लीजियोनेला न्यूमोफिला।
यह एक वायरस है जिससे न्यूमोनिया हो जाता है। यह वायरस अधिकतर होटलों के एयरकंडीशंड प्लांट्स में पाया जाता है और बहुत ही घातक होता है। इसकी विशेषता यह है कि जब यह एक व्यक्ति की शिराओं में प्रवेश करता है, तो उस व्यक्ति के तापमान में कोई अन्तर नहीं पड़ता और उसे कुछ अनुभव नहीं होता, किन्तु जलवायु तब्दील होते ही…यानी जब वह व्यक्ति होटल से वापस अपने शहर या किसी अन्य जगह जाता है तो इस वायरस का इतना जोर का हमला होता है कि संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।
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पहले कई बार इस वायरस का 1976 में उस समय पता चला था जब कुछ लोग एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए फिलडेल्फिया के एक फाईव स्टार होटल में ठहरे हुए थे। उन्हें एक के बाद एक करके हर एक को न्यूमोनिया होने लगा था और अपने-अपने घरों तक वापस पहुंचते-पहुंचते काफी लोगों की मृत्यु हो गई थी। तत्पश्चात लोगों के मन में ऐसा भय बैठ गया था कि लोग होटलों में ठहरने से डरने लगे थे। इसका यह प्रभाव पड़ा था कि जब कभी यह समाचार फैल जाता कि फलां होटल में ठहरने से रोग लग जाने का भय है, तो लोग उस होटल के पास तक भी नहीं फटकते थे और इसमें होटल के मालिकों को बहुत भारी नुकसान होता था।
मेरे साथ भी हूबहू ऐसा ही हुआ था। यह बीमारी नासाऊ में मेरे पार्कवे होटल में शुरू हुई थी‒और यह समाचार जंगल की आग की तरह फैल गया था कि पार्कवे होटल में ठहरने से न्यूमोनिया का रोग हो जाता है। मैं पार्कवे होटल के एयरकंडीशंड प्लांट को शुद्ध करवा रहा था कि मुझे समाचार मिला, यह बीमारी मेरे दूसरे होटल में भी फैल गई है तथा लोग बीमार होकर होटल छोड़ रहे हैं। तीन दिन पश्चात जब मैंने स्थिति का जायजा लिया, तो मुझे ज्ञात हुआ कि मेरे सब होटलों के मिलाकर 324 लोग इस वायरस से प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 41 की मृत्यु हो गई है। उधर समाचार पत्रों वाले बढ़ा-चढ़ाकर इन खबरों को छाप रहे थे। मेरे होटलों में जहां तिल धरने की जगह नहीं मिलती थी, वहां पर अब उल्लू बोलने लगे थे। मैं चौबीस घंटे घर से बाहर रहने लगा था‒कभी इस द्वीप के होटल के एयरकंडीशंड प्लांट को ठीक करवाने, तो कभी उस द्वीप के। हर समय घर से बाहर रहने से डेबी को यह गलतफहमी होने लगी कि मैं उसकी अपेक्षा अपने बिजनेस को अधिक महत्व देता हूं। दो-एक बार हमारा झगड़ा भी हो गया। मैंने डेबी को बहुतेरा समझाने का प्रयास किया किन्तु उसको यह भ्रम हो गया था कि मुझे उसकी कोई परवाह नहीं। नतीजा यह हुआ कि पहले तो वह मुझसे खिंची-खिंची-सी रहने लगी और फिर वह अपना अधिक समय होस्टन में अपने मायके में व्यतीत करने लगी। सप्ताह में एक-आध दिन के लिये यहां चली आती और मुझे व्यस्त देखकर फिर वापस लौट जाती।
