Career in Fashion Technology: आज के समय में फैशन सिर्फ कपड़े डिजाइन करना और तैयार करने तक नहीं रह गया है। डिजाइन और टेक्नोलॉजी के जबरदस्त मेल के साथ यह दुनियाभर में एक हाई-टेक इंडस्ट्री बन चुका है। बहुत से शिक्षा बच्चे 12वीं के बाद फैशन इंडस्ट्री में करियर बनाना चाहते हैं। फैशन टेक्नोलॉजी की डिमांड लगातार तेजी से बढ़ रही है। देश में बहुत से ऐसे कॉलेज हैं जो फैशन टेक्नोलॉजी से जुड़े अलग-अलग कोर्स करवाते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको फैशन टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स, कॉलेज और सैलरी के मौके से जुड़ी जानकारी देंगे, जो आपके लिए सहायक हो सकती है।
क्या है फैशन टेक्नोलॉजी

फैशन टेक्नोलॉजी, फैशन डिजाइनिंग से अलग है। डिजाइनिंग में कपड़ों को डिजाइन और स्टाइल किया जाता है। जबकि फैशन टेक्नोलॉजी में डिजाइन के साथ मशीन, सॉफ्टवेयर और प्रोडक्शन की जानकारी भी दी जाती है, जो इसे टेक्निकल फील्ड बनाता है। इस फील्ड में न सिर्फ साइंस और कॉमर्स स्ट्रीम के बच्चे जा सकते हैं बल्कि आर्ट्स स्ट्रीम के बच्चे भी इस कोर्स में आसानी से जा सकते हैं।
कहां से कर सकते हैं कोर्स?
देश के सभी बड़े शहरों में कई प्रतिष्ठित संस्थान हैं जो फैशन टेक्नोलॉजी के कोर्स करवाते हैं। जैसे-नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT), डिपार्टमेंट ऑफ डिज़ाइन, मणिपाल स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, पर्ल एकेडमी, आर्मी इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन एंड डिज़ाइन (AIFD) , सिम्बायोसिस इंस्टिट्यूट ऑफ डिज़ाइन आदि। 12वीं के बाद इन कॉलेज से कोर्स करने वाले छात्रों को अच्छे प्लेसमेंट मिलते हैं। साथ ही इन्हे विदेश में इंटनेशनल ब्रांड के साथ काम करने के भी मौके मिलते हैं।
फैशन टेक्नोलॉजी में कोर्स लेवल

ग्रेजुएशन लेवल कोर्स
ये कोर्स आमतौर पर 12वीं (Science/Maths स्ट्रीम को प्राथमिकता) के बाद किए जा सकते हैं।
- बी.डेस. इन फैशन कम्युनिकेशन: यह फैशन ब्रांडिंग, विज्ञापन और ग्राफिक डिज़ाइन पर केंद्रित है।
बी.एफ.टेक (बैचलर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी): यह सबसे प्रमुख कोर्स है। इसमें गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग, मशीनरी, और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी का उपयोग सिखाया जाता है।
बी. एसस इन फैशन एंड अपैरल डिज़ाइन: यह कोर्स फैशन के तकनीकी और डिजाइनिंग दोनों पहलुओं को कवर करता है।
पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्स
पोस्ट-ग्रेजुएशन कोर्स को आप ग्रेजुएशन के बाद अपनी स्किल्स को और बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं।
- एम.एफ.टेक (मास्टर ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी): इसमें ऑपरेशन मैनेजमेंट, सप्लाई चेन और स्मार्ट फैक्ट्री जैसे एडवांस विषयों की पढ़ाई होती है।
- एम.डेस. (मास्टर ऑफ डिजाइन): उन लोगों के लिए जो डिजाइनिंग के तकनीकी पक्ष में स्पेशलाइजेशन चाहते हैं।
- एमबीए इन फैशन मैनेजमेंट: यह कोर्स फैशन इंडस्ट्री के बिजनेस और मार्केटिंग वाले हिस्से को संभालने के लिए तैयार करता है।
डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स
अगर आप कम समय में किसी खास स्किल को सीखना चाहते हैं, तो ये कोर्स बेस्ट हैं:
- डिप्लोमा इन फैशन गारमेंट टेक्नोलॉजी (1-2 साल)
- सर्टिफिकेट इन अपैरल मर्चेंडाइजिंग (6 महीने – 1 साल)
- डिप्लोमा इन टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी
CAD (कंप्यूटर-एडिड डिज़ाइन) फॉर फैशन: यह एक टेक्निकल सॉफ्टवेयर कोर्स है जो आजकल हर फैशन प्रोफेशनल के लिए जरूरी है।
करियर और कमाई
फैशन टेक्नोलॉजी में करियर की शुरुआत आमतौर पर ₹3 लाख से ₹6 लाख का एनुअल पैकेज की शुरुआत होती है। वहीं बड़ी कंपनियों और अनुभव के साथ ये तेजी से बढ़ता है। अगर आप इंटरनेशनल ब्रांड्स के साथ जुड़ते हैं तो आपका एनुअल पैकेज बेहतर होता चला जाता है। इस फील्ड में करियर के बहुत से विकल्प मौजूद हैं, जैसे- आप फैशन डिजाइनर, टेक्सटाइल एनालिस्ट, मर्चेंडाइजर, CAD डिजाइनर, प्रोडक्शन मैनेजर या फैशन कंसल्टेंट बन सकते हैं।
