शाहिन-शहजाद (काल्पनिक बदले हुए नाम) की शादी को पूरे तीन साल हो चुके थे, दोनों का एक  साल का बेटा भी है, दोनों पति-पत्नी अच्छे-खासे पढ़े-लिखे और वर्किग हैं। आर्थिक  समस्या जैसी घर में कोई परेशानी नहीं है। बेटे

को घर में दादी संभालती है। ऊपरी तौर पर देखा जाये तो ये दोनों सुखी दम्पती के तौर पर दिखाई देते हैं। लेकिन घर के अंदर कुछ दिन रहने पर भी शाहिन और शहजाद के सुखद जीवन का राज खुल जाता है,जब बात-बात पर शहजाद के अपनी पत्नी पर चीखने-चिल्लाने की आवाजें आती हैं, शहजाद बात-बात में अपनी पत्नी के काम में नुक्स निकालता रहता है साथ ही कोई भी बात आराम से कहने की बजाय ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाकर कहता है। शहजाद का कुछ पता नहीं चलता कि वो कब  तिल जैसी बात का ताड़ बना दे। शाहिन अपने पति की इस आदत से काफी परेशान रहती है। घर के बाहर तो वो राहत महसूस करती है लेकिन घर के अंदर आते ही शहजाद का व्यवहार उसे तनाव में डाल देता है। कई बार बात इतनी बढ़ जाती है कि बच्चा अपने मम्मी डैडी को लड़ते देख रोने लगता है। यह समस्या केवल शाहिन की ही नहीं है यह समस्या तो हमें अक्सर कई पति-पत्नियों के बीच देखने को मिल जाती है, जो अपने ड्रामेबाज पार्टनर की हरकतों से दुखी रहता है, परिवार में सब कुछ  ठीक-ठाक होते हुये ही बस बिना वजह ड्रामेबाजी करते पार्टनर की वजह से उथल-पुथल हो जाती है। एक हद तक तो पार्टनर सहता रहता है लेकिन जब ज्यादा परेशान हो जाता है और वो उन हरकतों को बर्दाश्त नहीं कर पाता है तो रिश्ता टूटने की कगार तक पहुंच जाता है। अगर आपका पार्टनर भी ड्रामेबाज है और उसकी वजह से आपकी लाइफ डिस्टर्ब हो रही है और आप अपना रिश्ता बचाये रखना चाहते हैं तो साकेत सिटी हॉस्पिटल के मनोचिकित्सक मधुसूदन सोलंकी के अनुसार सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आपके पार्टनर के ऐसे व्यवहार की वजह क्या है? उन वजहों को जानने के बाद उसके उत्पन्न होने के कारण ढूंढने चाहिये और फिर उनके उपायों पर काम करना चाहिये। किसी भी पार्टनर के ड्रामेबाजी करने के कारण एक से नहीं हो सकते हैं तो उपाय भी एक होना मुश्किल है इसलिये सबसे पहले हम रोशनी डालेंगे विभिन्न प्रकार के कारणों पर।

ड्रामेबाजी के कारण
डॉ. मधुसूदन के अनुसार हर कपल यूनिक होता है, उन्हें हम जर्नलाइज नहीं कर सकते हैं क्योंकि हर व्यक्ति की पारिवारिक संस्कृति अलग-अलग होती है, जिसके कारण उनकी परवरिश भी अलग-अलग ढंग से हुई होती है इसलिये हर व्यक्ति का व्यवहार, संस्कृति भी अलग-अलग होगी। उदाहरण के तौर पर किसी एक व्यक्ति के घर जो बात बुरी नहीं मानी जाती हो वो उस व्यक्ति के पार्टनर के घर में बुरी मानी जाती हो। किसी के घर में तेज-तेज आवाज में बात करना सामान्य बात हो और वहीं उस व्यक्ति के पार्टनर के घर में ऊंचा बोलना सामान्य बात ना हो। इसलिये पार्टनर की कुछ बातों को जानना बहुत जरूरी है।

