Posted inहिंदी कहानियाँ

झांसी की रानी लक्ष्मीबाई

यह किस्सा 3 साल पुराना है मैं अपने परिवार के साथ वैष्णोदेवी दर्शन करने के लिए गई थी। मैं वहां पहले नहीं गई थी और न कोई अनुभव था और न ही कोई विशेष जानकारी। मेरे पति ने सुझाव दिया कि यदि हम पैदल जाने की वजह टटटू पर जाएं, तो जल्दी दर्शन कर जल्दी […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

बाथरूम में बेसुरा गाना

शादी के बाद जब मैं बहू बनकर ससुराल आई तो वहां बाथरूम के दरवाजे के भीतर की कुंडी नहीं थी। सास ने मुझे हिदायत दे डाली कि तुम नहाने के लिए जाओ तो गाना गाने लगना ताकि पता चल जाए कि भीतर कोई है, फिर कोई अंदर नहीं आएगा। मैंने उनकी बात ध्यान से सुनी और नहाने चली गई। […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

गृहलक्ष्मी की कहानियां : सासू मां की अच्छी सीख

गृहलक्ष्मी की कहानियां : मेरी यह आदत थी कि मैं रसोई में खाना, नहाने से पहले बनाती थी क्योंकि मुझे लगता था कि अगर नहाकर खाना बनाऊंगी तो गर्मी के कारण पसीने से नहाना, ना नहाना बराबर हो जाएगा। इसलिए पहले खाना बनाना उसके बाद नहाना ही सही है। एक बार मेरी सासू मां, ज्यादा दिनों के लिए […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

सोने पर लोन

मैं गांव की रहने वाली सीधी-सादी, कम पढ़ी-लिखी लड़की थी। शादी होकर इलाहाबाद आई, एक दिन पति के साथ मैं बाहर घूम रही थी तो मैंने अपने पति से कहा, ‘सुनो जी, आज रात को हम लोग इस बैंक के पास ही सोएंगे। मेरे ऐसा कहने पर मेरे पति ने मुझे बड़े आश्चर्य से देखा और बोले, ‘तुम […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

डबल धमाल कर दिया

उन दिनों मैं मायके उन दिनों मैं मायके  गई हुई थी। अचानक, एक दिन मेरे पति देव अपने एक जिगरी मित्र के साथ वहां आ धमके। कुछ ही देर में मैं उन दोनों के लिए चाय बनाकर ले आई। इनके मित्र महोदय पहला घूंट लेते ही तपाक से बोल पड़े, ‘अच्छा खासा मजाक कर लिया भाभी आपने! क्या हम […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

पापड़ गायब हो गए

एक बार मैं अपने मायके गई हुई थी, उसी समय मेरी दीदी और उनके दोनों बच्चे भी वहां आए हुए थे। घर पर जब सब इकट्ठे होते तो बहुत खाते-पीते और मस्ती करते। एक दिन गली में पापड़ वाला आवाज देते हुए निकला, हम सभी को पापड़ खाना बहुत पसंद था। जैसे ही हमने पापड़ वाले की आवाज सुनी […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

गृहलक्ष्मी की कहानियां – मैं साइड में कैसे पहुंच जाता हूं

गृहलक्ष्मी की कहानियां – बात कुछ महीने पहले की है, जब हमारे घर सास-ससुर और ननद रहने के लिए आए हुए थे। मेरा 4 साल का बेटा है, जो अपने दादा-दादी जी का काफी लाडला है। उनके आने पर पूरा दिन वो उन्हीं के साथ खेलता रहा। रात में सब लोगों के खाना खा लेने के बाद मैं […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

दूध में पानी या पानी में दूध

बात 35 साल पुरानी है। जब मेरी शादी हुई थी। मैं रसोई में काम करने गई। सास भी आ गई। वह बोली, बेटी जब भी दूध उबालो तो बर्तन में थोड़ा पानी डाल दिया करो। उन्होंने थोड़ा सा पानी डाला और कहा कि पानी डालने से गाय के थन नहीं जलते हैं। कुछ दिनों बाद […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

गृहलक्ष्मी की कहानियां – घूंघट में लड़का देखकर भागने लगे

  गृहलक्ष्मी की कहानियां – मैं गुजरात की एक साधारण लड़की हूं। मेरी शादी को दो वर्ष हो चुके हैं लेकिन मैं आज भी वो बात याद करती हूं तो अकेली-अकेली हंसती हूं। शादी के बाद जब मैं पहले दिन अपने ससुराल गई, तब मुझको रात को कमरे में ले गए तब मेरे फई के लड़के ने मुझे […]

Posted inहिंदी कहानियाँ

भाभी आप तो बिलोरन निकली

हमारी नई-नई शादी हुई थी। एक रात सोने में ज्यादा देर हो गई। सुबह नींद खुली तो देखा, धूप चढ़ गई थी। मेरे पति संजय ने मुझे कहा कि तुम पहले बाहर जाओ मैं थोड़ी देर बाद आता हूं। मैं सकुचाते हुए कमरे से बाहर आई और ब्रश वगैरा करके रसोई में जाकर सासू मां […]

Gift this article