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लक्ष्मी की उत्पत्ति की कथा

Hindi kahani:लक्ष्मी की उत्पत्ति और उसके आवास के स्थलों तथा वास के योग्य स्थानों का निरूपण करते हुए सूत जी ने बताया कि प्रभु नारायण अनादि, श्रीमान तथा सबके धाता हैं। उन्होंने ही मोहन के लिए इस जगत् को दो रूप दिए। ब्राह्मण वेद और सनातन वेद के हाथों का तथा श्रेष्ठ पद्मा श्री का […]

Posted inहाय मै शर्म से लाल हुई, हिंदी कहानियाँ

जब देवर जी ने किया ब्लैकमेल-हाय मैं शर्म से लाल हुई

Blackmail Funny Story: शादी की लंबी चौड़ी रस्में निभाकर जब मैं ससुराल पहुंची तो थक कर चूर हो चुकी थी। सुहाग कक्ष सजने में अभी देर थी तो मेरी सासू माँ ने मुझे अपने कक्ष में आराम करने भेज दिया। जून की भयंकर गर्मी , भारी ड्रेस और भारी ज्वेलरी से मैं परेशान थी। सासू […]

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राजा बना नीलदेव – पंचतंत्र के अनोखे नाटक

Moral Story in Hindi Raja bana Neeldev Moral Story in Hind : पात्र-परिचय हवा दीदी निक्का, निक्की और मोहल्ले के अन्य बच्चे सियार चंडरव, गाँव के कुत्ते, शेर, चीता, हाथी तथा जंगल के अन्य जानवर पहला दृश्य (स्थान–गली या मोहल्ले के पास वाला खेल का मैदान, जिसमें एक तरफ बच्चे खड़े-खड़े बातें कर रहे हैं। […]

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बंद घड़ी का सही टाइम

Hindi Kahani – बंद घड़ी का सही टाइम Hindi kahani : अपनी टीचर के दिखाए सपनों की छांव में संध्या अपने भविष्य को तराशने निकल पड़ी थी। उसकी दिन-रात की मेहनत रंग लाई। उसे आई.आई.टी. एन्ट्रेंस में इतना अच्छा रैंक मिला कि उसे आई.आई.टी. दिल्ली में एडमिशन के साथ स्कालरशिप भी मिल गई थी… अपनी […]

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मुंशी प्रेमचंद की सवा सेर गेहूॅं- गृहलक्ष्मी कहानियां

क्या घर आए साधु को भोजन खिलाने की चाहत रखना शंकर की गलति थी या ये उसकी अज्ञानता थी जिसने उसके साथ असके परिवार का भी सर्वनाश कर दिया।

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सब्जी का ठेला – गृहलक्ष्मी की कहानियां

कहानी प्रतियोगिता-
प्रिय पाठको, गृहलक्ष्मी के शब्दों से भरे भावभीने संसार को आपने दिया प्यार और सम्मान। आभारी हैं हम और अब बारी है हमारी। तो लीजिए, गृहलक्ष्मी जुटा लाई है आपके लिए एक अवसर अपनी छिपी प्रतिभा
बाहर लाने का, एक प्रभावपूर्ण कहानी के जरिए। कहानी का विषय कुछ भी हो, बस हो दिल छू लेने वाला और शालीन। शब्द संख्या 1000-1200 से ज्यादा न हो। रचना वापसी के लिए टिकट लगा लिफाफा साथ रखना न भूलें। कृपया अपनी कहानी की फोटोकापी संभालकर रखें। कहानी पर विचार करने पर लगभग 3 महीने का समय लगता है, अत: कहानी भेजने के 3 महीने बाद ही संपर्क करें। अगर आपकी
कहानी पुरस्कृत हो गई हो तो कृपया दुबारा न भेजें। याद रखें, अधिक शब्द संख्या वाली कहानियां नहीं चुनी जाएंगी।कॉन्टेस्ट में भाग लें और जीतें आकर्षक उपहार।

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पापा मुझे फिल्म देखने जाने दो

यह किस्सा उस समय का है जब मैं कक्षा 8वीं का विद्यार्थी हुआ करता था, चूंकि उस समय आठवीं कक्षा बोर्ड हुआ करती थी तो पढ़ाई का दबाव भी अधिक होता था। सुबह 7 से 12.30 तक स्कूल, फिर घर पर ही कुछ देर आराम करके मम्मी के साथ पढ़ने बैठना पड़ता था। उस समय जीटीवी नया-नया शुरू हुआ था। सिनेमा जाने की अनुमति थी नहीं।

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Hindi Story: अनोखेलाल का बटुआ

Hindi Story: अनोखेलाल कभी कोई काम नहीं करता था, पर उसका बटुआ तंबाकू की सप्लाई का काम करता था। बटुए की सी.आर. में लिखते, प्लस। रिटायर होने के बाद उसने कहा था, ‘मेरे बिना काम नहीं चल पाएगा।’  वह कहना चाह रहा होगा, ‘मेरे बटुए की तंबाकू के बिना ऑफिस के स्टॉफ को कैंसर हो […]

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जवानी मस्तानी दीवानी – राजेन्द्र पाण्डेय भाग-4

Hot hindi Story – जवानी मस्तानी दीवानी Hot hindi Story : युवक का व्यक्तित्व काफी प्रभावशाली था। चौड़ी छाती, भुजाएं गठी हुई, आंखों में गजब का यौन-आमंत्रण था। पुरुषोचित सौंदर्य से वह पूरी तरह लदा हुआ था। मैं उसके बारे में ही सोचती हुई सो गई। रात के कोई दो बजे बाहर घूम रही पुलिस […]

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