Maut ke Deewane by James Headley Chase hindi novel - Grehlakshmi
Maut ke Deewane by James Headley Chase

अगले दिन बिली बाहामा द्वीप समूह के दौरे पर चला गया…..और मैं अपने लेखाकार के पीछे पड़ गया कि वह बिली के वापस लौटने से पहले पक्का चिट्ठा तैयार कर दे। जब मैंने जूली से इस बात का उल्लेख किया कि बिली यहां पर हमारी साझेदारी में बिजनेस खोलना चाहता है, तो उसने भी मुझे यही राय दी कि उसे होटल बिजनेस से दूर रखूं और उसका सरमाया अपनी कारपोरेशन में लगवा दूं।’

मौत के दीवाने नॉवेल भाग एक से बढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- भाग-1

कम्पनी में बिली को साझेदार बनाने के लिए मुझे अपनी दो बहनों….मेगी एवं ग्रेस की इजाजत की जरूरत थी‒क्योंकि नियन्त्रक कम्पनी में उनके शेयर्स इतने अधिक थे कि उनकी अनुमति के बिना मैं कोई नीति निर्धारित नहीं कर सकता था। मेगी अपने परिवार के साथ अबाको में रहती थी। उसके दो बच्चे थे….एक लड़का एवं एक लड़की उसका पति अबॉब फिशर हमारे अबाको सेन्डस होटल का कर्ता-धर्ता था। मेरी दूसरी बहन ग्रेस ने एक पीटर नामी अमरीकन से विवाह किया था और अपने तीन लड़कों के साथ फ्लोरिडा में रहती थी। अपनी बहनों एवं उनके पतियों को हर चीज बताने समझाने के लिये मुझे काफी भाग-दौड़ करनी पड़ती थी, पर बिली के वापस लौटने से पहले मैंने अपनी बहनों की अनुमति ले ली थी।

आठ दिन तक बाहामा द्वीप समूह का तूफानी दौरा करने के पश्चात जब बिली फ्रीपोर्ट वापस पहुंचा, तो बहामा द्वीप समूह के तथ्य और अंक उसकी उंगलियों पर थे।

‘टॉम, तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताया कि बाहामा में बिजनेस के इतने विस्तार के अवसर और सुविधायें हैं। न कोई सम्पत्ति टैक्स, न आयकर, न निर्यात-आयात शुल्क, कोई चीज बाहर से मंगवानी हो तो उसके लिए किसी सरकारी अनुमति की आवश्यकता नहीं। बाहामा तो बिजनेस के लिये एक प्रकार का स्वर्ग है।’

‘यही कारण है कि यहां पर हर समय पर्यटकों का तांता लगा रहता है।’

‘और इसी बात ने मुझे चिन्ता में डाल दिया है।’ बिली ने कहा।

‘वह क्या?’

‘बात यह है टॉम, कि बाहामा की समूची अर्थव्यवस्था पर्यटन उद्योग पर निर्भर है‒कल को यदि महायुद्ध छिड़ जाए तो?’

‘तो यहां की अर्थव्यवस्था नष्ट हो जायेगी….बिल्कुल उसी भांति जैसे अमरीका या किसी अन्य देश की। तुम दूसरे महायुद्ध का उदाहरण ले लो‒कौन-सा देश ऐसा था, जिसकी अर्थव्यवस्था तहस-नहस नहीं हुई थी।’ बिली ने विचारमग्न भाव से कहा‒‘तुम बिल्कुल ठीक कहते हो।’

‘तो फिर बोलो क्या सलाह है?’

‘मैं तनिक अपने पिता बिली सीनियर एवं चाचा जेक चार्ल्स से परामर्श कर लूं…। कल तक कोई न कोई फैसला कर ही लेंगे।’

अगले दिन सुबह दस बजे बिली डेबी के साथ मेरे घर पहुंच गया। डेबी आते ही मेरी पत्नी एवं लड़कियों के साथ बातों में लग गई। थोड़ी देर बाद जब वे दूसरे कमरे में चली गयी, तो बिली ने मुझसे कहा‒‘चलो वकीलों को बुलाओ और साझेदारी के कागज तैयार करें।’

‘थोड़ा धीरज रखो बिली….कोई कदम उठाने से पहले मैं तुम्हें यह बता दूं कि साझेदारी के पश्चात भी यहां के बिजनेस का नियन्त्रण मेरे हाथ में ही रहेगा।’

‘यह तो अजीब बात है कि चार सौ लाख डॉलर हम लगायेंगे और बिजनेस नियन्त्रण तुम्हारे हाथ में होगा तो हमारे हाथ क्या होगा? यह तो तुम जानते ही होगे कि जब किसी वित्तीय संस्था से ऋण लिया जाता है या वित्तीय साझेदारी की जाती है, तो उसके ऐवज में समर्थक ऋणधार देना पड़ता है। हम जो चार सौ लाख डॉलर लगायेंगे और नियन्त्रण तुम्हारे हाथ में रहेगा तो हमारे पास उसका क्या ऋणाधार होगा?’

‘मेरी नियन्त्रक कम्पनी।’

‘तुम्हारी नियन्त्रक कम्पनी का क्या मूल्य होगा?’

‘अस्सी लाख से कुछ ऊपर ही होगा।’

‘और तुम इस साझेदारी में हिस्सा कितना लोगे?’

