Couple Tips

Couple Tips: शाहिद कपूर और मीरा राजपूत, ये दोनों ऐसे कपल हैं, जो उम्र में अंतर होने के बावजूद एक- दूसरे को कंपलीमेंट करते हैं। जब 2015 में इनकी शादी हुई थी, तो इनके बीच के उम्र के अंतर को लेकर काफी बहस हुई थी। साथ ही यह बात भी उठने लगी थी कि करीना के साथ दिल टूटने के बाद शाहिद ने चुपचाप अरेंज मैरेज कर ली। लेकिन अब लगभग 6 साल के इन दोनों के साथ ने हर तरह की बहस को दरकिनार कर दिया है। कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज विश्वास करने लगे हैं कि अरेंज मैरिज के जरिए भी आपको लविंग पार्टनर मिल सकता है, और इसके पीछे वे शाहिद कपूर और मीरा राजपूत के रिश्ते को आधार बताते हैं। आज इस लेख के द्वारा हम आपको ये बताना चाहते हैं कि शाहिद कपूर और मीरा राजपूत के रिश्ते से आप अपनी शादी में किस तरह से नयापन और भरोसा ला सकते हैं। 

काम को काम ही समझना 

मीरा शादी से पहेल जानती थी कि उनकी शादी एक एक्टर से हो रही है, बावजूद इसके उन्होंने शाहिद के काम को काम ही समझा। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि किसी भी अन्य परिवार की तरह हमारा परिवार भी एक नॉर्मल परिवार है। बस अंतर यह है कि मेरे पति फिल्मों में काम करते हैं। यह उनका प्रोफेशन है, वह अपने काम को घर पर लेकर नहीं आते हैं।  

एक- दूसरे का सम्मान करना

यह एक ऐसा जोड़ा है, जो हमेशा एक- दूसरे को सम्मान देता है। इसका हमें उनकी सोशल मीडिया और उनके इंटरव्यू से पता चलता है। यह सच है कि इन दोनों के व्यवहार में अंतर है और चीजों को देखने का नजरिया भी अलग है, बावजूद इसके ये दोनों एक- दूसरे के व्यक्तित्व को सम्मान देते हैं। 

अपने पार्टनर को प्राथमिकता देना

शाहिद कपूर ने एक बार इंटरव्यू में कहा था कि हमारे रिश्ते में सबसे खास बात यह है कि हम दोनों एक- दूसरे को प्राथमिकता देते हैं। और इस बात को हम दोनों जानते और महसूस करते हैं। अपनी जिंदगी में अपने पार्टनर को प्राथमिकता देना सम्मान देने का ही एक पहलू है। यह किसी भी रिश्ते की गरिमा को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। शाहिद और मीरा दोनों एक दूसरे की जिंदगी में अपने- अपने महत्व को पहचानते हैं। 

अलग-अलग राय का होना

 जाहिर सी बात है कि सबकी राय दूसरों से अलग होती है। भले ही रिश्ता एक साथ जुड़ा हो लेकिन अलग- अलग राय होना आम बात है। एक शांत और सम्मानित शादी में जरूरी है कि हम एक- दूसरे के राय का सम्मान करें। जैसा कि एक बार शाहिद ने इंटरव्यू में कहा था कि हम एक- दूसरे की राय का सम्मान करते हैं और हमने यह भी सीखा है कि यदि राय एक जैसी ना हो तो भी उस पर कैसे सहमति जताया जाता है। 

एक- दूसरे को समय देना

अपना काम, अपना करियर और अपनी चीजें करना तो जरूरी है लेकिन यह भी जरूरी है कि कपल एक- दूसरे के साथ समय बिताए। डेट पर जाना, साथ में छुट्टियां बिताना और विभिन्न कपल एक्टिविटीज करना किसी भी शादी को लाइवली और मसालेदार बनाए रखने के लिए जरूरी है। शाहिद और मीरा अक्सर एक-दूसरे के साथ की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहते हैं, जो कि एक खुशनुमा शादी का अहम पहलू है। 

मैं” नहीं “हम”

इस शादी में हम और हमारा, ये दोनों शब्द बहुत मायने रखते हैं। अगर आप शाहिद और मीरा के इंटरव्यू को देखेंगे तो आप पाएंगे कि उनका दबाव कभी भी “मैं” पर नहीं बल्कि “हम” और “हमारे” पर रहता है। किसी भी शादी में दोनों लोगों को यह समझना और जानना जरूरी है कि शादी का मतलब दो लोगों का एक साथ जुड़ना और एक यूनिट की तरह काम करना होता है। शाहिद और मीरा इन चीजों को बेहतर तरीके से समझते हैं और उसी अनुसार एक यूनिट में रहकर काम करते हैं।  

एक- दूसरे का सहयोग करना

एक- दूसरे की मदद करना और एक- दूसरे की सराहना करना, ये दो चीजें ऐसी है जो हर कपल को जरूर करनी चाहिए। इस तरह से आपके पार्टनर को ग्रो करने में मदद मिलती है। यही नहीं, उसे अपने पंख फैलाने की भी आजादी मिलती है। मीरा और शाहिद जिस तरह से एक- दूसरे की प्रशंसा करते हैं, उस तरह से यदि हर कपल शादी में करे, तो किसी भी तरह के ईगो के लिए जगह ही नहीं बचेगी। 

साथ में जिम्मेदारी निभाना 

यह बात सच है कि जब एक एक्टर अपने काम में बिजी रहता है, तो महीनों तक अपने परिवार से दूर रहता है। लेकिन शाहिद और मीरा ने इस सच के होते हुए भी अपने रिश्ते में बराबरी को बनाए रखा है। तभी तो जब शाहिद छुट्टियों पर रहते हैं, तो बच्चों को संभालने में मीरा की पूरी मदद करते हैं। एक बार मीरा ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि लॉकडाउन के दौरान पूरे परिवार को साथ में समय बिताने का मौका मिला। तब शाहिद ही बच्चों को संभालते थे। वह बच्चों के साथ फुटबॉल खेलते थे और मिशा को साइकिल चलाना भी उन्होंने ही सिखाया।  बच्चों के साथ बोर्ड गेम खेलना, फिल्में देखना, यह सब शाहिद और मीरा दोनों की पूरी रूटीन में शामिल है।  

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