Overview: जानिए क्या होती है फाइनेंशियल गैसलाइटिंग

फाइनेंशियल गैसलाइटिंग सिर्फ रिश्ते के लिए ही नहीं, बल्कि खुद आपके आत्मविश्वास के लिए काफी नुकसानदायक है। जानिए इसके बारे में।

Financial Gaslighting: कहते हैं कि रिश्तों में प्यार व उसकी खूबसूरती बनाए रखना हो तो पैसों को कभी भी बीच में नहीं लाना चाहिए। जब भी रिलेशनशिप में पैसा आ जाता है तो ऐसे में रिश्ते बिगड़ने में देर नहीं लगती है। लेकिन कपल्स के बीच अक्सर पैसा आ ही जाता है। यहां तक कि यह इतना ट्रिकी मुद्दा होता है कि कपल्स को पता ही नहीं चलता कि इसे कैसे सही तरह से मैनेज किया जाए। जहां एक पल वो दोनों मिलकर अपना फ्यूचर प्लान कर रहे होते हैं तो वहीं अगले ही पल यह बहस शुरू हो जाती है कि किसने कितना खर्च किया।

कभी-कभी लड़ाई का मुद्दा सिर्फ पैसे तक ही सीमित नहीं हेता है, बल्कि एक पार्टनर को ऐसा लगने लगता है कि उसका पार्टनर उसे अपने ही पैसे के फैसलों पर शक करने पर मजबूर कर देता है। जैसे आप चाहे जो करें, पैसे के मामले में हमेशा गलत होते हों, ऐसे में आपकी फाइनेंशियली इंडिपेंडेसी भी दाव पर लग जाती है। फाइनेंशियल गैसलाइटिंग ना केवल एक रिश्ते के लिए खतरनाक होता है, बल्कि यह आपके व्यक्तित्व पर भी बुरा प्रभाव डालता है। फाइनेंशियल गैसलाइटिंग में सामने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे आपको यह सोचने पर मजबूर करता है कि आप पैसे संभालने में अच्छे नहीं हैं या आप इसके लायक नहीं हैं। वे आपसे फाइनेंशियल डिटेल्स छिपा सकते हैं या फिर फैक्ट्स को ट्विस्ट कर सकते हैं। इतना ही नहीं, वो आपको यकीन दिलाते हैं कि वो ये सब आपकी भलाई के लिए कर रहे हैं। ऐसे में आप अपनी फाइनेंशियल एबिलिटीज पर ही शक करना शुरू कर देते हैं। कहीं ना कहीं आप धीरे-धीरे कण्ट्रोल होने लगते हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि फाइनेंशियल गैसलाइटिंग क्या होती है और यह किस तरह खतरनाक हो सकती है-

What is Financial Gaslighting
What is Financial Gaslighting

फाइनेंशियल गैसलाइटिंग तब होती है जब आपका पार्टनर आपको कुछ इस तरह से मैन्युपुलेट करता है कि आप अपनी पैसों से जुड़ी समझ या फैसलों पर शक करने लगते हैं। हो सकता है कि वह आपसे कहे कि “तुम हमेशा पैसे बर्बाद करती हो।” या “तुम्हें फाइनेंस की समझ नहीं, मुझे संभालने दो।” या “तुम गलत सोच रही हो, मैंने अकाउंट से पैसे नहीं निकाले।” इस तरह वो आपको सीधेतौर पर मना नहीं करते, लेकिन उनकी बातों व बिहेवियर से आप खुद ही धीरे-धीरे अपने फैसलों पर भरोसा खो देती हैं और सारा कण्ट्रोल उनके हाथ में चला जाता है।

अक्सर लोग फाइनेंशियल गैसलाइटिंग को शुरुआती दौर में समझ नहीं पाते हैं, लेकिन सामने वाले व्यक्ति का व्यवहार व उसकी बातें आपको खुद इसका संकेत देती हैं। मसलन-

