Wedding Expenses Management: किस्से-कहानियों में अक्सर लड़की की शादी किसी राजकुमार से होती है, शादी में हजारों लोग आते हैं। शादी वाले दिन वह परियों जैसी दिखाई देती है और वेडिंग डेस्टिनेशन की तरह सजा हुआ होता है। आज भी लड़कियां कुछ ऐसा ही सपना देखती हैं लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जो अपने पिता पर किसी भी प्रकार का आर्थिक दबाव नहीं डालना चाहते हैं।
क्या आप जानते हैं, शादियों में लोगों के बढ़ते खर्च और खाने की हो रही बर्बादी को देखते हुए सरकार जल्द ही महंगी शादियों पर रोक लगाने के लिए नया कानून बनाने जा रही है। अगर ये नया कानून लागू हो गया तो शादी में 100 से ज्यादा मेहमानों की एंट्री नहीं होगी और 10 से ज्यादा व्यंजन भी शादियों में नहीं होंगे।
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शादी में शोशेबाजी
सोशल मीडिया के इस युग में युवा अपनी शादी को केवल निपटाना नहीं चाहता है बल्कि वह हर पल को जीना चाहता है और उसे कैमरे में कैद करना चाहता है। इसके लिए वह प्री वैडिंग शूट में ही कई लाख खर्च कर देते हैं। मैचिंग और ट्यूनिंग के जमाने में लड़कियां केवल अपने दुल्हे से ही नहीं बल्कि अपने पूरे परिवार से कपड़े मैच करना चाहती हैं। एक लड़की के मन में शादी को लेकर कई सपने होते हैं, जिन्हें वह अपने हिसाब से अब पूरा भी कर रही हैं। लड़के और लड़कियां अब मिल जुलकर अपनी शादी का खर्चा उठा रहे हैं। माता-पिता भी उनकी खुशी में खुश होते हैं। इन सबके बीच कुछ युवतियां ऐसी भी हैं, जो शादी में बेतहाशा खर्च करने को समझदारी नहीं समझती हैं। एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी करने वाली 32 वर्षीय लता का कहना है कि मैं और मेरे मंगेतर अर्जुन ने निश्चय किया है कि हम अपनी शादी मंदिर में परिवार और कुछ दोस्तों के साथ ही संपन्न करेंगे। उनका कहना है कि कम बजट में शादी करके हमारे कई लाख रुपये बचा लेंगे जिसका इस्तेमाल हम घर खरीदने में करेंगे। घर में निवेश करना समझदारी है। वहीं 28 वर्षीय सुष्मिता का भी मानना है कि शादी में सालों की कमाई को कुछ ही दिनों में खर्च करने से अच्छा है कि हम उस गाढ़ी कमाई को दुनिया घूमने के लिए खर्च करें। बहुत सोच समझ कर खर्च करने वाले हितेश का कहना है कि मैंने लाकडाउन के दौरान शादी करके पांच लाख से ज्यादा की बचत कर ली है। मैंने बेहद साधारण तरीके से शादी करके सबको चौंका दिया। मेरी मंगेतर रूमिका के परिवार वालों को मैंने किसी भी तरह का फालतू खर्चा करने से मना कर दिया। मैं केवल 15 लोगों को बारात में लेकर गया था और पहले से जो गाड़ी में इस्तेमाल कर रहा हूं उसी में बैठाकर रूमिका को अपने घर ले आया। हम दोनों ही इस शादी से बेहद खुश हैं। हमारे साथ कुछ लोगों ने अपनी सस्ती शादी के किस्से साझा किए हैं-
कम खर्चे वाली शादी

मेरी शादी में मेरे पापा ने कोई कमी नहीं छोड़ी थी लेकिन उन्होंने बड़ी समझदारी से सारे खर्चे किफायती तरीके से निपटा लिए थे। मैंने घर पर पार्लर वाली न बुलाकर पार्लर में जाकर ही मेकअप करवा लिया था। कपड़े भी ज्यादा महंगे नहीं खरीदे थे।
– डॉ. कुमारी रिचा
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शादी खुशियों वाली

तनीषा और मयंक दोनों मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं। कॉलेज के दिनों से ही दोनों एक-दूसरे को पसंद करते हैं। दोनों समृद्ध परिवार से भी हैं। तनीषा और मयंक ने अपने-अपने परिवार में बात करके अपने घर वालों को इस रिश्ते के लिए राजी भी कर लिया है। हालांकि, दोनों बच्चों की शादी एक साधारण समारोह में कर दी गई। साथी उनके विवाह शादी के समय लगाए जाने वाला पैसा कर्मचारी के बच्चों पर खर्च किया गया। तनीषा और मयंक भी बहुत खुश हैं किसी की दुआएं पाकर।
– प्राची अग्रवाल, खुर्जा, उत्तर प्रदेश
उपहार के नाम पर केवल आशीर्वाद

