summary: अगर आप भी चाहती हैं कि आपके बच्चे वे सभी कुछ खाएं जो आप उन्हें खिलाना चाहती हैं तो यह टिप्स आपके लिए रहेंगे कारागर
सभी माएं अपने बच्चों को खुश और स्वस्थ देखना चााहती हैं। ही वजह है कि वो अपने बच्चों को विटामिन, मिनरल और कैल्शियम से भरपूर खाने खिलाना चाहती हैं। लेकिन बच्चों अक्सर इस तरह के पौष्टिक खानों को खाने में आनाकानी करते हैं। लेकिन अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखेंगी तो आपके पिकी ईटर्स एडवेंचर्स फूडी बन सकते हैं।
Kids Eating Habits: हर मां कहीं ना कहीं चाहती है कि उसका बच्चा हर चीज खाए और खाना स्वाद के साथ साथ सेहत से भी भरा हो। बचपन में तो कैसे ना कैसे करके मां अपने बच्चे को वो खिला पिला देती है जो वो खिलाना चाहती है लेकिन बच्चे जैसे जैसे दस बारह साल की उम्र तक आते हैं वो खाने को लेकर बहुत ज्यादा चूजी हो जाते हैं। अक्सर वो बाहर का खाना पसंद करने लगते हैं। लेकिन अगर आप कुछ स्मार्ट प्ले करेंगी तो वो एक पिकी ईटर से एडवेंचर्स फूडी बन सकते हैं।
उनकी दोस्ती करवाएं
आप चाहे ग्रोसरी ऑनलाइन मंगवाती हैं या फिर सब्जी मार्केट जाकर लाती हैं। बच्चों को अपने साथ शामिल करें। इससे बच्चा आपके साथ शामिल रहेगा। वो अपनी पसंद की सब्जी भी मंगवाएगा। जब सब्जियां आएं तो बच्चों के साथ उन्हें फ्रिज या बास्केट में रखवाना, हरे धनिए के डंठल को निकालकर कर रखना, इसतेमाल से पहले उन्हें धोना इस तरह के कामों में बच्चों को शामिल करें। आप खुद महसूस करेंगी कि जब आप इस तरह से उसे एसोसिएट करेंगी तो वो धीरे ही सही लेकिन खाने में एक्सपेरिमेंट करने लगेगा।
कुछ टि्वस्ट दें

जिंदगी अगर हम एक जैसी जीने लगते हैं तो वो बोरिंग सी हो जाती है। यही मामला हमारे खाने के साथ भी है। अगर आप एक ही तरह से अपने घर में सब्जियों को बना रही हैं और बच्चे उन्हें देखते ही मुंह बना रहे हैं तो एक बार सोचकर देखिए कि आप ऐसा क्या कर सकती हैं। अपने कुकिंग मैथेड को एक बार रिव्यू करें। हम यह नहीं कह रहे कि आप बुरा खाना बनाती हैं। बस खुद को थोड़ा एक्सप्लेार करिए। आजकल बच्चे कोरियन फूड के दीवाने हैं। आप कोरियन पोटेटो बना सकती हैं। बच्चों को बहुत पसंद आएंगे। इसके अलावा लैबनीज कुजीन भी आप ट्राई कर सकती हैं। इसके अलावा आजकल कुछ बच्चे बहुत हेल्दी खाना चाहते हैं आप उन्हें स्टीम फूड के साथ हेल्दी डिप्स बनाकर दे सकती हैं।
खाना प्यार है

हम इंडियंस के लिए अपना प्यार जताने का जरिया होता है खाना। लेकिन कई बार अपने बच्चों के साथ हम लोग खाने को एक जिद बना लेते हैं। मांओं को यह कहते सुना होगा कि यही खाना है तो खाओ नहीं तो मत खाओ। याद रखिए जिद से काम बनते नहीं बिगड़ते हैं। खाना प्यार है और अपने प्यार का इजहार खाने से करें।
सब्जियों के साथ कहानियों को जोड़ें। जैसे अगर आप अपनी दादी की कोई रेसिपी बना रही हैं तो डाइनिंग पर उस सब्जी के साथ उन यादों का भी जिक्र करें। जैसे मान लीजिए कि आप भिंडी की सब्जी बना रही हैं तो बताइए कि दादी हमेशा उसे सरसों के तेल में बनवाती थी और इसके साथ दादी नींबू का खट्ठा मीठा अचार खाती थीं। फिर देखिए बच्चे कैसे उन खानों से प्यार करने लगेंगे। बस थोड़ी सी कोशिश आपको करनी है। बस याद रखिए आपके खानों में मसालों के साथ भावनाओं की महक आनी चाहिए।
