Grehlakshmi Story: नई जगह, नए लोग और सबसे ऊपर धवल की पदोन्नति की खुशी, सुहाना के कदम जमीन पर नहीं थे। चीफ इंजीनियर की पत्नी होना अपने आप में ही कितने गर्व की बात थी। यह उसे आसपास चाटुकारों की भीड़ देखकर ही अहसास हो गया था लेकिन कुछ समय बीतते-बीतते जब सब कुछ व्यवस्थित […]
Author Archives: संगीता माथुर
जब देवर जी ने किया ब्लैकमेल-हाय मैं शर्म से लाल हुई
Blackmail Funny Story: शादी की लंबी चौड़ी रस्में निभाकर जब मैं ससुराल पहुंची तो थक कर चूर हो चुकी थी। सुहाग कक्ष सजने में अभी देर थी तो मेरी सासू माँ ने मुझे अपने कक्ष में आराम करने भेज दिया। जून की भयंकर गर्मी , भारी ड्रेस और भारी ज्वेलरी से मैं परेशान थी। सासू […]
बर्फ का गोला— गृहलक्ष्मी की कहानियां
गृहलक्ष्मी की कहानियां- मेट्रो सिटी की चकाचौंध ने न केवल बच्चों वरन नीलम को भी अभिभतू कर दिया था. आभास ने उसे और बच्चों को पहले ही आगाह कर दिया था कि यहॉं उन्हें अपने पुराने शहर की तरह हर किसी से रिश्ता नहीं जोड़ना है। आगे बढ़कर बात करने से लोग गंवार और फूहड़ […]
फादर्स डे विशेष- लघु कहानी
गृहलक्ष्मी की लघु कहानी-पिताः एक रिश्ता विश्वास भरा ‘सुनो, गुड़िया आजकल बहुत खोई सी रहती है. क्या बात है?’‘मुझे भला वह कुछ बताती है? अपनी हर बात वह आप ही से शेयर करती है. कुछ खरीदना होगा तो आप से ही कहेगी। आपकी लाडली है, आप ही पूछिएगा.’‘लेकिन कुछ प्यार वगैरह का चक्र हुआ तो? […]
