Posted inहिंदी कहानियाँ

लाल आँचल-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Stories in Hindi: होली का त्योहार था। सारा संसार रंग में डूबा था मगर माँ सादे लिबास में थीं। पहली बार ऐसा हुआ कि रंगों भरे त्योहार में माँ का आँचल लाल नहीं था। उनके गोरे रंग पर लाल रंग खूब फबता। माँ जो होली के दिन सुबह से ही पूए पकवान बनाती थकतीं नहीं […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

परावर्तन-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Kahani: गर्मी की छुट्टियों में सुबह-सुबह समुद्रतट पर रंगीन गुब्बारों के साथ दौड़ती मिताली को देख मन असीम आनंद से ओत-प्रोत हो गया। गौर से देखा तो उसके साथ सफेद कपड़ों में एक पुरुष भी भाग रहा था और दोनो के पीछे टहलती हुई दिखी नीति मिताली की माँ। मुझे देखते ही मुस्कुराई और […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

भ्रमजाल-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Story in Hindi: “ये सब क्या है सुमन? टीनएज बच्चों की माँ होकर रास रचा रही हो?”“अपनी भाषा पर ध्यान दो राजेश और जिन बच्चों की दुहाई दे रहे हो ना! तुम्हारे अकेले के पैसों से उनके खर्चे पूरे नहीं पड़ते.”“मेरा बिजनेस डूब रहा तो मैं क्या करूँ? इसमें मेरी क्या गलती है?”“गलती तुम्हारी नहीं […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

कन्यादान—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Story: जैसे जैसे लगन का समय नज़दीक आ रहा था गंगा की भूख ही मरती जा रही थी। आज भी चार निवाले से ज्यादा गले से न उतरा की दरवाजे की घंटी बजी। अब इस वक्त भिखारी के अलावा और कौन होगा यही सोच कर दरवाज़ा खोला तो जी धक्क से रह गया। अपने […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

सिंदूरी पथ-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Story: पता नहीं नेहा को क्या हुआ है। इन दिनों वह बेहद तनाव ग्रस्त रहने लगी है। कभी किसी बात को सीधे तरीके से लेती ही नहीं। उसकी तबियत का ख्याल कर मयंक उसे डॉक्टर के पास लेकर आया। डॉक्टर ने सभी जरूरी ब्लड सैंपल कराने की सलाह दी। उसी दिन शाम को रिपोर्ट […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

दोहरी ज़िंदगी-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Grehlakshmi ki Kahani: आसान है क्या दोहरी ज़िंदगी जीना। अपनी पिछली ज़िंदगी भुलाकर कहीं और रम जाना। कम से कम इंसान के लिए तो नहीं मगर किसी को कहां पता चलता है कि दूसरे पर क्या बीती है। लोगों का क्या है वो तो कुछ भी कहेंगे जैसे उस रोज बातों ही बातों में रमणी […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

षड्यंत्र-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Story: “मां जी! घर में शादी है.. मेहमान आने शुरू हो गए हैं और …कल रात से मन्नू का बुखार उतर नहीं रहा ऐसे में मैं उसे देखूं या रसोई…कुछ समझ में नहीं आ रहा है ..” शुचिता की घबड़ाहट से लता जी बिल्कुल भी विचलित नहीं हुई। ”तू परेशान न हो शुचि ..दोनो […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

मसीहा-गृहलक्ष्मी की कहानियां

Hindi Story: “बला की खूबसूरत थी वो.. मेरे घर के सामने रहती थी। खिड़की के पास से उसे घंटों निहारा करता। घरवालों के नाम पर कोई न था। जबसे होश संभाला मामा-मामी ही माता -पिता के जगह मिले। उन्होंने ही बताया कि सड़क दुर्घटना में मेरे माता -पिता चल बसे थे और मैं कार सीटर […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

लव-कुश—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Grehalkshmi Kahani: “सब इंस्पेक्टर कुलकर्णी कब तक आयेंगे?”“बस आते ही होंगे! आपको बैठने के लिए कहा है। ” और वह बैठा रहा। बैठे – बैठे दो कप चाय पी डाले तो आखिर रहा न गया तो उसने मोबाइल पर फोन मिला दिया। “सर! और कितनी देर लगेगी? आप कहें तो मैं बाद में आ जाऊं?”“वेट! […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

सौदा—गृहलक्ष्मी की कहानियां

Grehlakshmi Story: “फिर से तुमने इश्क-मोहब्बत लिख दिया। ये सब क्या है.. कोई तो स्टैंडर्ड मेंटेन करो। 52 बरस की हो कर आधा इस्क… अरे! लिखना है तो उनके लिए लिखो जो उम्र के एक पड़ाव में आकर बच्चों के हाथों अपमानित होते हैं..कोई सामाजिक कहानी लिखो।”आशा जी ने भले ही बड़े शहरों का रहन- […]

Gift this article