Colorful traditional Indian lac bangles arranged in a decorative stack on golden fabric.
Colorful traditional Indian lac bangles arranged in a decorative stack on golden fabric.

Summary:जयपुर की लाख की गली: सर्दियों में टूरिस्टों का नया हॉटस्पॉट

जयपुर की हवामहल के पास स्थित लाख की गली, जिसे मनिहारों का रास्ता भी कहा जाता है, सर्दियों में आने वाले टूरिस्टों के लिए खास आकर्षण बन गई है। यहाँ पीढ़ियों से चूड़ी बनाने वाले कारीगर लाख की चूड़ियों की परंपरा को जीवंत रखते हैं, और पर्यटक न सिर्फ इन्हें खरीदते हैं बल्कि बनते हुए भी देख सकते हैं।

Jaipur Lac Bangles: राजस्थान की राजधानी जयपुर हमेशा से ही टूरिस्ट के आर्कषण का केंद्र रही है। अगर हम नवंबर से मार्च की बात करें तो यह समय जयपुर में टूरिस्ट के आने का मौसम है। गुलाबी शहर की यह गुलाबी ठंड टूरिस्ट को खूब लुभाती है। अगर आप भी इस बार सर्दियों में जयपुर आने का प्लान कर रहे हैं तो यहां के मॉन्यूमेंट्स तो विजिट करिएगा ही साथ ही यहां लाख की गली जाना ना भूलिएगा। जयपुर की जूलरी की बात करें तो यह लाख की चूड़ी के बिना अधूरी है। अक्सर लोग जब यहां ये वापिस जाते हैं तो अपनों के लिए सौगात के तौर पर लाख की लाख की चूड़ी लेकर जाते हैं। लेकिन जयपुर की लाख की गली जिसे मनिहारों का रास्ता भी कहा जाता है वो आपके लिए कभी ना भूलने वाला एक एक्सपीरियंस रहेगा।

तो कैसे पहुंचे यहां

“Two women showing their hands decorated with intricate bridal-style mehndi, wearing colorful glass and metal bangles in green, red, and gold tones. On the right side, an elderly artisan is sitting on the ground under a shade, shaping and polishing traditional lac bangles using tools and a small flame, with various bangles displayed around him.
“Mehndi-adorned hands and handcrafted traditional lac bangles

यह जयपुर के हवामहल के पास बड़ी चौपड़ और छोटी चौपड़ के बीच में स्थित है। यह गली अपनी पारंपरिक चूड़ियों के साथ दूसरी हैंडमेड जूलरी और बर्तनों के लिए भी जानी जाती है। आप ना केवल यहां चूड़ियों को खरीद सकते हैं बल्कि इन्हें बनता हुआ भी देख सकती हैं। यहां तक कि आप अपने अनुसार चूड़ियों को कस्टमाइज भी करवा सकते हैं। यहां कारीगर आपको आपके सामने चूड़ियां बनाते हुए दिख जाएंगे बनाते हैं। कह सकते हैं कि यह जयपुर की पारंपरिक कला और हुनर को दर्शाता है। इस रास्ते को मनिहारों का रास्ता इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां चूड़ियां बनाने वाले कारीगर, जिन्हें ‘मनिहार’ कहा जाता है, पीढ़ियों से अपना काम कर रहे हैं।

आधी दुनिया का वर्चस्व

यहां आकर आपको कला की बानगी तो दिखेगी। वहीं यहां आकर आप एक और चीज नोट करेंगे कि बरसों से यह चूड़ियां बनाने वाले मनिहार अपनी यह लाख की चूड़ी बनाने की कला को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपते हैं लेकिन यहां आपको आधी दुनिया का वर्चस्व भी नजर आता है। आपको यहां पर दुकान पर ना केवल पुरुष कारीगर दिखेंगे बल्कि महिलाएं भी आपको ग्राहकों से डील करती नजर आएंगी। यह कारगीर बचपन से ही अपने बच्चों को इस कला में निपुण करते हैं। यही वजह है कि आगे चलकर इनकी बेटियां ना केवल इस कला को संजो पाती है बल्कि बिजनेस करने का हुनर भी वह अपनी भाईयों की तरह जान जाती हैं। एक बिजनेसवुमन के तौर पर वो खुद को स्थापित करने में कामयाब होती हैं।

तो आईए फिर लाख की गली

“Colorful close-up of traditional Indian accessories. The left side shows a heap of vibrant, fabric-wrapped bangles decorated with metallic beads and tiny pom-poms in shades of green, red, pink, blue, orange, and purple.
“Vibrant Jaipuri bangles and embroidered juttis on display, showcasing the rich colors and craftsmanship of Rajasthani markets.”

बस आप जब हवामहल घूमने का प्लान करें तो इसके साथ ही मनिहारों के रास्ते यानी लाख की गली को विजिट करना ना भूलें। आप ई रिक्शा में बड़ी चौपड़ से मनिहारों के रास्ते पहुंच सकती हैं। इस गली के पास ही में आपको जयपुर के फेमस जौहरी बाजार और बापू बाजार भी मिल जाएंगे। जहां आकर आपको अंदाजा होगा कि एक दिन तो इस बाजार में घूमने के लिए कम है। शॉपिंग के साथ साथ इन बाजारें में आप जयपुर की कचौड़ी और मिर्च बड़े का भी आनंद ले सकती हैं। कुल मिलाकर यह आपके लिए एक खूबसूरत अनुभव रहने वाला है। हां अगर आप बापू बाजार आएं तो फैंसी चूडि़यां और जयपुरी जूतियां लेना ना भूलें।