Senapati Story: बहुत पुरानी बात है। तब गढ़वाल बावन गढ़ों में बंटा हुआ था, पर धीरे-धीरे सारे गढ़ टूटते जा रहे थे। अजयपाल अपनी शक्ति का लोहा अपने आस-पास मनवा चुका था। बड़ी धूमधाम से उसने अपने राज्याभिषेक की घोषणा की और बचे-खुचे गढ़ों के सरदारों ने उसकी अधीनता स्वीकार करते हुए, उसमें सम्मिलित होकर […]
Author Archives: प्रो. निर्मला ढेला बोरा
सदेई-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
God Story: हे उच्चि डांड्यों, तुम नौसी जावा, घणी कुलायों तुम छांटी होवा। मैं तई लगी छ खुद्द मैतुड़ा की, बाबा जी को देश देखण देवा। हे ऊंचे पर्वतों, तुम झुक जाओ! हे घने चीड़ के वृक्षों, तुम छोटे हो जाओ! मुझे अपने मायके की सुधि आ रही है। मुझे अपने पिता का देश देखने […]
वर्षा और इन्द्रधनुष-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Hindi Love Story: बसंत के पहले-पहले दिन थे। वनों में वृक्ष हरे-भरे पत्ते और लताएं फूलों से लद गई थी। आम के बौर पर कोयल के मीठे बोल झरने लगे थे। मंदाकिनी की हरी-भरी, फूलों से रंगी घाटी, वसंतोत्सव के लिए चुनी गई थी। तब हर वर्ष इसी तरह वसंत का उत्सव हआ करता था। […]
सर्ग दादू पाणी दे-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Hindi Family Story: किसी गांव में एक छोटा-सा परिवार रहता था। उसमें तीन जने थे-एक बुढ़िया, एक उसकी लड़की और एक उसकी बहू। सब मिलकर काम करते थे और खेती करके पेट पालते थे। बुढ़िया कमजोर हो चुकी थी इसलिये खेती का सारा काम उसकी बेटी और बहू ही किया करते थे। वे दोनों छोटी […]
चुगता चकोर अंगार-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Hindi Love Story: सूरज की एक बेटी थी। तन की उजली, गात की रूपहली। उसे चांद कहते थे। चांद बचपन से ही अपने बाप के पास नहीं रहती थी। ज्योतिषियों ने पहले ही कह दिया था कि पिता और पुत्री अलग-अलग रहेंगे। कभी साथ रहे तो पृथ्वी पर बहुत बड़ा अनिष्ट होगा। इसलिए सूरज ने […]
वह क्यों मुस्कुराया-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Old Hindi Story: तब राजा भोज का राज था। उन्हीं दिनो की बात है कि कहीं एक बूढ़ी कुटनी रहती थी। उसका एक लड़का था। कुटनी मांग कर खाती थी। उसकी कमर झुकी थी, इसलिये गांव के लड़के उसे चिढ़ाते थे। कुटनी का लड़का इससे और भी चिढ़ता था। आखिर अपनी मां किसे प्यारी नहीं […]
फ्यूली रौतेली-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Hindi Love Story: सुबह हुई, धरती जागी, आकाश जागा, पर उस बांके सौरीकोट में फ्यूली रौतेली अभी तक सोई थी। वह नागू सौरयाल की इकलौती बेटी थी। इसलिये बाप की लाडली थी।। लाड़-प्यार ने उसे बिगाड़ रखा था। उसे जगाता भी कौन? सतयुग में खाते हुए को खिझाना और सोते हुए को जगाना बुरा माना […]
काफल पाको-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Kafal Story: बहुत समय पहले सुदूर गांव में एक औरत और उसकी बेटी रहते थे। दोनों एक-दूसरे का एकमात्र सहारा थे। मां जैसे-तैसे घर का गुजारा किया करती थी। ऐसे में गर्मियों के मौसम में जब पेडों पर काफल आया करते थे तो वह उन काफलों को तोड़कर बाजार में बेचा करती थी। पहाड़ों पर […]
अजुआ बफौल-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Mythology Story: बहुत पुरानी बात है, हिमालय के पर्वतों में पंच देवता यात्रा पर निकले। एक जगह विश्राम करते-करते वे क्रीड़ा करने लगे। उन्होंने चार गोले बनाये और चारों दिशाओं में फेंके। उन गोलों से चार मल्लों (विशालकाय बलशाली व्यक्ति) का जन्म हुआ। उन्होंने पंच देवताओं से अपनी उत्पत्ति का कारण पूछा। पंच देवताओं ने […]
गाय, बछड़ा और बाघ-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Cow and Tiger Story: किसी गांव में एक गाय और उसका बछड़ा रहता था। गाय रोज हरी घास चरने जंगल जाया करती थी ताकि उसके बछड़े को दूध मिलता रहे। बछड़े को अधिक दूध पिलाने की इच्छा गाय को दूर-दूर तक जंगल में घास चरने के लिये प्रेरित करती। घास चरते-चरते वह एक दिन बहुत […]
