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हां दीदी हां-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड

Brother and Sister Story: किसी पहाड़ी गांव में एक निर्धन किसान का परिवार रहता था। किसान की एक बेटी और एक बेटा था। किसान की पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी। अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण वह स्वयं करता था। समय के साथ बच्चे बड़े हो गये। बेटी बड़ी थी, सो किसान को उसके विवाह […]

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इंसान देवताओं को क्यों नहीं देख पाता?-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं असम

Mythology Story: प्राचीनकाल में मनुष्य, भूत-प्रेत और देवताओं के साथ घूमा करता था, बातचीत करता था। लेकिन आज इंसान अपनी आँखों से भूत और देवताओं को नहीं देख पाता। केवल कुत्ते देख पाते हैं। रात को कुत्तों के भौंकने पर आज भी बृद्ध लोग कहते हैं कि देवता और भूत घूम रहे हैं। यह उस […]

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अतिथि देव-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Ganesh Story: शंकर जी किसी काम से बाहर गए तो पार्वती जी ने उबटन लगाया और स्नान करने को तैयार हो गईं। स्नान करने के लिए जाते समय मन में विचार आया कि नहाते समय कोई अतिथि आ गया तो? द्वार पर किसे बैठाएँ जो अतिथि को शिव जी के आने तक रोके रखे। कोई […]

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बाबा महादेव-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड

Mahadev Story: पिठौरागढ़ जनपद के चमदेवल नामक शिव मंदिर में बाबा महादेव रहते थे। एक दिन देव सिंह नाम का कोई व्यक्ति नौकरी की खोज में घर से बाहर जा रहा था। अपने इष्ट देवता के दर्शनार्थ वह मंदिर में गया। मंदिर में बाबा की धूनी जल रही थी। एक किनारे पर वह भी बैठ […]

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आकाश कैसे उंचा हुआ?-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं असम

Sky Story: बहुत पुराने जमाने की बात है। उस समय आकाश बहुत नीचे था। बिलकुल धरती के नजदीक। इतना नीचे कि लोग घर की छत से उसे छू स्पर्श कर सकते थे। उँची जगह पर खड़े होकर आकाश के चाँद-तारे और सूरज को छू सकते थे। शरद काल का चाँद उस समय पृथ्वी को बहुत […]

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मेरा घर-21 श्रेष्ठ युवामन की कहानियां पंजाब

Hindi Kahaniya: यह हिन्दुस्तान है जनाब! इसकी सबसे बड़ी कमी है…अकेली लड़की को दबाना। मजाल है…एक अकेली लड़की रात-बिरात सफर करे या किसी पब्लिक प्लेस पर घूम-फिर सके, तब उसे एक सहारे की आवश्यकता होती है। दिन के समय वह बहादुर हो सकती है परन्तु रात को नहीं…। जब अंकल के घर से वह अपना […]

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भोग नहीं भाव-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Short Story in Hindi: बहुत पुरानी बात है। एक थे मुनि पुलस्त्य, बहुत ग्यानी-ध्यानी और विद्वान। वे लगातार देश-विदेश में घूम-घूमकर लोगों को धर्म-कर्म की शिक्षा देते और राजा-महाराजाओं को राह दिखाते थे। एक बार घूमते-फिरते हुए पुलस्त्य जी हस्तिनापुर के निकट से निकले तो उन्होंने सोचा भीष्म पितामह से मिलते चलें। भीष्म पितामह अपने […]

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सूरज मुखी-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड

Hindi Short Story: पुराने समय में जब इस पृथ्वी में अग्नि न थी, तब सभी प्राणी मात्र ठण्ड से पीड़ित रहते थे। देवलोक से देवी-देवताओं व उनके बच्चे शीत का आनन्द लेने के लिये भूमण्डल में आया करते थे। एक दिन जब सूर्य की बेटी इस भू-मण्डल में आई थी तो उसने देखा कि सभी […]

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शक्ति से नहीं बुद्धि से काम लें-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं असम

Short Moral Stories: किसी गाँव में एक किसान रहता था। वह अपने माता-पिता के साथ रहता था। शादी करने के बाद उसके परिवार में सदस्यों की संख्या बढ़ती गई। अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए वह दिन-रात काम किया करता था, फिर भी घर में किसी न किसी चीज की कमी होते रहती थी। कैसे […]

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जैसी करनी वैसी भरनी-21 श्रेष्ठ बुन्देली लोक कथाएं मध्यप्रदेश

Hindi Moral Story: बहुत पुरानी बात है। सृष्टि में जीव-जंतुओं का निरंतर विस्तार होता जा रहा था। सृष्टि में जीव-जंतुओं की विभिन्न योनियों की संख्या बढ़ते-बढ़ते चौरासी लाख तक पहुँच गई। जीवों की जनसंख्या बढ़ने साथ-साथ उनके कर्म और कर्मों के परिणामों का सम्यक लेखा-जोखा रखकर उन्हें पुण्य-पाप कर्मानुसार पुरस्कार या दंड देना दिन-ब-दिन ब्रह्मा […]

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