मुझे अभी इन मुश्किलों से छुटकारा भी नहीं मिला था कि नासाऊ के इन्टरनेशनल बाजार में, जो पर्यटकों के लिये एक आकर्षण केन्द्र है, उसमें आग लग गई और वह जलकर राख हो गया।
समाचार पत्रों ने इस समाचार को इस ढंग से प्रस्तुत किया था मानो इस बाजार में जान-बूझकर आग लगाई गई हो।
बाहामा द्वीप समूह के होटलों में न्यूमोनिया की बीमारी फैलने एवं नासाऊ के इन्टरनेशनल बाजार में आग लगने का समाचार अभी शान्त भी नहीं हुआ था कि नासाऊ में आगजनी एवं छुरेबाजी की कुछ वारदातें हो गईं जिसमें कुछ गोरे मारे गए थे। इन घटनाओं के कारण बाहामा द्वीप समूह में दो महीने तक एक भी पर्यटक नहीं आया। इस दौरान मैंने अपने सब होटलों के एयरकंडीशंड प्लांट्स को कीटाणुओं से शोधित करवा दिया था।
अपने काम को पूरा करके जब मैं फ्रीपोर्ट अपने घर पहुंचा तो सबसे पहले डेबी के दर्शन हुए‒वह अपना मुंह फुलाये बैठी थी।
अगले दिन जब मैं एवं डेबी आमने-सामने बैठे नाश्ता कर रहे थे, तो डेबी उस समय गुस्से में भरी बैठी थी।
बोली‒‘आज भी तुम्हें ऑफिस जाना होगा?’
मैंने प्याली में चाय डालते हुए कहा‒‘सोचा तो ऐसा ही था।’
‘तुम्हारे तो दर्शन ही दुर्लभ हो गए हैं।’
‘यदि मेरे दर्शन दुर्लभ हो गए हैं, तो बिस्तरे में किसके दर्शन करती हो?’
मेरे मुंह से ये शब्द निकलने थे कि डेबी एकदम फूट पड़ी और विषाक्त स्वर में बोली‒‘मैं तुम्हारी पत्नी हूं…वेश्या नहीं। मैंने एक आदमी के साथ गृहस्थी चलाने के लिए विवाह किया था‒केवल उसकी यौन तृप्ति के लिए नहीं। तुम अपने आपको समझते क्या हो?’
मैंने तुरन्त खेद प्रकट करते हुए कहा‒‘मैं आज ऑफिस नहीं जाऊंगा। मैं तो तुमसे मजाक कर रहा था। सच बात तो यह है कि मैं इतना थका हुआ हूं कि एक सप्ताह आराम करना चाहता हूं और हो सका तो हम यह साप्ताहान्त फैमिली द्वीप में व्यतीत करेंगे।’
यह सुनकर डेबी शान्त-सी हो गई और बोली‒‘मैं तुम्हारे किसी होटल में नहीं ठहरूंगी….क्या पता मुझे भी न्यूमोनिया हो जाये और….।’
इसी समय टेलीफोन की घंटी बज उठी‒यह टेलीफोन मेरी सेक्रेटरी जेन्सी ने किया था‒‘मिस्टर मेगन, आप तुरन्त रायल पाम होटल पहुंच जाइए। एक मुसीबत खड़ी हो गई है।’
‘अब क्या मुसीबत आन पड़ी है?’ मैंने थकी हुई आवाज में पूछा।
‘मुसाफिरों के सामान में गड़बड़ी हो गई है और वह चिल्ला-चिल्लाकर हरजाना मांग रहे हैं।’
मैंने रिसीवर वापस चोंगे में रखते हुए डेबी से कहा‒‘मेरा होटल जाना बहुत आवश्यक हो गया है।’
‘तुम्हारा मतलब है कि तुम फिर मुझे अकेला छोड़कर जा रहे हो।’
‘मैं मजबूर हूं, डेबी।’
‘नरक में जाओ तुम और तुम्हारी मजबूरी।’ कहकर डेबी डाइनिंग रूम से बाहर निकल गई।
