Old Lady Story: एक गांव में रामी नाम की बुढ़िया और उसकी बेटी रहती थी। बुढ़िया ने अपनी बेटी की शादी दूर एक दूसरे गांव में कर दी। बहुत दिन बीत गए बुढ़िया को अपनी बेटी की याद सताने लगी और उसने मन बनाया कि कल सुबह वो अपनी बेटी से मिलने जायेगी। बुढ़िया ने […]
Author Archives: प्रो. निर्मला ढेला बोरा
दुबली का भूत-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Hindi Horror Story: सम्पूर्ण हिमालयी क्षेत्रों में स्थायी निवास के साथ-साथ प्रायः एक अस्थाई निवास बनाने का चलन है, जिसे छानी या खेड़ा कहा जाता है। इन छानियों में कभी खेती-बाड़ी करने के लिए तो कभी हवा पानी बदलने के लिए भी लोग निवास करते हैं। गांव यदि ऊंचाई वाले स्थान में होते तो छानियां […]
हां दीदी हां-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Brother and Sister Story: किसी पहाड़ी गांव में एक निर्धन किसान का परिवार रहता था। किसान की एक बेटी और एक बेटा था। किसान की पत्नी की मृत्यु हो चुकी थी। अपने दोनों बच्चों का पालन-पोषण वह स्वयं करता था। समय के साथ बच्चे बड़े हो गये। बेटी बड़ी थी, सो किसान को उसके विवाह […]
बाबा महादेव-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Mahadev Story: पिठौरागढ़ जनपद के चमदेवल नामक शिव मंदिर में बाबा महादेव रहते थे। एक दिन देव सिंह नाम का कोई व्यक्ति नौकरी की खोज में घर से बाहर जा रहा था। अपने इष्ट देवता के दर्शनार्थ वह मंदिर में गया। मंदिर में बाबा की धूनी जल रही थी। एक किनारे पर वह भी बैठ […]
सूरज मुखी-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Hindi Short Story: पुराने समय में जब इस पृथ्वी में अग्नि न थी, तब सभी प्राणी मात्र ठण्ड से पीड़ित रहते थे। देवलोक से देवी-देवताओं व उनके बच्चे शीत का आनन्द लेने के लिये भूमण्डल में आया करते थे। एक दिन जब सूर्य की बेटी इस भू-मण्डल में आई थी तो उसने देखा कि सभी […]
दिन दीदी रुको, अभी रुक जाओ (दिन दीदी, जाग-जाग)-21 श्रेष्ठ लोक कथाएं उत्तराखण्ड
Hindi Kahaniya: बहुत पहले की बात है, किसी घर में दो सास-बहू रहते थे। बहू तो सीधी व सरल स्वभाव की थी, किन्तु सास दुष्ट थी। बहू को जब मायके गये हुए बहुत दिन हो गये तो एक दिन उसने मायके जाने का प्रसंग छेड़ा। मायके का नाम सुनते ही सास खौलते तेल में पानी […]
