googlenews
grehlaksmi ki kavita

मैं भारत माँ की पुत्री हूँ , मैं आपकी अपनी हिंदी हूँ
हिन्द का सम्मान हूँ मैं , महासागर का मान  हूँ l
अशोक महान के देश की हूँ मैं आपकी अपनी हिंदी हूँ l
तुलसीदास की दोहावली हूँ मैं ,कबीरदास की साखी हूँ l
भूषण की शिवा बावनी हूँ मैं , केशव की चन्द्रिका हूँ
मैं भारत माँ की पुत्री हूँ , मैं आपकी अपनी हिंदी हूँ l
मीठे स्वप्न हूँ सुभद्रा के ,हरिवंश की मधुबाला हूँ
भारतीजी  का देवता हूँ , रसखान की भक्ति हूँ
मैं आपकी अपनी हिंदी हूँ l


कवियों की कल्पना हूँ मैं , हिन्द की पहचान हूँ l
मैं भारत माँ की पुत्री हूँ , मैं आपकी अपनी हिंदी हूँ l
संस्कृत जिसकी जननी है मैं उसकी पुत्री हिंदी हूँ
मैं माँ की मधुर लोरी हूँ ,दादी की सुन्दर कहानी हूँ
अपनों की प्यारी भाषा हूँ पुरातन नवीन बानी हूँ
विश्व ने मुझको पहचाना है भाषाओँ की मैं रानी हूँ
मैं भारत माँ की पुत्री हूँ , मैं आपकी अपनी हिंदी हूँ l
जो भूल गए हैं मुझको उनको तुम मेरी याद  दिलाओ
मुझको तुम सम्मान दिलाओ ,हर जन तक मुझे पहुँचाओ
राष्ट्र का गौरव गान बनाओ , तुम सबकी पहचान बनाओ l
मैं तुम्हारी अपनी हिंदी हूँ मैं भारत माँ की पुत्री हूँ l

Leave a comment