  • आपको पैसों के फैसलों से दूर रखा जाता है। हो सकता है कि आपको यह सुनने को मिले, “बिल्स की चिंता मत करो” या “तुम टैक्स नहीं समझती।” धीरे-धीरे आप सवाल पूछना छोड़ देती हैं।
  • पैसों से जुड़े सच को अक्सर तोड़-मरोड़ पेश किया जाता है। अगर ₹10,000 गायब हैं और आप पूछती हैं, तो जवाब मिलता है “तुमने ही खर्च कर दिए होंगे,” जबकि आपको पता होता है कि आपने नहीं किए।
  • आपके खर्च को शर्मिंदगी का कारण बनाया जाता है। हो सकता है कि आपका पार्टनर छोटे-छोटे पर्सनल खर्चों को “फिजूलखर्ची” कहे, जबकि वो खुद मनमर्जी से खर्च करते हैं।
  • यह भी संभव है कि वे आपके साथ फाइनेंशियल शेयरिंग नहीं करते। आपको बिना बताए गुप्त अकाउंट खोलना, आपके नाम से लोन लेना, या फिर “सिक्योरिटी” के नाम पर  पासवर्ड बदल देना आदि।
  • फाइनेंशियल गैसलाइटिंग में पार्टनर आपको आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बनने देना।  काम करने से मना करना या आपकी सैलरी लेकर अपने हिसाब से खर्च करना, ताकि आपके पास खुद का पैसा न बचे।
  • अपने बिहेवियर से आपका आत्मविश्वास खत्म कर देना। धीरे-धीरे आप खुद मानने लगती हैं कि आप पैसों की समझ नहीं रखतीं और फिर आप सारे फाइनेंशियल डिसिजन पार्टनर पर ही छोड़ देती हैं।
Two Couples Fighting with each other
The effects of financial gaslighting

अगर रिलेशन में फाइनेंशियल गैसलाइटिंग होती है तो इससे व्यक्ति का सिर्फ पैसों का नुकसान ही नहीं होता, बल्कि ये आपके कण्ट्रोल, आत्मविश्वास और मानसिक शांति को भी खत्म कर देती है। धीरे-धीरे आप अपने हर फैसले पर शक करने लगती हैं। आप खुद कमाती हैं, लेकिन फिर भी पैसों को खर्च करने का अधिकार आपका नहीं होता है। आप रिश्ते में फंसी हुई महसूस होती हैं, क्योंकि आपके पास आर्थिक आजादी नहीं होती। पैसों की बात होते ही डर या गिल्ट महसूस होता है। इससे कहीं ना आत्मसम्मान और आत्मविश्वास काफी कम हो जाता है।

फाइनेंशियल गैसलाइटिंग आपकी मानसिक शांति को भंग करने से लेकर फाइनेंशियल इंडिपेंडेसी को खतरे में डाल देती है। आपको कहीं ना कहीं रिश्ते में घुटन का अहसास भी होने लगता है। इसलिए, इससे बाहर निकलना जरूरी होता है। इसके लिए आप कुछ आसान तरीके आजमा सकती हैं। मसलन-

  • सबसे पहले तो आप यह पहचानें कि हो क्या रहा है। सबसे मुश्किल कदम यही है। खुद से पूछें, “क्या मैं पैसों की बात पर डर या गिल्ट महसूस करती हूं?” अगर हां, तो यह संकेत है।
  • अपनी फाइनेंशियल समझ बढ़ाने का प्रयास करें। सबसे पहले आप बेसिक फाइनेंस समझें, जैसे बजट बनाना, सेविंग्स, ब्याज आदि। याद रखें कि खुद को फाइनेंशियली मैनेज करने के लिए आपको एक्सपर्ट नहीं बनना, बस जागरूक होना है।
  • रिश्ते में कुछ सीमाएं जरूर तय करें। मसलन, अपना बैंक अकाउंट रखें और पर्सनल व ज्वॉइंट खर्चों को अलग करें। साथ ही, ज्वॉइंट अकांउट में पूरी एक्सेस रखें।
  • खुद को फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट बनाएं। इसके लिए आप छोटे स्तर से शुरुआत कर सकती हैं। ऑनलाइन काम करने से लेकर, फ्रीलांसिंग या स्किल सीखना शुरू करें।
  • अगर आपका आत्मविश्वास कमजोर होने लगा है तो खुद पर दोबारा भरोसा पैदा करने की कोशिश करें। यह समझें कि आपको “पैसों की समझ नहीं है” यह बस एक झूठ है जो आपको मानने पर मजबूर किया जा रहा है। जब आप खुद पर भरोसा करना शुरू करती हैं तो सामने वाले व्यक्ति का झूठ आपको परेशान नहीं कर पाता है।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...