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जीवनसाथी चुनते समय इन पहलुओं पर रखें नजर: Life Partner Tips
Life Partner Tips

Life Partner Tips: जिंदगी और भी खूबसूरत हो जाती है जब उसे गुजारने के लिए एक अच्छे जीवन साथी का साथ मिल जाता है। एक अच्छा साथ और साथी कैसे मिले इसके लिए हमारा पहला कदम सही जीवन साथी का चुनाव करना अहम है। जानते हैं कि किन पहलुओं का ध्यान रखकर हम एक अच्छा जीवन साथी चुनते हैं।

यह चाय और समोसे सब हमारी बेटी ने बनाए हैं। सामने की दीवार पर जो पेंटिंग लगी है वह भी हमारी बेटी ने की है। अकसर ड्राइंग रूम में लड़के वालों के सामने आज भी कमोबेश कुछ ऐसी ही बातें होती हैं जहां लड़के वाले विवाह का औपचारिक प्रस्ताव लेकर आते हैं। लड़की का क्वैश्चन-आंसर सैशन होता है। जहां पहले से रटवाए गए जवाब वो दे देती है। जैसे कि उसे खाना बनाना आता है या नहीं? घर-संसार के उसके लिए क्या मायने हैं? उसकी हॉबीज क्या हैं? हां, अगर ईशारों-ईशारों में लड़के वाले यह तय कर लेते हैं कि लड़की पसंद आ रही है तो लड़का और लड़की को घर पर अकेले में बात करने का मौका दे दिया जाता है। इसके बाद अमूमन हां होती है और विवाह की तैयारियां शुरू।
लेकिन आपने कभी सोचा है कि वो जो दो अजनबी इंसान जो जन्मों-जन्मांतर के रिश्ते में एक-दूसरे के साथ बंधने वाले हैं उनके लिए एक या दो मुलाकात बस काफी है। क्या इतना भर ही जानना एक-दूसरे के लिए जरूरी है? शायद तभी तो फिल्मों में जैसा होता है वैसा आम जिंदगी में बिल्कुल नहीं हो पाता। शादी के बाद यह दो लोग जब एक छत के नीचे एक-दूसरे के बुरे और अच्छे पहलू के साथ नजर आते हैं तो फिर शुरू होता है एक निराशा का दौर। यह फेज अमूमन अरेंज मैरिज में ज्यादा आता है। बेटियां अपनी मांओं से फोन पर शिकायतें करती हैं। हां, एक समझदारी की सलाह जो अक्सर मां अपनी बेटी को देती है वो यह है कि अपने रिश्ते को समय दो। धैर्य रखों सब सही होगा।
लेकिन यही समय अगर इस रिश्ते को पहले दिया जाए तो शायद स्थिती शादी के बाद सही हो जाएगा। और शादी का किस्सा भी थोड़ा फिल्मी होगा। जहां प्यार और एकमतता नजर आएगी। जानते हैं वह कौन से पहलू हैं।

एक मुलाकात काफी नहीं

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First Meeting is not Necessary

आपको क्या लगता है कि अगर आप अरेंज मैरिज कर रहे हैं तो सिर्फ एक मुलाकात ही काफी है। नहीं आप बेशक अपने होने वाले जीवनसाथी से एक बार मिल लिए हों, लेकिन हां करने में जल्दबाजी न करें। एक-दूसरे के साथ बार-बार मिलें। आपको एक-दूसरे की पसंद-नापसंद जीवन को देखने का नजरिया बहुत कुछ पता चलेगा। शादी के बाद रहना सिर्फ एक इंसान के साथ नहीं होता, आप दोनों ही कहीं बाहर अपने भाई-बहनों और दोस्तों के साथ मिल सकते हैं।

लड़की, लड़के के घर जाए

लड़के वाले तो घर आकर लड़की और घर के तौर-तरीके देख लेते हैं। लेकिन लड़की को भी लड़के के घर जाना चाहिए। वह भी अपने परिवार के साथ वहां जाए और देखे कि उसका होने वाला घर कैसा है? वहां के लोगों का रहन-सहन और खान-पान कैसा है। आप जितना ज्यादा परिवार के साथ घुलेंगे-मिलेंगे आप जान पाएंगे कि क्या सही है। दूसरे शब्दों में कहें तो आपके सामने एक पिक्चर क्लियर होगी।

