googlenews
parenting-tips-in-hindi

जिद्दी और हठी स्वभाव वाले बच्चों की परवरिश करने के दौरान ध्यान में रखा जा सकता है-

बच्चों को दोष देने से बचें
अपने बच्चे के जिद्दी स्वभाव को देखते हुए नि:संदेह माता-पिता को बहुत निराशा होती है, लेकिन इस तरह के व्यवहार से निपटने के लिए सबसे पहली बात यह ध्यान देने की है कि किसी भी स्थिति में बच्चों को दोष न दिया जाए। यह इसलिए क्योंकि ऐसे कृत्य आगे प्रतिक्रिया को और बढ़ावा देंगे और बच्चों की ओर से किसी सहयोग की संभावना काफी कम हो जाएगी।

सहभागिता वाला दृष्टिकोण अपनाएं
जाहिर है, माता-पिता को अपने बच्चों के कठोर और जिद्दी स्वभाव से झटका लगता है, लेकिन समस्या सुलझाने के कई ऐसे उपाय हैं, जिन्हें इस तरह के गतिरोध वाली स्थिति से निपटने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। समस्या के समाधान की पूरी प्रक्रिया में बच्चों को भी शामिल करना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि बच्चे सम्मानित महसूस कर सकें और आगे बच्चे को समस्याग्रस्त स्थिति के समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ ही उसकी जिम्मेदारी महसूस करने के लिए प्रोत्साहित करें।

कारण बताने में संकोच न करें
आप जो भी निर्देश या पाबंदी लगाएं, उसकी वजह बच्चों को जरूर बताएं। उनसे यह उम्मीद न करें कि वे सीधे तौर पर आपके आदेश का पालन करें। बताए गए नियम की वजह और मंशा समझे बिना, यह गैर-वाजिब और अन्यायपूर्ण नजर आएगा और उन नियमों का पालन करना उनके लिए कठिन होगा। इसलिए आपने उन्हें जो भी कहा है, हमेशा उसकी वजह बताएं।

बातचीत में देरी करना फायदेमंद
अक्सर समस्या का तत्काल समाधान निकालने की दिशा में काम करने के बजाय, समझदारी दिखाते हुए इस बारे में बातचीत में देरी करना ज्यादा फायदेमंद है और अगर स्थिति इसकी अनुमति नहीं देती है, तो समस्या का समाधान करने से पहले बच्चे और खुद को थोड़ा वक्त दें। तत्काल समस्या के समाधान के लिए आपका अतिमहत्वाकांक्षी और हठी स्वभाव न केवल इस मसले को और बढ़ा सकता है, बल्कि बच्चे को आपके नजरिये को समझने में और ज्यादा मुश्किलें खड़ी कर सकता है। परिणामस्वरूप बच्चे में और ज्यादा रूखापन आ सकता है।

स्पष्ट नियम- कायदे तय करें
अभिभावक होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि नियम और कायदे स्पष्ट तौर पर तय करें और सुनिश्चित करें कि इस बारे में बच्चे को तनाव या विवाद के समय नहीं, किसी और समय बताएं और उनकी उम्र और समझ के स्तर के अनुरूप ताॢकक तरीके से समझाएं। ऐसे नियमों और कायदों के साथ ही, संभावित वांछनीय और अवांछित व्यवहार के बारे में भी स्पष्ट तौर पर बताने और निरंतरता के साथ इसे लागू करने की जरूरत है।

बच्चे को समुचित समय दें
माता-पिता के तौर पर यह महत्वपूर्ण है कि आप बच्चे को समुचित समय देने में सक्षम हों। परवरिश की प्रक्रिया, दूसरे सभी रिश्तों की तरह ही है जिसमें लेने के साथ देने की प्रक्रिया शामिल होती है। बच्चों को यह सिखाने की जरूरत है कि जीवन हमेशा आपकी इच्छा के अनुसार नहीं चलता और सभी को समझौते के लिए तैयार रहने की जरूरत है। ज्यादा अप्रासंगिक चीजों को चयन करते समय सतर्क रहना होगा, ताकि आप बड़े निर्णयों पर इनकार करने के लिए दृढ़ हो सकें।

ये भी पढ़े-

पिता के प्यार में भी छुपी होती है मां जैसी ममता

बच्चे को बनाएं ग्लोबल किड

 

बच्चे के सवालों के जवाब क्यों ईमानदारी से देने चाहिए? 

 

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं।