Posted inहेल्थ

क्या आप भी गिल्टी फील करती है ?

एक अच्छी हाउसकीपर का कत्र्तव्य तो आप निःसन्देह निभा रही हैं पर एक अच्छी कामकाजी महिला नहीं बन पा रही है । आज के मुश्किल दौर में जब नौकरी करना लगभग जरूरत बन गयी है, काम के प्रति ऐसा रवैया उलझने ही पैदा करेगा ।

Posted inपेरेंटिंग

संतान नहीं है तो अडाॅप्ट किजिए

आप भी बच्चा गोद लीजिए । खुद के बच्चे की तरह उसे प्यार देखभाल, सुरक्षा, शिक्षा और जीवन भर का सहयोग दें । देखिए कैसे बनती है आपकी जिन्दगी हसीन ।

Posted inरिलेशनशिप

खुद को माफ किया क्या ?

खुद को माफ करके आप नवजीवन का दरवाजा खोलते है । एक गल्ती की सजा कितनी बार खुद को आप देंगे ? जीवन कही रूकता नहीं इसीलिए खुद को माफ करिए और आगे बढ़िए

Posted inलाइफस्टाइल

जंच जाएं राजस्थानी ज्वैलरी पहनकर

राजस्थान की ज्वैलरी आज भी उसकी पहचान है। मार्डन समय में रोजमर्रा और खास ओकेशनस् पर पहनी जा सकने वाली इस ज्वैलरी की हर तरह की रेंज उपलब्ध होना ही इसकी खासियत है। रजवाड़ो की याद दिलाती नएपन और परंपरा का बेजौड़ मिश्रण यह ज्वैलरी आपको शाही लुक व पारंपरिक अदांज से भर देती है।

Posted inमनी

गृहिणियों पैसे बचाओ

महिलाओं को यह बात समझनी चाहिए कि कुछ चुनौतियां ऐसी है जिनका सामना सिर्फ उन्हें ही करना होता है वे इनसे तभी निपट सकती है जब वित्तीय रूप से ज्यादा मजबूत हो और वित्तीय मामलों में फैसलें ले सके।

Posted inमनी

एक्सिडेंटल इंशोरेंस लिया कि नहीं?

दुर्घटना बीमा आज की परम आवश्यकता है। बढती दुर्घटनाओं के क्रम में लाइफ इन्श्यारेनेन्स के साथ आपने यदि दुर्घटना बीमा भ्ंाी करवाया है तो आप का भविष्य संवर सकता है।

Posted inब्यूटी, हेल्थ

ब्यूटी विद हैल्थ डयूरिगं मानसून्स

आपकी त्वचा व बालों को आप सबसे बेहतर जानती है । ट्राइड व टैस्टेड घरेलू विधियाॅ अपनाए और फिर देखिए कैसे रहती है आप वर्षा ऋतु मेंु भी ग्लोईगं और ब्यूटीफुल।

Posted inलाइफस्टाइल

क्या आप भी मिड लाईफ क्रायसिस से गुजर रहे हैं ?

“मिड लाईफ” जीवन का अंत नहीं है, प्रारम्भ है। कहते भी है ना कि “लाईफ बिगिन्स एट फौर्टी”। अपने लिए आपके पास अब ज्यादा वक्त है। उम्र बढ़ने को सहर्ष स्वीकारें और अनुभव का धन जो आपने बटोरा है उससे आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करें। दुनिया में “ऐजिंग ग्रेसफुली” से अच्छा कोई काम्प्लीमेन्ट नहीं हो सकता।

Posted inपेरेंटिंग

लाडली को गृहकार्य भी सिखाइए

आवश्यकता सिर्फ अभिभावकों की दूरदर्शिता और सामंजस्य की है कि कैसे धीरे-धीरे वे अपने बच्चों को गृहकार्य में पढा़ई के साथ-साथ दक्ष करतें है क्योंकि यह भी उतना ही आवश्यक है।

Gift this article