सोशल मीडिया प्रोफाइल भी देखें

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Also Watching Social Media

कहते हैं कि आपकी बहुत सी चीजें आपकी पर्सनेलिटी का आईना होती हैं। सोशल मीडिया किसी इंसान की पर्सनेलिटी का ऐसा ही एक आइना है। आप देखें कि वह इंसान किस तरह के ट्वीट करता है। वह किन्हें फॉलो करता है। किस तरह की भाषा का वहां इस्तेमाल होता है। खुद से जुड़ी चीजों को वह कितना ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर साझा करता है या करती है।

अपने बुरे पहलू भी बताएं

हम सब कॉरपोरेट वर्ल्ड में रहते हैं। सभी जानते हैं कि जब हमारे इंटरव्यू राउंड होते हैं तो हम से ही हमारे नेगेटिव पॉइंट्स के बारे में भी पूछा जाता है। हम उन्हें बताते भी हैं। आप ऐसा ही कुछ अपने होने वाले जीवन साथी को बताएं। यह हो नहीं सकता कि आपके अंदर कोई नेगेटिव पॉइंट न हो। आप जान लें एक बात आप जितना एक-दूसरे के सामने खुद को बिना झूठ के या खुलकर बताएंगे आने वाले जीवन में आपको उतना ही फायदा होगा। जैसे कि आप बता सकते हैं कि मुझे गुस्सा जल्दी आता है। मैं बहुत जिद्दी हूं। मैं सॉरी पहले नहीं बोलती आदि।

प्राथिमकताएं तय करें

सबसे जरूरी बात है कि आपको जैसा जीवन साथी चाहिए, आप वैसे ही साथी को चुनें। अगर सुंदरता या गौरा रंग आपकी प्राथमिकता है तो ऐसी ही लड़की का चुनाव करें। बहुत जगह देखा गया है कि बाद में मजाक में ही सही लड़की के रंग या कद काठी को लेकर बात होती है।
ऐसा हर्गिज न करें। यह बात लड़की पर भी लागू होती है। अगर आपको एक हीरो टाइप का लड़का चाहिए तो आप वैसा ही चुनें। बाद में जब इस तरह की उलाहना एक-दूसरे को देते हैं तो इसका कोई विकल्प नहीं होता। हालांकि अगर मैं अपनी बात करूं तो रंग-रूप के कोई मायने नहीं होने चाहिए लेकिन फिर भी यह आपका जीवन है और इसे आप किसके साथ गुजारेंगे यह तय करने का अधिकार केवल आपको है।

जॉब के प्रोटोकोल

हर जॉब की कुछ न कुछ शर्ते होती हैं। जैसे एक सैनिक के लिए उसकी ड्यूटी अहम है। एक डॉक्टर के लिए उसके पेशेंट की सेहत। आप इस बात को समझें कि जो इंसान जिस जॉब में होता है उसकी क्या शर्ते हैं, उसे उन्हें कितना टाइम देना होगा आदि। आप जितना एक-दूसरे के लिए मेंटली तैयार रहेंगे अपनी आने वाले शादी-शुदा जीवन को उतना सहज बना पाएंगे।

अपनी शर्त रखें

एक और चीज जो शादी के बाद देखने को मिलती है कुछ नियमों को लेकर आपस में झगड़े। जैसा पहनावा या शादी के बाद जॉब करना पढ़ाई जारी रखना आदी। अगर आप जॉब करना चाहती हैं तो इस चीज को बिल्कुल स्पष्ट तौर से रखें। हां, पहनावा आजकल एक बहुत बड़ी समस्या के तौर पर सामने आ रहा है। आप दोनों ही इस बात पर खुलकर बात करें। डिस्कस करेंगे तो समस्या का हल आपको नजर आएगा।

उम्मीदें भी बताएं

अकसर होता है कि हम अच्छे बनने के चक्कर में सामने वाले को बताने में हिचकिचाते हैं कि हमारी क्या उम्मीद है? आप दोनों को एक-दूसरे के लिए जीना है और बदलना है। आप एक-दूसरे के लिए उम्मीदें बताकर एक-दूसरे की मदद करेंगे। वरना सामने वाला कैसे जानेगा कि आप आखिर चाहते क्या हैं?

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