      आपका पार्टनर आपके साथ शुरू से ऐसा व्यवहार करता आया है या                                                         

      अचानक से उसमें ये बदलाव आये हैं।

  • उनका ऐसा व्यवहार केवल आपके साथ ही ऐसा है या फिर सभी के साथ उनका व्यवहार ऐसा ही रूखा रहता है। कोई मानसिक परेशानी तो नहीं है।
  •  किसी निश्चित चीज को अपनाने में नखरे करते हैं या फिर सभी चीजों में नुक्स निकालकर कर अपनाने में नखरेबाजी करता है।

उपाय : डॉ. मधुसूदन के अनुसार यदि आपके पार्टनर का व्यवहार शुरू से अथवा बचपन से ही ऐसा है तो ऐसा व्यवहार करना उनकी आदत बन चुका है और आदत को छुड़ाना थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन निराश होने की आवश्यकता नहीं है। अपने पार्टनर के साथ इस मुद्दे पर तब बात करें जब वो अच्छे मूड में हों। उन्हें बतायें कि आपका ऐसा व्यवहार उनके रिश्ते को प्रभावित कर रहा है, उन्हें एहसास करायें कि वो उनसे बहुत प्यार करती है, लेकिन उनका गलत व्यवहार रिश्ते को खत्म कर रहा है। उन्हें बतायें कि यदि आप इस परिस्थिति में होंगे तो उनको कैसा लगेगा। उनको अपनी जगह होने का एहसास करायें।

  •  यदि वो बात-बात में नखरे करते हैं और चीजों में नुक्स निकालते हैं तो उन्हें प्यार से उसी समय नहीं बल्कि बाद में बतायें कि कोई जीवन में परफेक्ट नहीं होता है, हम सभी में कोई ना कोई कमी होती है, इसी प्रकार सभी चीजें एकदम परफेक्ट नहीं हो सकती हैं। इसलिये कमी निकालना छोड़ देना चाहिये, यदि कोई
  • चीज पसंद भी नहीं आती है तो चिल्लाने की बजाय आराम से वो आपको बता सकते हैं कि आपको वो चीज क्यों पसंद नहीं है। कभी प्यार से तो कभी सख्ती के साथ उनकी हरकतों के खिलाफ विरोध जरूर जतायें।
  • कभी भी अपने पार्टनर को यह बातें कभी ना बोलें कि तुम तो हमेशा से ही ऐसे थे, तुम कभी नहीं सुधर सकते, क्योंकि ऐसी बातें व्यक्ति के मन में गुस्सा पैदा करती हैं और आपका पार्टनर शांत होने की बजाय और भी भड़क सकता है।
  •  जब भी शांत माहौल में किसी मुद्दे पर बात करें तो केवल उसी मुद्दे पर बात करें। कभी भी पीछे की पुरानी बातें बिल्कुल भी नहीं उखाड़ें। पार्टनर को बतायें कि मैं आपको दोषी नहीं ठहरा रही ही हूं मैं आपसे प्यार करती हूँ इसलिये नहीं चाहती आपका खराब व्यवहार हमारे रिश्ते पर बुरा असर डाले।
  • अगर आपका पार्टनर इन सभी बातों से भी नहीं सुधर रहा है तो अपने सेल्फ रिस्पेक्ट के साथ समझौता ना करें, उन्हें बतायें कि आपकी इज्जत भी उतनी ही मायने रखती है जितनी कि आपके पार्टनर की। वैसे भी आज के समय में रिश्ते समझौते पर नहीं ‘गिव एंड टेक पर चलते हैं। आप केवल अपने पार्टनर को इज्जत दें ही नहीं बल्कि उनसे वापस सम्मान मिलने की उम्मीद भी रखें।
  •  रिश्ते को जीवन भर बनाये रखने के लिये दोनों ही एक-दूसरे के साथ सहयोग करें, अगर पहली बार कोई पार्टनर की बात पसंद नहीं आती है तो प्यार से उन्हें एहसास दिलायें कि उन्हें ऐसी बात या व्यवहार पसंद नहीं है। चुप ना रहें, पार्टनर से आराम से बैठकर खुलकर बात करें।