गर्भावस्था में माइक्रोवेव ओवन आपका सच्चा दोस्त होता है, जिससे आप कम समय और थोड़ी मेहनत में ताजा व स्वादिष्ट भोजन तैयार कर सकती हैं ।
Tag: pregnancy
गर्भावस्था में कोकीन कितना हानिकारक हो सकता है इसका कोई अंदाजा नहीं है
गर्भवती महिला के लिए कोकीन खतरनाक होता है। इसलिए अगर आप इसका सेवन पहले से कर रही थी तो गर्भावस्था के समय इसे तुरंत छोड़ दें क्योंकि यह कितना हानिकारक हो सकता है, इसका कोई अंदाजा नहीं होता।
गर्भवती महिलाओं के लिए घातक है सेलफोन
सेलफोन गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए और भी ज्यादा घातक होता है इसलिए गर्भवती महिलाओं को सेलफोन के प्रयोग से दूर ही रहना चाहिए। क्योंकि यह आदत बच्चे के स्वस्थ को प्रभावित कर सकती है।
शिशु के विकास में रुकावट लाता है मारिजुआना
गर्भवती महिला तब नशा करती हैं तो इसका असर अजन्मे शिशु तक भी जाता है। इससे भ्रूण पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता। इसकी वजह से शिशु के विकास में कई तरह की रुकावटें आ सकती हैं।
पैसिव स्मोकिंग का भी भ्रूण पर पड़ता है असर
धूम्रपान के धुंए से सिर्फ पीने वाले को ही नुकसान नहीं होता बल्कि माता के गर्भ में पल रहे शिशु पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए कोशिश करें कि इस आदत से जल्दी से जल्दी छुटकारा पाएं।
गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान शिशु की सेहत के लिए नुकसानदायक
गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान का सेवन करने से बचना चाहिए। आइए जानें प्रेग्नेंसी के दौरान धूम्रपान करने से शिशु और मां को क्या-क्या समस्याएं हो सकती है।
गर्भावस्था में शराब का सेवन भ्रूण के लिए ख़तरनाक
गर्भावस्था के दौरान शराब गर्भ में पल रहे शिशु केे लिए हानिकारक है। चाहे आप कितनी भी कम शराब पीएं, यह आपकी रक्त नलिकाओं के जरिये आपके शिशु तक पहुंचती ही है। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से गर्भावस्था के दौरान शराब का सेवन न करना ही सबसे सुरक्षित है।
गर्भावस्था के दौरान व्यायाम है ज़रूरी
शादी के बाद एक लड़की के लिए मां बनने का मतलब है एक नई दुनिया में प्रवेश करना, नई जिम्मेदायों से रु-ब-रु होना। लेकिन सबसे पहले ज़रूरी है कि गर्भावस्था के दौरान महिला व्यायाम करे, जिससे प्रसव के समय कोई परेशानी नहीं हो और बच्चा स्वस्थ पैदा हो।
अगर कोई समस्या हो तो डॉक्टर की सलाह लें
कई बार ऐसा होता है कि जब पता चलता है कि आने वाला शिशु स्वस्थ व सामान्य नहीं है और इसके लिए वो मानसिक रूप से तैयार नहीं होते ऐसी, स्थिति में बहुत जरूरी है कि आने वाले समय के लिए आप डॉक्टर की सलाह लें।
दूसरी तिमाही-अल्ट्रासाउंड में जानें भ्रूण के विकास व अंगों की संरचना
गर्भधारण के दूसरी तिमाही में यह अल्ट्रासाउंड करवाना होता है, क्योंकि इससे भ्रूण के विकास व अंगों की संरचना का पता चलता है। इससे भ्रूण के विकास का भी अनुमान लगाया जा सकता है। इसमें आपके शिशु की ज्यादा बेहतर तस्वीर दिखने लगती है।