‘पांचवां।’

‘यह खूब रही….हम चार सौ लाख डॉलर लगायेंगे और तुम केवल अस्सी लाख और इस कुल सरमाये पर तुम पांचवां हिस्सा चाहते हो। तुम यदि सौ डॉलर लगा रहे होते तो कुल सरमाया पांच सौ डालर होता। उस सरमाये में यदि तुम लाभ का पांचवां हिस्सा मांगते तो माना जा सकता था कि हमने चार लगाये, तुमने एक, कुल मिलाकर पांच हो गये….और तुम इस पांच में से एक हिस्सा चाहते हो…यानी जितना सरमाया तुमने लगाया उसी का मुनाफा चाहते हो। पर अब तो तुम बीस लाख डॉलर कम लगा रहे हो उसका समर्थक ऋणाधार क्या होगा?’

‘उसका समर्थक ऋणाधार मैं खुद होऊंगा।’

‘मैं समझा नहीं।’

‘देखो बिली! किसी देश में कोई भी बड़ा उद्योग स्थापित करने के लिए वहां की राजनीतिक एवं औद्योगिक संस्कृति को ग्रहण करना अति आवश्यक होता है। उसके बिना कोई भी बड़ा उद्योग सफल नहीं हो सकता। तुम बाहामा बिजनेस कल्चर के बारे में कुछ नहीं जानते। सो तुम अगर अपने बलबूते पर यहां बाहामा में खड़े होना चाहो तो तुम्हें एक दो, तीन वर्ष नहीं बल्कि एक दशक लग जायेगा और यदि तुम मेरे सहयोग से यहां पर बिजनेस खोलते हो तो तुम्हारे पैर एक वर्ष के अन्दर-अन्दर जम जायेंगे। अब तुम खुद ही हिसाब-किताब लगा लो कि मैं कम सरमाया लगाकर भी तुम्हारी पूर्ति कर सकता हूं या नहीं।’

तनिक चुप रहने के पश्चात बिली ने कहा‒‘बिली सीनियर तो मान जाएंगे, पर चाचा जेक चार्ल्स के विषय में कुछ नहीं कहा जा सकता। मैं फोन कर लूं?

‘जरूर।’ कहकर मैंने फोन उसके आगे सरका दिया तथा अपने ड्राइंगरूम से बाहर आकर कैरीन के कमरे की ओर चल दिया।

कैरीन अपने कमरे में रो-चिल्ला रही थी और जूली उसे प्यार से समझाने में लगी हुई थी।

‘यह रो क्यों रही है?’ मैंने जूली से पूछा।

‘इसकी तबियत ठीक नहीं है और मेरे साथ मियामी चलने की जिद कर रही है।’

‘सूसन जाएगी, तो मैं भी जाऊंगी।’ कैरीन ने मेरी ओर देखते हुए कहा।

मैंने कैरीन के माथे पर हाथ रखा, तो उसका माथा तप रहा था। तभी जूली ने कहा‒‘मैं मियामी जाने का प्रोग्राम ही कैन्सिल किये देती हूं। मम्मी डैडी अपने आप यहां आ जाएंगे।’

‘तुम इसे बिस्तरे पर लिटा दो, फिर सोचेंगे।’ कहकर मैं कैरीन के कमरे से बाहर चला आया। बाहर स्विमिंग पूल के किनारे पर डेबी बैठी थी। जब मैंने उसे बताया कि सम्भवतः कैरीन की खराब तबियत के कारण जूली को अपना मियामी का प्रोग्राम रद्द करना पड़े, तो डेबी ने मुझसे कहा कि जूली को अपना प्रोग्राम रद्द करने की कोई जरूरत नहीं….जूली की अनुपस्थिति में मैं कैरीन की देख-भाल कर लूंगी। हम ये बातें कर ही रहे थे कि जूली वहां पहुंच गई। जब मैंने उसे बताया कि डेबी कैरिन की देख-भाल करने के लिये तैयार है, तो जूली यह सुनकर हर्षित हो गई और मियामी जाने के लिए तैयारी करने लगी।

मैं पीटर ऐलबरी को सूचित करने जाना ही चाहता था कि बिली ने मुझे ड्राइंगरूम में बुला लिया‒‘टॉम, मेरे पिता और चाचा तुम्हारे साथ साझेदारी करने के लिये सहमत हैं। इसे औपचारिक रूप देने के लिए उन्होंने कुछ आदमी टेक्सास से यहां के लिये रवाना कर दिये हैं। उनके आते ही काम पूरा हो जायेगा।’

यह समाचार सुनकर मेरा हृदय प्रसन्न हो गया था, तत्पश्चात मैं अपने याट ‘ल्यूकी’‒जिससे जूली मियामी जाने वाली थी‒का निरीक्षण करने के लिये याट पर चला आया। पीटर ऐलबरी ने उसे यात्रा के लिए बिल्कुल तैयार कर दिया था।

‘पीटर, तुम एक सहायक के लिये कह रहे थे….उसका प्रबन्ध हो गया?’

‘हां।’

‘कैसा है वह?’

‘ठीक है। चलेगा।’ पीटर ने उत्तर देते हुए कहा।

‘है कहां वह।’

‘नीचे इंजन रूम में।’

‘वही जो याट के ऊपर आने के समय नीचे जा रहा था।’

‘हां वही।’

‘तुम उससे सन्तुष्ट हो ना।’

‘बिल्कुल, तुम चिन्ता मत करो।’ पीटर ने कहा‒‘जब जूली जाने के लिए तैयार हो जाये, तुम उसे भेज देना।’

अतः उस शाम मैंने खुशी-खुशी जूली एवं सूसन को अपने याट से मियामी के लिए रवाना कर दिया‒और घर वापस पहुंच कर बिली के साथ साझेदारी के विषय में बातचीत करने लगा।

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