बात आज से लगभग पैंतीस वर्ष पूर्व की है, जब उसकी शादी हुई थी। वो प्रवक्ता के पद पर प्रदेश के सुदूर स्थल पर नियुक्त थी, उसे देखने के लिए जो पहला लड़का आया, उसी से गठबंधन हो गया। शादी रात की जगह दिन में रखने का निर्णय लिया गया। उनके अनुसार सूर्य की रोशनी में लिए गए अग्नि के चारों ओर फेरे, दोनो के अनुसार ज्यादा ताॢकक होते हैं। बहुत बड़ी बारात ले जाने के स्थान पर कुछ रिश्तेदार और सगे संबंधी, दोस्तों की उपस्थिति में ये शुभ काम हुआ। सभी से विशेष अनुरोध था कि वो उपहार में सिर्फ पौधे और पुस्तकें लाएं, वैसे एक शादी-शुदा जोड़े को सिर्फ सच्चा आशीर्वाद मिल जाए तो बहुत होता है। दहेज तो आप समझ ही गए होंगे, इस शादी में पूरी तरह से प्रतिबंधित था। लेन देन के नाम पर बड़ों का आशीर्वाद और छोटों का प्यार ही था। खाने पीने में, शहर के मशहूर हलवाई ने मनपसंद डिशेज बनाई लेकिन सीमित मात्रा में। ऐसा नहीं था कि वहां मिठाई की दुकान ही खुल गई हो या हर तरह का देसी विदेशी, चाइनीज, इटेलियन खाना बना हो पर लोगों के दिल पर आज भी वहां खाए दही-भल्ले और रसगुल्ले का स्वाद है। इस तरह बहुत कम खर्चे में दो दिल एक हो गए। हमेशा के लिए, थोड़ी-सी समझदारी से ये शादी जैसा बड़ा फंक्शन जो एक पिता के लिए खुशी के साथ तनाव का कारण भी होता है, हंसी-खुशी निपट गया। कहते हैं मनी सेव्ड इज मनी जेनरेटेड।
– संगीता अग्रवाल
सितारों की किफायती शादी

बॉलीवुड में हमेशा से ही महंगी शादियों का चलन रहा है लेकिन कई जोड़े ऐसे भी हैं जिन्होंने बहुत कम खर्चे में शादी कर समाज में एक मिसाल कायम की है। गीता बाली-शम्मी कपूर से लेकर काजोल-अजय देवगन, अमृता राव-आरजे अनमोल, नेहा धूपिया-अंगद बेदी और टीवी अभिनेत्री देबिना बनर्जी-गुरमीत चौधरी तक सभी ने बिना किसी तामझाम के शादी की। अभिनेत्री अमृता राव ने अपने एक साक्षात्कार में बताया था कि उन्होंने इस्कॉन मंदिर में चुपके से शादी कर ली थी। उनकी शादी में 2 लाख से भी कम का खर्चा हुआ था। शादी के लिए उन्होंने मुंबई के दादर की एक दुकान से लाल रंग की साड़ी खरीदी थी। अपना मेकअप भी उन्होंने खुद किया था। वहीं नेहा धूपिया ने अपने परिवार और दोस्तों के बीच गुरुद्वारे में अंगद बेदी के साथ शादी कर ली थी। केवल इतना ही नहीं उन्होंने शादी के बाद कोई रिसेप्शन भी नहीं दिया था। नेहा का मानना था कि वे दोनों शादी अपनी खुशी के लिए कर रहे हैं, इसलिए उन्हें नहीं लगा कि इसमें कोई तामझाम करने की जरूरत है। वहीं टीवी अभिनेत्री देबिना बनर्जी और अभिनेता गुरमीत चौधरी ने मंदिर में चुपके से शादी कर ली थी और दो साल तक इस शादी को छुपाकर रखा।
वहीं काजोल और अजय देवगन ने सबसे छिपकर घर की छत पर परिवार के बीच शादी कर ली। शादी में काजोल ने भारी-भरकम लहंगा न पहनकर साधारण नौवारी साड़ी पहनी थी। उन्होंने अपनी शादी में मेकअप भी बहुत साधारण रखा था। युवाओं की पसंद यामी गौतम ने भी निर्देशक आदित्य धर से अपने पैतृक स्थान हिमाचल प्रदेश में साधारण तरीके से शादी की थी। शादी में उन्होंने अपनी मां की 33 साल पुरानी शादी की साड़ी पहनी थी। मेकअप भी उन्होंने खुद ही किया था। हालांकि, बॉलीवुड में किफायती शादी करने वालों की सूची बहुत लंबी है। आप भी चाहें तो इनका अनुसरण कर बजट में रहकर शादी कर सकती हैं और अपने पिता की गाढ़ी कमाई को व्यर्थ होने से बचा सकती हैं। नाते-रिश्तेदार और लोग आपको जरूर महंगी शादी करने के लिए दबाव डालेंगे लेकिन आप अपनी हैसियत और जेब के अनुसार ही शादी में पैसे खर्च करें। एक रात के फंक्शन के लिए इतने पैसे बर्बाद करने में कोई समझदारी नहीं है। अगर आपके पास पैसे बहुत ज्यादा हैं तो आप उसे अपनी बेटी के नाम से बैंक में जमा करवा दें या उसे अगर कोई बिजनेस शुरू करना है तो उसमें पैसे लगाएं।
