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Shakti Kapoor Birthday: वो डॉयलॉग्स जिनसे शक्ति कपूर बने स्टार
Shakti Kapoor Birthday Special

Shakti Kapoor Birthday: शक्ति कपूर बॉलीवुड के एक बेहद ही वर्सेटाइल अभिनेता है। वह कभी भी फिल्मों में बतौर हीरो ना नजर आए हों, लेकिन फिर भी उनकी प्रेजेंस एक गजब का जादू बिखेरती है। शक्ति कपूर ने परदे पर पॉजिटिव व नेगेटिव रोल दोनों को बखूबी निभाया है। उनकी सक्सेस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह 70 की उम्र में 700 से भी ज्यादा फिल्मों का हिस्सा रह चुके हैं।

फिल्म में उनकी डायलॉग डिलीवरी का अंदाज हमेशा से ही दर्शकों को भाता है। वन-वर्ड हो या वन-लाइनर, वह हर डॉयलॉग को कुछ इस तरह बोलते हैं कि वह एक यादगार डायलॉग बन जाता है। उनकी कॉमिक टाइमिंग का भी कोई जवाब नहीं है। नंदू सबका बंदू से लेकर क्राइम मास्टर गोगो तक उनके कई डायलॉग्स लोग आज भी दोहराते हैं। 3 सितंबर 1952 में जन्मे शक्ति कपूर आज अपना 70 वां जन्मदिन मना रहे हैं। तो चलिए आज इस खास अवसर हम कुछ ऐसे ही डायलॉग्स को याद करते हैं, जिन्होंने शक्ति कपूर को बॉलीवुड में एक अलग जगह बनाने में मदद की-

शक्ति कपूर का डॉयलॉग- आऊ! ललिता!“

क्या कभी कोई सोच सकता है कि सिर्फ एक शब्द भी किसी के लिए लैंडमार्क साबित हो सकता है। शायद नहीं। लेकिन शक्ति कपूर ने इसे सच कर दिखाया। फरवरी 1984 में रिलीज हुई थी फिल्म तोहफा। इस फिल्म में शक्ति कपूर नजर आए थे। यूं तो फिल्म में उनके कई डायलॉग्स थे, लेकिन आऊ! ललिता! कहने का अंदाज दर्शकों को बेहद भाया था। उन्होंने इतने अलग अंदाज में इस शब्द को कहा था कि लोग आज भी इस डायलॉग को दोहराते हैं। बता दें कि फिल्म में श्रीदेवी के किरदार का नाम ललिता था। उनके डायलॉग डिलीवरी के अंदाज में उस किरदार का कमीनापन साफ झलक रहा था।

शक्ति कपूर का डॉयलॉग- “मैं तो नन्हा सा प्यारा सा छोटा सा बच्चा हूं“

साल 1989 में रिलीज हुई थी फिल्म चालबाज। इस फिल्म में शक्ति कपूर ने नेगेटिव रोल निभाया था। फिल्म में उनके कई डायलॉग्स बाद में बहुत अधिक पॉपुलर हुए थे। इन्हीं डायलॉग्स में से एक डायलॉग था मैं तो नन्हा सा प्यारा सा छोटा सा बच्चा हूं। इस फिल्म में नेगेटिव किरदार में होते हुए भी उनकी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को बहुत अधिक गुदगुदाया था। शक्ति कपूर हमेशा अपनी डायलॉग डिलीवरी को नेक्स्ट लेवल पर ले जाने के लिए बॉडी पॉश्चर और फेशियल एक्सप्रेशन पर भी खासा ध्यान देते हैं।

शक्ति कपूर का डॉयलॉग- “मैं हूं नंदू, सबका बंदू“

साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म राजा बाबू में गोविंदा और करिश्मा कपूर लीड रोल में नजर आए थे। लेकिन फिल्म में नंदू यानी शक्ति कपूर के रोल को आखिर कौन भूल सकता है। फिल्म में बड़े ही मजाकिया अंदाज में शक्ति कपूर ने कहा था “मैं हूं नंदू, सबका बंदू“। आज भी लोग कई बार एक्टिंग या मस्ती-मजाक करते हुए उनके इसी अंदाज को कॉपी करने की कोशिश करते हैं। फिल्म में उन्होंने अपने लुक को बेहद ही अलग रखा था। उनके अंडरवियर के लंबे नाड़े का लुक उस समय बेहद ही पॉपुलर हुआ था।

शक्ति कपूर का डॉयलॉग- “क्राइम मास्टर गोगो नाम है मेरा, आखें निकल कर गोटियां खेलता हूं“

साल 1994 में ही एक फिल्म रिलीज हुई थी अंदाज अपना अपना। इस फिल्म में उनका नेगेटिव किरदार था, जिसका नाम था क्राइम मास्टर गोगो। ऐसा नेगेटिव किरदार, जिसे दर्शकों को डराया कम और हंसाया ज्यादा। फिल्म में उनका डायलॉग- “क्राइम मास्टर गोगो नाम है मेरा, आखें निकल कर गोटियां खेलता हूं। उस समय बहुत अधिक पॉपुलर हुआ था। उन्होंने इस किरदार को इतना बखूबी निभाया था कि आज भी बॉलीवुड थीम पार्टी में लोग क्राइम मास्टर गोगो का गेटअप लेना पसंद करते हैं।

शक्ति कपूर का डॉयलॉग- “समझता नहीं है यार“

यह शक्ति कपूर की डायलॉग डिलीवरी का ही कमाल था कि फिल्म में उनके द्वारा कहे गए कई डायलॉग्स लोगों के जेहन में आज भी जिंदा है। राजा बाबू फिल्म का नंदू सबका बंदू डायलॉग जितना पॉपुलर हुआ था, उतना ही फेमस हुआ “समझता नहीं है यार“ डॉयलॉग। इस डायलॉग के दौरान वह समझता को तमझता से स्विच किया था। जिसके कारण उनके इस डायलॉग ने दर्शकों को बहुत गुदगुदाया था।

शक्ति कपूर का डॉयलॉग- “बलमा!“

राजा बाबू की तरह ही फिल्म चालबाज़ में भी उनके कई डायलॉग्स को लोगों ने बेहद पसंद किया था। फिल्म में “मैं तो नन्हा सा प्यारा सा छोटा सा बच्चा हूं“ डायलॉग के अलावा उनका वन वर्ड डायलॉग बलमा! कहने का अंदाज भी दर्शकों को बेहद अच्छा लगा था।

शक्ति कपूर का डॉयलॉग- “जब कोई बच्चा नहीं सोता तो उसकी माँ कहता है की सोजा नहीं तो गोगो आ जाएगा“

फिल्म अंदाज अपना अपना में क्राइम मास्टर गोगो का किरदार शक्ति कपूर के ऑइकॉनिक किरदारों में से एक है। फिल्म में उनके हर डायलॉग ने एक पॉपुलैरिटी हासिल की थी। उनका डायलॉग “जब कोई बच्चा नहीं सोता तो उसकी माँ कहता है की सोजा नहीं तो गोगो आ जाएगा“ उस समय के सबसे पॉपुलर डायलॉग्स में से एक था।

तो आपको शक्ति कपूर का कौन सा डायलॉग सबसे अधिक अच्छा लगता है? और आप किस डायलॉग को अक्सर दोहराते हैं? अपना अनुभव हमारे साथ फेसबुक पेज पर अवश्य साझा कीजिएगा।

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