Overview: पार्टनर से असहमति व्यक्त करने के तरीके
अगर आप पार्टनर की बात से सहमत नहीं हैं तो ये तरीके आजमाएं।
Conflict without Blame: जब दो लोग एक साथ रहते हैं तो यह जरूरी नहीं है कि हर बात पर वे एक-दूसरे से सहमत ही हों। दरअसल, हर व्यक्ति की सोच अलग होती है तो यह काफी हद तक संभव है कि किसी एक बात या मुद्दे पर दोनों पार्टनर अलग तरह से सोचते हों। जिसकी वजह से वे अक्सर एक-दूसरे की बात से सहमत नहीं होते हैं। इतना ही नहीं, अगर उनके बीच किसी तरह की समस्या पैदा होती है या फिर कोई काम खराब होता है तो ऐसे में वे ब्लेम गेम खेलना शुरू कर देते हैं। जिसकी वजह से उनके रिश्ते की समस्याएं और भी ज्यादा बढ़ने लगती हैं।
जब दोनों पार्टनर रिलेशन में खुद को लेकर प्रोटेक्टिव होना शुरू हो जाते हैं और अपने पार्टनर पर ब्लेम करना शुरू कर देते हैं तो ऐसे में उनके रिश्ते में कड़वाहट घुलने लगती है और वे एक-दूसरे से दूर होना शुरू हो जाते हैं। यह सच है कि रिलेशन में कपल्स के बीच असहमति होती है, लेकिन ब्लेम गेम उसे दूर करने का तरीका नहीं है। बल्कि इसकी जगह आपको अन्य कुछ तरीकों का सहारा लेना चाहिए। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप रिलेशन में असहमति को आसानी से खत्म कर सकते हैं-
समस्या पर करें फोकस

अक्सर यह देखने में आता है कि जब कपल्स के बीच किसी बात को लेकर असहमति होती है तो वे उस समस्या को देखने, समझने व सुलझाने की जगह अपने पार्टनर को ही दोषी मानना शुरू कर देते हैं। वे किसी भी तरह की नेगेटिव सिचुएशन के लिए अपने पार्टनर को ही जिम्मेदार ठहराते हैं। लेकिन झगड़े के दौरान अपने पार्टनर की पर्सनैलिटी या उनकी आदतों को लेकर किसी तरह का नेगेटिव कमेंट ना करें। ऐसा करने से समस्या सुलझने की जगह और भी ज्यादा बढ़ती चली जाती है। साथ ही साथ, पार्टनर के मन में एक खटास भी पैदा होती है। इसलिए, अगर आपके बीच किसी तरह की समस्या है तो आप सिर्फ उस मुद्दे पर बात करें जो परेशानी का कारण है। साथ ही साथ, आपकी अप्रोच नेगेटिव होने की जगह पॉजिटिव होनी चाहिए। मसलन, आप अपने पार्टनर से ऐसे बोलें कि चलो, इसे मिलकर सुलझाते हैं। इससे दोनों पार्टनर का ही ध्यान समस्या की जगह उसके हल पर जाता है।
जानें असली वजह
अक्सर यह देखने में आता है कि कपल्स जिस बात पर लड़ रहे होते हैं, वो असल में बड़ी होती ही नहीं है। वास्तव में, असली मसला कुछ और होता है। लेकिन कपल्स इसे समझ ही नहीं पाते हैं और बस एक-दूसरे से लड़ते रहते हैं और ब्लेम गेम खेलते हैं। जिससे कभी भी समस्या का हल नहीं मिल पाताहै। मसलन, अगर झगड़ा घर के कामों को लेकर है, तो हो सकता है कि एक पार्टनर को ऐसा लगे कि उनकी मेहनत की कदर नहीं हो रही। इसलिए लड़ाई की जड़ को समझना जरूरी है। इसे समझने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप खुद से पूछें कि मुझे ये क्यों बुरा लग रहा है? या फिर मेरा पार्टनर क्या कहने की कोशिश कर रहा है। अगर आप सच में समस्या को सुलझाना चाहते हैं तो ऐसे में आप सतही मुद्दे पर अटके रहने के बजाय गहराई में जाकर असली बात पर चर्चा करें।
पार्टनर को ना दें दोष

जब आप अपने पार्टनर से किसी बात को लेकर असहमत है तो ऐसे में बेहतर होगा कि आप उस मुद्दे पर बात करें। इस दौरान एक-दूसरे पर इल्ज़ाम लगाने से कुछ हासिल नहीं होगा। इससे आपका रिश्ता खराब हो सकता है। कभी भी अपने पार्टनर से बात करते हुए “तुम हमेशा…” या “तुम कभी…” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने से बचें। इसकी जगह, “मैंने महसूस किया है…” जैसे वाक्यों का इस्तेमाल करें। साथ ही साथ, अगर आपको बातचीत के दौरान यह अहसास होता है कि आपसे भी गलती हुई है तो उसे स्वीकार करने से ना हिचकें। इससे रिश्ता और मजबूत होता है। हमेशा याद रखें कि ब्लेम गेम खेलने से कभी भी समस्या का हल नहीं होता है।
पार्टनर की भावनाओं को समझने की कोशिश करें
आपको यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि दो अलग हमेशा अलग तरह से सोचते हैं और इसलिए यह काफी हद तक संभव है कि आप किसी स्थिति को किस तरह से सोचते हैं, आपका पार्टनर वैसा ना सोच रहा हो। इसलिए, स्थिति को बेहतर तरीके से समझने के लिए आप अपने साथ-साथ अपने पार्टनर की भावनाओं को भी महसूस करने और उन्हें समझने का प्रयास करें। जब आप उनके नजरिए से सोचेंगे, तो स्थिति को सुलझाना काफी आसान हो जाएगा। जब आपके बीच झगड़ा हो तो उनकी बात ध्यान से सुनें। बिना सुने अपनी राय ना दें, बल्कि पहले यह सोचें कि वे क्या महसूस कर रहे हैं। याद रखें, उनकी भावनाएं भले आपकी सोच से अलग हों, पर वो गलत नहीं हैं।
लें ब्रेक

हमेशा याद रखें कि हीट मूमेंट में कभी भी कोई हल नहीं निकलता है। इसलिए, अगर आपको यह लगता है कि बात बढ़ रही है और आप दोनों मिलकर भी किसी तरह का हल नहीं निकाल पा रहे हैं तो ऐसे में थोड़ा ब्रेक लेना अच्छा रहता है। इससे दोनों पार्टनर को मानसिक रूप से शांत होने में मदद मिलती है। साथ ही साथ, इससे वास्तव में आप दोनों एक-दूसरे की बात को समझने और समस्या का हल निकालना अधिक आसान हो जाता है। कोशिश करें कि आप एक-दूसरे से ब्रेक लें। साथ ही साथ, यह तय करें कि ब्रेक के बाद कब बात करेंगे। इस समय का इस्तेमाल सोचने के लिए करें, ना कि गुस्सा बढ़ाने के लिए नहीं। याद रखें कि ब्रेक लेने का मकसद उस हीट मूमेंट को शांत करना और सोचने का वक्त लेना है, लेकिन उसके बाद बातचीत जरूर शुरू करें।
