Summary:रिश्तेदारों की सोच को दिल पर न लें
लोग क्या कहेंगे, इस सोच में जीना आपको कमजोर बना देता है। रिश्तेदारों की बातों को इग्नोर करना सीखें।
Relatives taunt for marriage: ऐसा अक्सर देखने को मिलता है कि शादी की चिंता घरवालों से ज्यादा रिश्तेदारों को होती है। वे जब भी मिलते हैं तो केवल शादी के बारे में ही पूछते हैं। यदि सही उम्र में शादी नहीं होती है तो कई तरह की बातें करना भी शुरू कर देते हैं, यहाँ तक कि खुद से मनगढ़ंत कहानियां भी बनाने लगते हैं। ऐसे में सबके सामने खुद के लिए नकारात्मक बातें सुनना किसी भी लड़की को अच्छा नहीं लगता है और वह रिश्तेदारों की बातों से परेशान होकर अपने भाग्य को कोसने लगती है। यहाँ तक कि मानसिक रूप से परेशान होकर खुद को सबसे दूर-दूर अकेले रखना शुरू कर देती है। लेकिन ऐसे खुद को सबसे दूर अकेले रखना इस समस्या का समाधान नहीं है, आपको इस स्थिति में खुद को शांत रखते हुए रिश्तेदारों को हैंडल करना आना चाहिए, ताकि वे आपको कमेन्ट करना बंद करें।
प्यार से अपना पक्ष रखना सीखें

शादी कब और किससे करनी है, यह हर किसी का व्यक्तिगत निर्णय होता है। इसे कभी भी किसी के बहकावे में या किसी की बातों से परेशान होकर नहीं करना चाहिए। इसलिए जब भी कोई रिश्तेदार आपको इस बात को लेकर ताने मारे या तरह-तरह की नकारात्मक बातें कहे, तो आप अपना दिमाग शांत रखने की कोशिश करें और प्यार से अपना पक्ष उनके सामने रखें।
रिश्तेदारों को प्यार से बताएं उनकी लिमिट

हर रिश्ते की एक अपनी एक मान-मर्यादा होती है। लेकिन जब रिश्तेदार उन मान-मर्यादा को भूलकर आपको बार-बार ताने मारे तो उनको उनकी लिमिट बताना जरूरी होता है। ऐसे में आप उन्हें प्यार से समझाएं कि यह आपकी लाइफ है और उन्हें इसके बारे में बोलने का कोई हक नहीं है।
खुद को दोषी मानना छोड़ दें

जब रिश्तेदार आपको शादी नहीं होने के लिए ताने मारें तो आप इस बात के लिए खुद को दोषी ना मानें और ना ही अपने मन में किसी तरह की कोई हीन भावना लेकर आएं। अगर अभी तक आपकी शादी नहीं हुई है, तो इसका यह मतलब नहीं है कि आप में कोई कमी है या आप किसी से कम हैं।
मुस्कुराकर रिश्तेदारों को दें जवाब
हर बार रिश्तेदारों के ताने पर गुस्सा करना जरूरी नहीं है। कभी-कभी आप उन्हें हल्के-फुल्के अंदाज़ में मुस्कुराकर भी जवाब दे सकती हैं। जब आप मुस्कुराकर मजाक में उन्हें जवाब देंगी ना, तो उन्हें खुद ऐसा महसूस होगा कि वे आपको बार-बार इस तरह से ताना मारकर गलत करते हैं।
रिश्तेदारों के साथ एक सीमाएं तय करें

रिश्तेदारों के साथ आपको अपना रिश्ता कैसा रखना है, यह कुछ हद तक आप पर भी निर्भर करता है। आप उनके साथ एक सीमाएं तय करें कि आपको उनके साथ कितना बात करना है और अपनी कितनी पर्सनल बातें शेयर करनी है। जब आप ऐसा करना शुरू कर देती हैं तो रिश्तेदार भी आपको कुछ कहने से पहले सोचते हैं।
कभी-कभी विषय बदलने की तरकीब अपनाएं
अगर आपके रिश्तेदार आपसे जब भी मिलते हैं और केवल शादी के बारे में ही बात करते हैं तो आप कभी-कभी विषय बदलने की तरकीब जरूर अपनाएं। जैसे ही आपको रिश्तेदार दिखाएँ आप उनसे उनकी ही बातें पूछना शुरू कर दें और उसी बात में उन्हें उलझा कर रखने की कोशिश करें।
