googlenews
अपथ्य आहार

लीजिए वर्षा ऋतु का आगमन हो गया है । आसमान पे छाये वाले काले बादल, वर्षा की टिप टिप बरसाती बून्दे चाय पकौड़ो की खुश्बू………….।  प्रकृति जब हरियाली की चुनरी ओढती है तो मन को हर लेती है पर इन्हीं दिनों गडबडा जाती है सेहत और सुन्दरता ।कुछ टिप्स अपना के आप मजा ले सकते है बरसात का …….

सेहत-
जुलाई और अगस्त में दो महीने वर्षा काल के माने जाते है । गर्मीयों का शुष्क वातावरण बारिश से शीतल हो जाता है वातावरण में आद्रता बढती है तो चित्त शरीर में संचित हो जाता है । वात और पित्त दोषों की दृष्टि वातावरण की आर्द्रता और शीतलता से अतिसार, जोडो के विकार, श्वसन रोग और त्वचा रोग उभरते हैं ।
इस ऋतु में पाचनशक्ति और शारीरिक बल कम हो जाते है इसीलिए भोजन में ऐसे आहार का सेवन करना चाहिए तो पचने में हलके हो ।

पथ्य आहार-
पुराना चावल, लाल चावल, गेहूॅ, भूने धान्य, कंुलथी मूॅग, उडद, जीरा, हिंग, काली मिर्च, परवर, मोंठ, ताजा धनियाॅ, पुदीना, भिंडी, लहसून, प्याज, सोंठ, कद्दू, अनार, अंगूर, निंबू, बेरी, चेरी, लिची, मोसंमी, खस, गाय का दूध, घी, उबाला हुआ पानी, सेंधा नमक, शहद,  ताजा गरम खाना ।

अपथ्य आहार-
बाजरा मकई नया चावल अरहर चना मसूर हरी मटर पालक मैंथी करेला गोभी आलू ककड़ी सिंघड़ा तरबूज कटहर चीकू सेव केला अनानास अमरूद खट्टे संतरे सीताफल भैंस का दूध पनीर श्रीखंड मिठाई ठंडा पानी ।
वर्षा ऋतु में दिन में सोना नहीं चाहिए । रात में देर तक जागना, शारीरिक श्रम अधिक मात्रा में करना व अधिक परिश्रम करा वर्जित है । शरीर की स्वच्छता का इस ऋतु मंे विशेष ध्यान रखना चाहिए । खाना गर्म खाना चाहिए और मौसमी फलो व सब्जियों का समावेश करना चाहिए ।
इस ऋतु में ऐसे  योगासनों का प्रयोग करना चाहिये जिससे शरीर को उचित व्यायाम मिले और दोषों की दृष्टि कम करने में भी जो लाभदायी साबित हो । आप निम्न योगयासन भी कर सकते है जैसे पवनमुक्तासन, प्राणायाम, कपालभाती, धनुरासन, सर्वागांसन ।गीले कपडों को अधिक देर तक पहन के नहीं रखना चाहिए व हल्के व्यायाम करने चाहिए ।

विहार-
चंदन, खस आदि क सूखे चूर्ण को शरीर पर मलें अथवा इन्हें टेलकम पाउडर की तरह उपयोग में लाए । , स्वच्छ, सूखे तथा हल्के रंग के कपड़ों का उपयोग करें । सूखी जगह पर रहें । हमेशा जूते पहने।

सुन्दरता-
वर्षा ऋतु में त्वचा की सफाई का खास ख्याल रखना चाहिए ।

फेशियल स्क्रब चेहरे की सफाई के लिए हफते में दो बार इस्तेमाल करें । डीप पोर क्लैजिंग अत्यावश्यक है । घरेलू फेस पैकया क्लेजिग पैक आप ट्राई कर सकते हैं । संतरे के सूखे छिलके, नीबू के सूखे छिलके, चावल का आटा  अच्छे क्लैजंर्स होते हैं ।

इन्हें लगा के ठंडे पानी से धा लें । चेहरे को कई बार पानी से धोए और सोनेे से पहले साफ करना न भूले ।

खीरे का रस, गुलाबजल, प्राकृतिक टोनर है इन्हें काॅटन बालस में ले कर चेहरा रगडे । यह त्वचा में कवाव लाते हैं ।

हमेशा जो क्रीम लोशन यामाइस्चराइजर आप लगाते है उसे मौसम के हिसाब से बदलिए ।

ब्लैकहैडस के लिए अंडे का सफेद भाग इस्तेमाल करे । कुछ देर लगा रहने दे फिर पानी से धो दे ।

पिपल्स –
मुहासों पर चंदन घिस के आप लगा सकती है । मेडिकेटेड साबुन से चेहरा साफ रखे । नीम की पत्तियों का पेस्ट भी कारगर रहेगा ।

आइली स्किन
मूल्तानी मिट्टी का पैक पानी में अथवा गुलाब जल में बनाए और त्वचा पर लगाएं । यह ठंडक और राहत देगा ।

मानसून फैस पैक-
जौ के आटे में दही या गुलाबजलमिला के चेहरे पर लगाएॅ । हल्के हाथों से रगड के उतारे । पुदीने की ताजी कसी पत्तियाॅ भी इसमें डाली जा सकती है । सप्ताह में दो बार यह पैक लगाने से त्वचा स्निग्धबनी रहेगी।

बालों के लिए-
बालों में बहुत ज्यादा तेल न लगाएं । यदि केश तैलीय है तो रोज धोए जा सकते है । अतिरिक्त कण्डीशनिंग ना करे ।
इन दिनों नए शैम्पू ट्राई ना करें ना ही नए केश विन्यास बनाए । बाल वर्षा ऋतु में अपनी चमक बाउस व फाॅल खो देते है । टूटते भी ज्यादा है ।
चाय की पत्ती में नीबू डाल के बालों को रिंस करने से वे साफट हो जायेंगे । अंडे की सफेदी बालों में लगा के छोडने से और आधे घंटे बाद धोने से भी बालों की चमक व . बाउन्स बरकरार रहता है ।
कंघी जोर से ना करे । बालों के साथ नरमी से पेश आएॅ । हिना का प्रयोग भी बरसात में कम करे , बालों की टूटने की दर बढ जाएगी ।

आपकी त्वचा व बालों को आप सबसे बेहतर जानती है । ट्राइड व टैस्टेड घरेलू विधियाॅ अपनाए और फिर देखिए कैसे रहती है आप वर्षा ऋतु मेंु भी ग्लोईगं और ब्यूटीफुल……….. ।