किसी को दिमाग से निकालना है, तो ये 10 टिप्स आएंगे काम: Past Relationship
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Past Relationship: बेहतर यह होगा कि हम इस बात को स्वीकार कर लें कि हमारी जिंदगी में कोई ना कोई एक इंसान अच्छा होता है जो गहरे इमोशंस हमारे अंदर लाता है और हम चाहे जितनी भी कोशिश कर ले उसके बारे में सोचना बंद नहीं करते हैं। कई बार या आपका नया क्रश हो सकता है तो कई बार आपका एक्स। आपकी बेस्ट फ्रेंड भी होती है, जिससे दोस्ती खत्म होने के बाद भी आप बात करना चाहती हैं।

सच तो यह है कि किसी के साथ आपकी अच्छी बॉन्डिंग होती है तो आपके मस्तिष्क में अच्छा महसूस कराने वाला केमिकल डोपामाइन रिलीज होता है। जिसकी वजह से आपके दिमाग से वह व्यक्ति निकल नहीं पाता है। इसे ऑब्सेशन भी कहा जा सकता है क्योंकि आप दिन रात 24 घंटे सिर्फ उसी एक इंसान के बारे में सोचती हैं। डोपामाइन लोगों को करीब लाता है और जब आप किसी के साथ एक खास पीरियड बिता लेते हैं तो बॉन्डिंग हार्मोन ऑक्सीटॉसिन दिमाग में गहरी पैठ बनाने लगता है। लेकिन यदि आप चाहते हैं कि आप अपने दिमाग से किसी एक इंसान को बाहर निकाले लेकिन आप से या हो नहीं पा रहा है तो आपकी मदद के लिए यहां 10 टिप्स दिए जा रहे हैं। 

अपनी भावनाओं को स्वीकार करें

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Accept your feelings

किसी को दिमाग से निकालने से पहले सबसे जरूरी तो यह है कि आप अपनी भावनाओं को समझें और स्वीकार करें कि वह एक खास व्यक्ति आपके लिए स्पेशल है और यही वजह है कि आप उसे अपने दिमाग से नहीं निकाल पा रही हैं। किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में विचार करना स्वाभाविक है जिसकी आप परवाह करती हैं या जिसे आप याद करती हैं। बिना किसी तरह के निर्णय के अपनी भावनाओं को स्वीकार करना सबसे पहला और जरूरी कदम है। 

अपने आपको डिस्ट्रैक्ट करें

यदि आपका दिमाग खाली रहेगा तो जाहिर सी बात है वही सोचेगा जो उसे नहीं सोचना चाहिए। इससे बचने का सबसे बेहतर तरीका है खुद को व्यस्त रखना। ऐसी एक्टिविटीज खोजें, जो आपके दिमाग और शरीर को व्यस्त रखें, जैसे कि एक्सरसाइज करना, पढ़ना या दोस्तों के साथ समय बिताना। आप चाहें तो अपने किसी शौक को भी समय दे सकती हैं। हो सकता है कि आपको नृत्य का शौक रहा हो लेकिन उस शौक को आप पूरा नहीं कर पाई हों, क्यों ना इस समय अपने उस शौक को पूरा करने के लिए डांस क्लास में अपना दाखिला करा लें। 

खुद पर दें ध्यान 

ऐसा अक्सर होता है कि जब व्यक्ति के दिमाग में कोई और घूम रहा होता है तो वह अपने बारे में बिल्कुल भी नहीं सोचता। यह बिल्कुल भी सही नहीं है, ना तो आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए और ना ही आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए। इसलिए खुद पर ध्यान देना जरूरी है। पर्याप्त नींद लेकर, अच्छा खाना खाकर और अपने बारे में अच्छा महसूस कराने वाले काम करके अपना ख्याल रखें।

नई यादें बनाएं

किसी को दिमाग से निकालना है तो जरूरी है कि आप अपने लिए नई चीजें करें, नई यादें बनाएं। नई यादें बनाने के लिए आप अपनों की भी मदद ले सकती हैं या फिर किसी शौक को अपनाकर भी। क्या आपको पॉटरी बनाते देख उसमें हाथ आजमान का मन किया है? यदि आपका जवाब हां में है, तो फिर देर किस बात की, आज ही पॉटरी क्लासेज में दाखिला ले लें। अपनी जिंदगी में नयापन लाएं और नई यादें बनाएं। ये नई सकारात्मक यादें आपके दिमाग में उस व्यक्ति को शामिल नहीं करती हैं।

