घर पर रोज दो बार आने वाली बाई किसी रिश्तेदार से भी ज्यादा परिवार का हिस्सा बन जाती है। ये इतना परिवार का हिस्सा बन जाती है कि कई बातें इनको बाकी परिवार के सदस्यों से भी पहले पता चल जाती हैं। लेकिन ये बातें तब पता चलें,जब आप खुद बताएं ना कि वो खुद ही सबकुछ जान लें। जी हां,कई सारी बाई ऐसी होती हैं जो आपके बिना बताए ही पूरे परिवार की बातें जान लेना चाहती हैं। ऐसी बाइयों को सुधारने की सख्त जरूरत होती है क्योंकि ऐसा नहीं करेंगी तो वो कई सारी ना जानने वाली बातें भी जान लेंगी और ये आपके परिवार के लिए खराब भी साबित हो सकता है। हम उन बाइयों की बात कर रहे हैं जो परिवार की बातों में कान लगाती हैं वो भी बिना इजाजत के। अब ऐसे में बाई की इस आदत को बाय तो कहना ही पड़ेगा-

परिवार की सदस्य-

बाई परिवार का हिस्सा जरूर बन जाती है लेकिन वो परिवार की सदस्य नहीं होती है। इसलिए उसको इस बात का एहसास जरूर कराते रहें। ऐसे करने के लिए सबसे पहले तो उससे खुद घर की बातें कहना छोड़ दें। छोड़ दें,परिवार की बातों के डिटेल उसको कहना। आपकी ये आदत धीरे-धीरे जाएगी और धीरे-धीरे ही बाई भी अपनी हद में रहना सीख लेगी।

तो वो खुद जानेगी- 

एक दिन ऐसा आएगा जब हो सकता है कि आप बाई के सामने कोई भी बात करने से कतराने लगेंगी। तो याद रखिए कि बाई इसको ऐसे ही स्वीकार नहीं करेगी बल्कि वो खुद से  सारी बात जानने की कोशिश में लग जाएगी। हो सकता है वो कान लगाने लगे। आपकी बातों के अलग-अलग मतलब निकालने लगेगी। जैसे‘आज घर में ज्यादा लोग नहीं दिख रहे हैं,क्या कहीं गए हुए हैं?’उसकी ऐसी बातों को भी आपको हैंडल करना होगा वो भी बहुत समझदारी से।

सीधा जवाब-

बाई को इस वक्त सीधा जवाब देना जरूरी होगा। उससे बहस ना कीजिए बल्कि सीधा जवाब दीजिए कि वो‘इससे तुम्हें कोई मतलब नहीं होना चाहिए’। उसको सीधे जवाब से ही समझ आएगा कि उसे इन बातों से कोई मतलब नहीं होना चाहिए। यही एक तरीका बाई को परिवार की बातों से कई गज पीछे कर देने का।

परिवार को समझाना होगा

इस स्थिति में आपको भी अपने परिवार से संभलकर बोलने का सुझाव देना होगा। मतलब जब बाई घर पर हो तो कोई भी परिवार की सीक्रेट बातें बिलकुल न करे। इसके लिए सबको अलर्ट रहना होगा। देखेगा जब कुछ भी पता नहीं चलेगा तो उसकी ये आदत छूट ही जाएगी।

ये भी पढ़ें- बोल्ड आंखें,बोल्ड लिप्स