woman sitting with her daughter and talking
Parenting Tips

Summary: नए पेरेंट्स के लिए ज़रूरी! हैप्पी फैमिली बनाने के 5 आसान टिप्स

नए माता-पिता बनने के बाद बच्चे की देखभाल में संतुलन बनाए रखना और जिम्मेदारियाँ साझा करना बहुत ज़रूरी है। टाइम फिक्स करना, बच्चे के अनुसार एडजस्ट करना और पार्टनर के साथ सहयोग करना हैप्पी पेरेंटिंग के लिए बेसिक मंत्र हैं।

Happy Parenting Tips: पेरेंट्स बनना हर किसी के लिए खुशी की बात होती है। बच्चा आने से घर में नई खुशियों का लहर दौड़ उठता है, लेकिन यह खुशियों के साथ-साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी होती है। इसलिए पेरेंट्स बनना एक बड़ी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार होना होता है। क्योंकि जब आप नए पेरेंट्स बनते हैं, तो बच्चों का रातभर होना से लेकर डायपर चेंज करने की जिम्मेदारी आप पर होती है। इसलिए सहयोग के साथ पेरेंटिग करना ही बेहतर होता है। अगर आप किसी एक पर पूरी तरह से बच्चे की परवरिश की जिम्मेदारी छोड़ देते हैं, तो रिश्तों में खटास आ जाती है। आइए जानते हैं हैप्पी पेरेंटिंग के लिए कौन से टिप्स को फॉलो करें?

a family of four smling together
Happy Parenting Tips

अगर आप नए-नए माता-पिता बने हैं और आपको समझ नहीं आ रहा है कि आप किस तरह बच्चे की केयर करें, तो सबसे पहले एक टाइम फिक्स करें। उदाहरण के लिए अगर आप सुबह बच्चे को देख रहे हैं, तो शाम के वक्त अपने पार्लर को बच्चे को देखने के लिए कहें या फिर रात के समय अल्टरनेटिव तरीके से बच्चे की केयर करने की जिम्मेदारी तय करें।

बच्चा कब जागता है, कब खाता है और कब रोता है, इस बात को समझने की कोशिश करें। अगर आप इस बात को समझ नहीं पाएंगे, तो उनके अनुकूल खुद को ढालना मुश्किल हो जाएगा। इससे आपको और आपके पार्टनर दोनों को परेशानी हो सकती है। साथ ही इससे आपका बच्चा भी परेशान हो सकता है। इसलिए बच्चे के व्यवहार पर ध्यान देकर इसके अनुकूल खुद को एडजस्ट करें।

ऑफिस के काम की वजह से घर और बच्चे संभालने की जिम्मेदारी अपने पार्टनर पर न डालें। अगर आपका पार्टनर घर काम कर रहा है, तो इस दौरान खुद अपने की देखभाल करें। आपको इसके लिए बार-बार कहना न पड़े। अगर आप बच्चे की देखभाल को नजरअंदाज करते हैं, तो आपका पार्टनर चिड़चिड़ा हो सकता है।

a couple is playing with her child in garden in sunset
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बच्चे और घर की जिम्मेदारी के बीच आपको और आपके पार्लर को सही से समय नहीं मिल पाता है। ऐसे में कोशिश करें कि हफ्ते में कम से कम एक बार घर से बाहर जाएं। इससे आपके पार्टनर को घर के कामों से छुटकारा मिलेगा और उन्हें कुछ फ्री का समय मिल पाएगा।

हैप्पी पेरेंटिंग के लिए पार्लर की तकलीफों को समझना जरूरी होता है। इससे किसी एक बार जिम्मेदारी नहीं बढ़ती है। अगर आप नए पेरेंट्स बने हैं, तो इन छोटी-छोटी बातों पर जरूर ध्य़ान दें ताकि आपको किसी तरह की तकलीफ न हो।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...