मैंने अपना कोट उठाया और होटल रवाना हो गया। होटल लॉबी में पर्यटकों ने लॉबी को घेरे में ले रखा था और इतना चीख-चिल्ला रहे थे कि कुछ सुनाई नहीं पड़ता था। मैं सीधा लॉबी मैनेजर, जेक फ्लेचर के कमरे में घुस आया। उसने मुझे बताया, इन पर्यटकों ने रायल पाम होटल में कमरे रिजर्व करवा रखे हैं और मेरे होटलों का यह नियम था कि जब भी कोई हमारे होटलों में ठहरने वाला पहले से रिजर्वेशन करवा लेता था और हमें सूचित करवा देता था कि वह कौन-सी फ्लाइट से पहुंच रहा है, तो होटल का वाहन उसे हवाई अड्डे से लेने जाता था और उसका सामान आदि एयरपोर्ट से लाकर उसके कमरे में पहुंचा देते थे…यानी एक बार यहां पहुंचने पर हमारे होटल से ठहरने वालों को अपने सामान आदि को एयरपोर्ट से छुड़ाने और होटल तक लाने के लिए कुछ नहीं करना पड़ता था। हमने यह अतिरिक्त सेवा अपने मेहमानों की सुविधा के लिए उपलब्ध की थी…और आज यह सेवा हमारे लिये ही जान का बवाल बन गई थी।
हुआ यों था कि 208 पर्यटकों के एक समूह ने मेरे रायल पाम होटल में अपने लिए कमरे रिजर्व करवाये थे। नियमानुसार होटल की बस उन्हें हवाई अड्डे से होटल लाने के लिए गई थी। वे सब के सब फर्स्ट क्लास में आए थे और सामान इकट्ठा करने वाला क्लर्क फर्स्ट क्लास लाऊंज से उनका सामान इकट्ठा करने की बजाय इकोनामी क्लास से किसी अन्य समूह का सामान होटल ट्रक में लाद कर ले आया था तथा पर्यटक इस समय चिल्ला-चिल्लाकर कह रहे थे कि रायल पाम होटल वाले चोर और धोखेबाज हैं। वह अपनी जगह पर सच्चे थे क्योंकि उनके पास तन के कपड़ों और पैर के जूतों के अलावा और कुछ नहीं था। स्थिति बहुत ही हास्यजनक थी, किन्तु होटल की साख दांव पर लगी थी। मैंने पेरीगार्ड को फोन करके उसकी सहायता मांगी‒पहले तो उसने इन्कार कर दिया किन्तु जब मैंने उससे आग्रह किया तो उसने मुझे कहा कि मैं आधे घंटे पश्चात तुमसे सम्पर्क स्थापित करूंगा।
ठीक बीस मिनट पश्चात पेरीगार्ड रायल पाम होटल पहुंच गया और मुझसे कहने लगा‒‘तुम अपने मुसाफिरों से कहो‒अपना-अपना सामान चेक करें।’
मैं यह सुनकर हैरान रह गया था। पेरीगार्ड उनका सामान ढुंढवाकर पुलिस ट्रक में रखवा लाया था। पेरीगार्ड ने मेरे लिए वह कर दिखाया था, जिसकी मुझे तनिक भी आशा नहीं थी। मुसाफिर अपना-अपना सामान पाकर शान्त हो गये थे और अपने कमरों में चले गये थे। मैं इस समस्या से निपटकर अपने ऑफिस में आकर बैठा ही था कि मेरा इन्टरकॉम बजने लगा। मेरी सेक्रेटरी जेन्सी ने मुझे बताया कि सैम फोर्ड तुरन्त मुझसे भेंट करना चाहता है। मैंने जेन्सी से उसे अन्दर भेजने को कहा।
सैम फोर्ड ने कमरे में प्रवेश करते ही मुझसे कहा‒‘टॉम, तुम्हें याद है तुमने एक बार एक आदमी के बारे में मुझसे तफसील से पूछा था?’
‘किस आदमी के बारे में?’