दूसरों के साथ जुड़ें

अकेलापन काटने को दौड़ता है। अकेलापन आपको वही चीजें याद दिलाता है, जो आप नहीं याद करना चाहती हैं। इससे बचने का एक बेहतर तरीका यही है कि आप अन्य लोगों के साथ समय बिताएं। आपके कई दोस्त या परिवार के सदस्य होंगे, जो इसमें आपकी मदद कर सकते हैं। उनके साथ समय बिताकर आपको अच्छा महसूस होगा और आप पुरानी चीजों से उबर पाने में खुद को सक्षम पायेंगी।  

माइंडफुलनेस का अभ्यास

Mindfulness
Mindfulness

अपने आप को शांति प्रदान करने के लिए आपको वह हर संभव कोशिश करनी चाहिए जो आपके बस में है। पुरानी बातों और पुराने लोगों को याद करने से बेहतर है कि आप वर्तमान में बने रहे और वर्तमान के पलों पर ध्यान केंद्रित करें। ध्यान केंद्रित करने के लिए आप मेडिटेशन, योग या अन्य किसी भी ऐसी तकनीकी मदद ले सकती हैं जिससे आपको मदद मिले। 

नकारात्मक विचारों को दें चुनौती

जब आपके सामने यह चुनौती हो कि आप किसी को भूल नहीं पा रही हैं और उसे दिमाग से निकालना चाह रही हैं तो जाहिर सी बात है कि आपके मन में कई नकारात्मक विचार आते रहते होंगे। इन विचारों से पार पाना और उन्हें निकालना बहुत जरूरी है। यह भी हो सकता है कि आप अपने आपको उस व्यक्ति के बारे में नकारात्मक विचारों में डूबा हुआ पाते हैं, तो उन्हें बदलने का प्रयास करें या उन्हें सकारात्मक विचारों से बदलें।

लिखना है जरूरी 

Write

कई बार ऐसा होता है कि कुछ बातें आप किसी से शेयर नहीं कर पाती हैं और मन ही मन घुटती रहती हैं। ऐसे में अपने विचारों और बातों को लिखना आपके लिए मददगार हो सकता है। इस तरह से आप अपनी भावनाओं को प्रोसेस कर पाने में सक्षम हो पायेंगी। 

सीमाओं का निर्धारण 

यदि संभव है कि आप जिस व्यक्ति को अपने दिमाग से निकालना चाह रही हैं उसे आप रोज मिल रही है या बातें कर रही हैं। ऐसे में उस व्यक्ति को अपने दिमाग से निकालना लगभग असंभव हो जाता है। इस स्थिति में जरूरी यह है कि आप अपने लिए सीमाएं निर्धारित कर लें या उसके साथ अपने संपर्क को सीमित कर लें।  क्योंकि यदि आप अपने लिए कदम नहीं उठाएंगी तो आपके लिए यह लगभग असंभव हो जाएगा कि आप उस व्यक्ति को अपने दिमाग से निकाल पाएं। 

मदद लेना है एक सार्थक कदम 

यह हो सकता है कि आप जिस व्यक्ति को अपने दिमाग से निकालना चाह रही हैं उसने आपके दिमाग पर पूरी तरह से काबू किया हुआ है। ऐसे में आपको थेरेपिस्ट या काउंसलर से बात करने की जरूरत पड़ सकती है और सच कहा जाए तो इससे काफी मदद भी मिलती है। वह आपकी भावनाओं के माध्यम से काम करने और कठिन भावनाओं से निपटने के लिए रणनीति विकसित करने में आपकी सहायता कर सकता है।

स्पर्धा रानी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज ने हिन्दी में एमए और वाईएमसीए से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। बीते 20 वर्षों से वे लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट लेखन में सक्रिय हैं। अपने करियर में कई प्रमुख सेलिब्रिटीज़ के इंटरव्यू...