Healthy Relationship Tips: जब कोई व्यक्ति एक नए रिश्ते में जुड़ता है तो उसके मन में कई तरह के भावनाओं का सैलाब उमड़ता है। एक नए रिश्ते में जुड़ने के बाद व्यक्ति पहले से अधिक खुश रहने लगता है और वह अपना अधिक से अधिक समय अपने पार्टनर के साथ बिताना चाहता है। दरअसल, पार्टनर का साथ या फिर उसके अपने पास होने का अहसास व्यक्ति को खुशी देता है। अमूमन यह देखने में आता है कि एक नए रिलेशन में दोनों पार्टनर एक-दूसरे से मिलने की जुगत में लगे रहते हैं। अगर किसी कपल के लिए हर दिन मिलना संभव नहीं होता है तो ऐसे में वे मैसेज के जरिए एक-दूसरे से कनेक्टेड रहना पसंद करते हैं।
यकीनन पार्टनर को मैसेज करने में कोई बुराई नहीं है। इससे आप उनके अपने करीब होने का अहसास करते हैं। लेकिन हर वक्त मैसेज करना बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता है। अगर आप एक नए रिश्ते में अपने पार्टनर को हरदम मैसेज करते हैं तो यह आपके रिश्ते के लिए अच्छा नहीं है। इससे आगे चलकर आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ कारणों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें जानने के बाद आप भी अपने नए रिलेशन में पार्टनर को हरदम मैसेज करना छोड़ देंगे-
काम पर बुरा प्रभाव

जब आप अपने पार्टनर को लगातार मैसेज करते हैं तो ऐसे में काम पर इसका नेगेटिव असर पड़ता है। जब आप पार्टनर को मैसेज कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप काम के बीच में भी अपने पार्टनर को याद कर रहे हैं। इससे कहीं ना कहीं आपका फोकस कम होता है। वहीं, दूसरी ओर जब पार्टनर को आपका मैसेज मिलता है तो कहीं ना कहीं उनका काम भी डिस्टर्ब होता है। दिनभर में दो-तीन मैसेज करना ठीक है, लेकिन अगर आप हरदम मैसेज करते रहते हैं तो इससे दोनों ही पार्टनर के लिए काम पर ध्यान देना मुश्किल हो जाता है।
बढ़ती उम्मीदें
जब हम किसी को मैसेज करते हैं तो यह उम्मीद करते हैं कि मैसेज पढ़ने के बाद सामने वाला व्यक्ति हमें कोई ना कोई रिप्लाई करे। पार्टनर से तो यह अपेक्षा की ही जाती है। यकीनन मैसेज का जवाब देने में एक सेकंड ही लगता है। लेकिन जब आप बार-बार मैसेज करते हैं तो ऐसे में सामने वाले व्यक्ति के लिए परेशानी खड़ी हो जाती है। कई बार वह आपका मैसेज इग्नोर कर देता है या फिर आपको रिप्लाई नहीं करता है। ऐसे में आप अपने मन की उम्मीदों के पूरा ना होने की स्थिति में खुद को दुखी व उपेक्षित महसूस करते हैं। इससे रिश्ते में नजदीकियां बढ़ने की जगह दूरियां आने लगती हैं।
नहीं मिलता पर्सनल स्पेस

हर व्यक्ति को अपने जीवन में आजाद रहना अच्छा लगता है, फिर चाहे वह एक रिलेशन में ही क्यों ना हो। लेकिन जब आप दिनभर लगातार अपने पार्टनर को मैसेज करते हैं तो इससे सामने वाले व्यक्ति को ऐसा लगता है कि कहीं ना कहीं उसका पर्सनल स्पेस छीना जा रहा है। हो सकता है कि वह यह भी सोचने लगे कि आप उसके लिए सही नहीं हैं और उसे समझते नहीं हैं। ऐसे में बिना कहे ही वह आपसे दूरी बनाने लगते हैं। जिससे रिश्ता लंबे समय तक टिक नहीं पाता है।
कम्युनिकेशन स्किल डेवलप ना हो पाना
रिश्ते की शुरुआत में कपल को आपस में इफेक्टिव कम्युनिकेशन स्किल डेवलप करना जरूरी है। लेकिन जब आप लगातार मैसेज करते रहते हैं तो इससे व्यक्तिगत रूप से गहरी, अधिक सार्थक बातचीत करने का वह अवसर नहीं मिल पाता है। हो सकता है कि लगातार मैसेज से परेशान होकर आपका पार्टनर आपकी बातों को तवज्जो देना ही छोड़ दें। इसलिए, बार-बार मैसेज करने की जगह आप अपनी भावनाओं, विचारों और परेशानियों पर आमने-सामने चर्चा करना सीखें।
नहीं होता आपसी जुड़ाव

जब आप पार्टनर को हर वक्त मैसेज नहीं भेजते हैं तो ऐसे में जब पार्टनर आपसे बात करता है तो उस समय वह आपसे अधिक गहराई से जुड़ने के लिए अधिक इच्छुक हो सकता है। जिससे कहीं ना कहीं रिश्ते पर काफी अच्छा असर पड़ता है। जबकि अगर आप लगातार मैसेज करते रहते हैं तो ऐसे में पार्टनर को यह लगने लगता है कि उसे अपने काम की जगह आपसे हरवक्त बात करने की जरूरत है। ऐसे में वह सिर्फ आपके द्वारा लिखी गई बातों का जवाब देगा। उन्हें समझने या महसूस करने की जरूरत उसे महसूस ही नहीं होगी। यह भी संभव है कि आपके लगातार मैसेज करने की स्थिति में वह आपके मैसेज को सही ढंग से पढ़े ही नहीं।
अन्य रिश्तों पर पड़ता है प्रभाव
पार्टनर को लगातार मैसेज करते रहने का नेगेटिव इफेक्ट अन्य रिश्तों पर भी पड़ता है। जब आप पार्टनर को हरदम मैसेज करते रहते हैं और वह आपके मैसेज का रिप्लाई करता रहता है तो ऐसे में आप दोनों ही अपनी फैमिली, फ्रेंड्स या फिर रिश्तेदारों के साथ होते हुए भी उनकी कंपनी को एन्जॉय नहीं कर पाते हैं। आप उनके साथ बिताए हुए अच्छे पलों को महसूस ही नहीं कर पाते हैं।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि आप अपने पार्टनर को बिल्कुल भी मैसेज ही ना करें। आप उनके प्रति केयर व अपना प्यार प्रदर्शित करने के लिए मैसेज अवश्य करें, लेकिन इसमें अति करने से बचें।