‘कैलिस….जैक कैलिस।’
इस बात को अब करीब एक वर्ष हो चुका था और मैं भूल-सा गया था। मैं चौंककर बोला‒‘क्यों क्या हुआ? तुमने उसे कहीं देखा है?’
‘हां।’
‘कहां पर?’
‘ज्यूमेन्टो द्वीप में। अब उसने अपने याट का नाम ‘माई फेयर लेडी’ रख लिया है…और याट के पेटे पर नीला रंग करवा लिया है।’
मैंने कहा‒‘सैम, तुम्हें कैसे यकीन है कि यह उसी का याट है?’
‘मैंने से पहचान लिया था।’
‘वह कैसे?’
‘क्योंकि कोई डेढ़ वर्ष पूर्व उसे अपने याट को स्थिर करने के लिए मोटे रस्से के कुण्डे की आवश्यकता पड़ी थी। उसका याट ब्रिटिश मेक का है और मेरे पास केवल अमरीकन याटों के कुण्डे थे। मैंने एक कुण्डा बनाकर उसके कुण्डे के साथ लगा दिया था। वह कुण्डा अब भी उसके साथ लगा हुआ है। उसी से मैं पहचान गया था कि यह उसी का याट है।’
‘तुमने निकट जाकर देखा था?’
‘यह कोई दो सौ गज के फासले से देखा था। मेरे विचार में उस समय वह अपने याट पर नहीं था, अन्यथा वह डेक पर आ गया होता…क्योंकि वह एक एकान्त जगह है और ऐसी जगह किसी को देखकर जिज्ञासा होने लगती है कि कोई क्या कर रहा है। मेरे मन में तो आई थी कि याट पर चला जाऊं, पर फिर मुझे याद आया कि तुमने मुझे ऐसा करने से मना किया था, कि कहीं वह चौकस न हो जाए‒सो मैं याट के अन्दर नहीं गया था और ज्यूमेन्टो द्वीप से सीधा यहां लौट आया।’
‘यह तो तुमने बहुत अच्छा किया‒यह बात कब की है?’
‘कल की‒अधिक से अधिक तीस घंटे हुए होंगे।’
मैं मन ही मन में सोचने लगा कि वहां हवाई जहाज से पहुंचा जा सकता है‒किन्तु ज्यूमेन्टो द्वीप के अन्दर पहुंचने के लिए स्टीम बोट की आवश्यकता पड़ेगी…और कोई न कोई ऐसा स्टीम बोट वाला मिल ही जायेगा, जो सौ मील ले जाने लाने के लिए तैयार हो जाये।

मैंने सैम से पूछा‒‘क्या तुम अभी वापस चल सकते हो?’
‘टॉम, इस समय तो मैं बहुत थका हुआ हूं, कैलिस के याट को वहां देखते ही मैं उल्टे पांव वापस लौट आया था। मैंने कल से अब तक आंख भी नहीं झपकाई है।’
‘हम यहां से विमान में जायेंगे‒तुम विमान में आराम कर लेना।’ मैंने सैम को साथ चलने के लिए राजी करते हुए कहा।
सैम फोर्ड साथ चलने के लिए तैयार हो गया। जेक कैलिस को जिन्दा पकड़ने की मुझे ऐसी धुन सवार हुई थी कि डेबी मेरे जेहन से उतर गई थी। मैंने अपने विमान चालक बिल पिडर को विमान का टैंक भरवाने को कहा‒और थोड़ी देर के पश्चात हम ज्यूमेन्टो की ओर रवाना हो गये। सैम फोर्ड आराम से सो गया था। मैं बिल पिडर के साथ कॉकपिट में बैठा था। कोई एक घंटे पश्चात जब हमारा विमान ज्यूमेन्टो द्वीप के ऊपर उड़ रहा था, तो मैंने सैम फोर्ड को जगा दिया और उससे पूछा कि उसने याट को कहां पर देखा था।

