Posted inकथा-कहानी

बहू से सेवा सुख की चाह – गृहलक्ष्मी की कहानियां

कल्पना जी की कल्पनाओं को पर तो उसी दिन लग गए थे जिस दिन उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। तब से लेकर अब तक कल्पना जी की बस यही अभिलाषा है कि वह अपनी बहू से वो सारी सेवाएं करवाएंगी जो अब तक वे अपनी सास के लिए करती आई हैं। ज ब […]