Cold Moon Importance: दिसंबर में आने वाली पूर्णिमा को कोल्ड मून कहा जाता है जो 15 दिसंबर के दिन था। इस साल एक अनोखी घटना होने वाली है और इसमें कुछ खगोलीय घटनाओं के चलते पूरे हफ्ते ही आपको रात में पूरा चांद देखने को मिलेगा। किसी भी लूनर साइकिल में पूरे दिखने वाले चांद की अवधि में से यह अवधि सबसे लंबी होने वाली है। इस दिन को पूरे विश्व भर में अलग अलग नामों से जाना जाता है। दत्ता या दत्तात्रेय जयंती के नाम से भी इसे जाना जाता है। इसे कोल्ड मून इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह सर्दियों में आता है और इस समय रातें काफी सर्द और लंबी होती हैं। इस दिन चांद की परिक्रमा का प्लेन पृथ्वी से मैच करता है।
कहां देखें कोल्ड मून?
पूरा और ब्राइट चांद आपको पूर्णिमा के दिन ही देखने को मिलता है लेकिन इस पूरे हफ्ते ही आप को पूरा चांद दिखाई देगा। कम से कम तीन रातें आपको चांद पूरा दिखाई देगा। आप इस घटना को अपनी आंखों से छत पर देख सकते हैं। इसके लिए आपको किसी तरह के गॉगल्स या यंत्रों का प्रयोग नहीं करना पड़ेगा और आप नंगी आंखों से इसे देख सकते हैं। हालांकि भारत में यह इवेंट थोड़ा कम साफ देखने को मिलेगा।
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धार्मिक महत्त्व
हिंदू लोग इस दिन दत्त जयंती के रूप में मनाते हैं। वह इस दिन हिन्दू भगवान दत्तात्रेय को याद करते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह मृगशिरा महीने में आता है। साउथ इंडिया में कई जगह इस दिन को कार्तिकेय दीपम नाम से भी जाना जाता है। इस त्यौहार को मनाने के लिए यह लोग अपने घरों में दिए भी जलाते हैं। इस त्यौहार को एक दिन के लिए ही नहीं बल्कि कुछ दिनों तक मनाया जाता है और रोजाना दिए लगाए जाते हैं।
