सामने आता है। मेहमान चाहे किसी भी शहर या गांव से आए हों, उन्हें सबसे ज्यादा इंतज़ार शादी के लज़ीज़ व्यंजनों का ही रहता है। हर राज्य की अपनी खास डिश होती है और यही वजह है कि शादी का खाना सिर्फ पेट भरने का जरिया नहीं बल्कि स्वाद और ट्रेडिशन का मेल भी कहलाता है। बिरयानी की खुशबू, तंदूरी चिकन का जायका और दाल मखनी का स्वाद मिलकर शादी के माहौल को और भी खास बना देते हैं। भारत की हर शादी में कुछ डिशेज़ ऐसी होती हैं, जिन्हें चाहे कितनी भी बार खा लिया जाए, मन कभी नहीं भरता। तो चलिए जानते हैं उन लोकप्रिय डिशेज के बारे में, जो सदियों से भारतीय शादियों की शान बने हुए हैं।
बिरयानी

बिरयानी बनाने के लिए बासमती चावल को हल्का उबालकर मसालेदार चिकन या सब्ज़ियों के साथ दम पर पकाया जाता है। इसमें तले हुए प्याज़, दही, मसाले और कभी-कभी केसर का पानी भी डाला जाता है, जिससे इसकी खुशबू और स्वाद लाजवाब हो जाता है। भारतीय शादियों की शान कही जाने वाली बिरयानी हर जगह अपनी जगह बनाती है। हैदराबाद की बिरयानी अपने तीखे और मसालेदार स्वाद के लिए मशहूर है, जबकि लखनवी बिरयानी हल्की मसालों और केसर की खुशबू के लिए जानी जाती है। दक्षिण भारत की शादियों में इसका अलग ही क्रेज है।
बटर चिकन
बटर चिकन बनाने में टमाटर, मक्खन और क्रीम से बनी गाढ़ी, मलाईदार ग्रेवी में डाला जाता है। यही इसे खास बनाता है। दिल्ली और पंजाब से निकला बटर चिकन शादी के भोज में हमेशा खास जगह रखता है। यह खासतौर पर उत्तर भारत की शादियों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है और मेहमान इसे नान या रोटी के साथ बड़े चाव से खाते हैं।
पनीर टिक्का

अदरक-लहसुन पेस्ट और मसालों में मेरिनेट करके बनने वाले पनीर टिक्का को सींख पर लगाकर तंदूर या ओवन में सेंका जाता है। शाकाहारी मेहमानों के लिए यह बेहतरीन स्टार्टर है। पंजाब और दिल्ली की शादियों में यह लगभग हर जगह दिखता है। राजस्थान और गुजरात की शादियों में भी यह डिश मेहमानों को बेहद भाती है।
मलाई कोफ्ता
उत्तर भारतीयों शादियों की शान मानी जाती है मलाई कोफ्ता। जिसे आलू और पनीर से बने छोटे-छोटे गोल्स को तलकर मलाईदार टमाटर-काजू की ग्रेवी में डाले जाते हैं। ऊपर से क्रीम डालकर इसे और भी रिच बनाया जाता है। यह डिश मुगलई खानपान से जुड़ी है जो ठंडी के मौसम में होने वाली शादियों में मलाई कोफ्ता मेहमानों को बेहद लुभाता है।
तंदूरी चिकन

शादी का नाम आते ही सबसे पहले जिस डिश का ख्याल बहुत से लोगों को आता है, वह है तंदूरी चिकन। खासकर पंजाब और उत्तर भारत की शादियों में इसका एक अलग ही महत्व होता है। मेहमान जैसे ही वेन्यू पर पहुंचते हैं, सबसे पहले उनकी नज़र स्टार्टर में तंदूरी चिकन पर ही जाती है। इसकी खुशबू और स्वाद लोगों को अपनी ओर खींच लेता है। वहीं, गोवा और महाराष्ट्र की शादियों में यह थोड़ा अलग अंदाज़ में, मसालेदार और स्पाइसी फ्लेवर के साथ परोसा जाता है। इसे बनाने के लिए ताज़ा चिकन के टुकड़ों को दही, नींबू का रस, अदरक-लहसुन पेस्ट और खास मसालों के साथ अच्छे से मेरिनेट कर रोस्ट किया जाता है। ऊपर से मक्खन या नींबू की बौछार इसके स्वाद को दोगुना कर देती है। यही वजह है कि तंदूरी चिकन शादियों के मेन्यू की शान माना जाता है।
दाल मखनी
दाल मखनी बनाने के लिए साबुत काली दाल और राजमा को रातभर भिगोकर धीमी आंच पर मक्खन और मसालों के साथ घंटों तक पकाया जाता है। इसका असली स्वाद धीमी आंच पर पकाने से आता है। पहले पंजाब की शादियों में तो यह डिश बिल्कुल होती थी, लेकिन अब यह पूरे भारत की शादियों में आम हो चुकी है। नान, तंदूरी रोटी या जीरा राइस के साथ यह हर किसी को घर जैसा स्वाद देती है।
रसगुल्ला

रसगुल्ला बनाने के लिए दूध को फाड़कर उससे छेना तैयार किया जाता है, फिर उसे अच्छी तरह गूंधकर छोटे-छोटे गोल गोले बना लिए जाते हैं। इन्हें चीनी की चाशनी में पकाया जाता है, जिससे ये नरम और रसदार हो जाते हैं। बंगाल और ओडिशा की शादियों का यह मुख्य आकर्षण है। उत्तर भारत की शादियों में भी अब इसे मिठाई के रूप में शामिल किया जाने लगा है। इसकी हल्की मिठास इसे हर फंक्शन का स्टार बना देती है।
गुलाब जामुन
गुलाब जामुन बनाने के लिए खोया या दूध पाउडर से बने छोटे-छोटे बॉल्स को सुनहरा तलकर चीनी की चाशनी में डुबोया जाता है। चाशनी इन्हें अंदर तक भिगोकर बेहद मुलायम और मीठा बना देती है। शादी-ब्याह की यह सबसे लोकप्रिय मिठाई पूरे भारत में परोसी जाती है। चाहे वह उत्तर प्रदेश हो, राजस्थान हो या दक्षिण भारत। कई जगह अब इसे आइसक्रीम के साथ परोसने का ट्रेंड भी आ गया है।
जलेबी
जलेबी बनाने के लिए मैदा और दही का खमीर उठा हुआ घोल घेरेदार आकार में तलकर गरम चीनी की चाशनी में डाला जाता है। इससे यह कुरकुरी और रसदार बनती है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की शादियों में मिठाई सेक्शन जलेबी के बिना अधूरा माना जाता है। कई बार इसे रबड़ी के साथ परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद दोगुना हो जाता है। शादी की सुबह के नाश्ते में भी जलेबी-पूरी का कॉम्बिनेशन बहुत मशहूर है।
कुल्फी

कुल्फी बनाने के लिए दूध को धीरे-धीरे गाढ़ा करके उसमें चीनी, इलायची, केसर या पिस्ता मिलाया जाता है और फिर इसे सांचों में जमाया जाता है। अक्सर इसे कुल्हड़ या स्टिक पर परोसा जाता है। इसे भारतीय आइसक्रीम भी कहा जाता है। उत्तर भारत, खासकर दिल्ली, लखनऊ और जयपुर की शादियों में कुल्फी का स्टॉल जरूर होता है और मेहमान इसे बड़े शौक से खाते हैं।
