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Parenting tips Are you the enemy of your children ?

Parenting tips Are you the enemy of your children ?

बच्चों का पालन-पोषण एक आसान काम नहीं है। उन्हें एक अच्छा इंसान और सुदृढ़ व्यक्तित्व वाला बनाना,अच्छी जीवनशैली देना ,सही आचार-व्यवहार, शब्दों का चयन ,बोलने का सही लहजा सीखाना ये सब एक बहुत जिम्मेदारी वाला कार्य है। इसीलिए कुछ बातों का माता पिता को ख़ास ख्याल रखना चाहिए और इन 10 बातों को बच्चों से कभी नहीं कहना चाहिए –

तुम गंदे लड़के /लड़की हो :- अपने बच्चे के दिमाग में कभी भी नकारात्मक सोच -विचार न डालें। इससे उनका आत्मबल कमजोर होता है। बच्चों का मन बहुत ही मासूम होता है वे सब चीज़ो को अच्छा ही मानते हैं। उनसे हमेशा अच्छी ,खुशनुमा और सकारात्मक बाते करें। उन्हें बताएं कि उनके गलत बोलने या बर्ताव करने से किसी दूसरे  व्यक्ति को चोट पहुँच सकती है,इसीलिए उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्हें बोले कि वो तो दुनिया के सबसे अच्छे,प्यारे और होशियार बच्चे हैं, इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वो आपकी उम्मीदों पर हमेशा खरे उतरेंगें।

सीधे ‘ना’ नहीं बोलें :-  सीधे ‘ना’ कहना उनके लिए बहुत कठोर व्यव्हार हो सकता है। हमेशा बच्चों को हर बात के लिए ना कहने से उनका आत्मविश्वास और अपने माता-पिता पर भरोसा कम हो जाता है। अगर आप अपने बच्चे के किसी कार्य को ‘हां’ नहीं बोलना चाहते तो उसे दूसरे विकल्प देने की कोशिश करें। 

बात बंद ना करें :-  अपने बच्चो से बात करना कभी बंद मत करें। उन्हें सवाल पूछने दें और अपने विचार बताने दें। उन्हें समझाए की उन्हें क्या करना चाहिए और ऐसा करना क्यों जरूरी है। जब आपके बच्चें आपकी बात नहीं माने तो उन्हें ये कभी न कहे कि ‘जाओ करो जो तुम्हे करना है’। इससे बात और बढ़ेगी इसीलिए हम जीते या तुम जीते वाली स्थिति से बचिए।

एक-दूसरे से कभी तुलना न करें :- अपने बच्चों की कभी दूसरे से तुलना ना करें। भाई -बहनों में इसे जलन की भावना उत्पन्न होती है और एक-दूसरे से कटा हुआ महसूस करते हैं। इससे वे खुद को हारा हुआ ,कमजोर समझते हैं और उन्हें अपने भाई-बहन से नफरत होने लगती है।

बच्चों को कभी अकेला न छोड़ें :- बच्चों के लिए उनके माता-पिता ही सब कुछ होते हैं उन्हें कभी ये न कहे कि आप उन्हें छोड़ के चले जाएंगे । ऐसी बातों से उनके मन को चोट पहुँचती है। वह खुद को अकेला महसूस करते  हैं। बच्चों से जब भी बात करें तो संयम से काम लें।

तुमसे ये नहीं होगा :-  बच्चों का आत्मविश्रास कभी कम न करें। जीवन में कई बार ऐसे मौके आएंगे कि जब वो कोई काम करना चाहते होंगें लेकिन वो योग्यता उनमे नहीं होगी पर आप उन्हें ऐसा कभी न कहें कि ‘तुम नहीं कर सकते ‘.बच्चो को हमेशा एक अवसर जरूर दें। इससे उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। जैसे अगर आपका बच्चा एक भारी कुर्सी उठाने की जिद करें तो उसे न रोके।  

एक माता-पिता की यह जिमेदारी होती है कि वह अपने बच्चों को हमेशा खुश रखें, सुरक्षित महसूस करवाए ताकि हमारे बच्चें इस दुनिया का सामना करने के काबिल बन सके। 

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