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Parenting Tips in Hindi – साल भर बच्चे मई-जून के महीने का इन्तजार करते है पर ये छुट्टिया आकर इतनी जल्दी खत्म हो जाती है कि पता भी नहीं चलता।स्कूल खुलने से बच्चो के साथ अब माता-पिता की भी भाग-दौड़ शुरू हो जाएगी। स्कूल खुलने का मतलब बैग जमाना ,किताबे,ड्रेसेस ,बोत्तल ढेर सारी तैयारिया। इस व्यस्तता के बीच कई बार हम सबसे जरूरी जिम्मेदारी निभाना भूल जाते है वो है ट्रैफिक सुरक्षा नियमो से हमारे बच्चो को अवगत करवाना। माता-पिता को ट्रेफिक नियमो के विषय में अपने बच्चो से बात करके उन्हें जागरूक बनाना चाहिए। हम आपको बता रहे है कुछ ऐसी महत्वपूर्ण बाते जिन्हें अपने बच्चो को समझाइये और तनाव मुक्त होकर उन्हें स्कूल भेजिए-

1 -ध्यान रखे कि आपके बच्चे एक ही रूट से प्रतिदिन जाये और वह रास्ता सुरक्षा की दृष्टि से सही हो। उन्हें ऐसे रास्ते से भेजिए जिनमे सड़क पर कम से कम क्रासिंग हो ताकि उन्हें बार -बार सड़क पार न करनी पड़े। 
2 किसी भी तरह का गैजेट जैसे मोबाइल ,वीडियो गेम ,टेबलेट आइ -पैड़ इत्यादि देने से बचे। ताकि बच्चे सड़क पैर फ़ोन पर बात करते हुए ,गाने सुनते हुए ,गेम खेलते हुए किसी दुर्घटना का शिकार न हो।

3 -अपने बच्चो को सुरक्षा नियमो का पालन करने को कहे चाहे वे पैदल जाते हो या वैन एवं बस में उन्हें पता होना चाइये ही वैन में कैसे बैठना है अगर आगे की सीट पैर बैठे है तो बेल्ट लगाकर बैठे। सड़क पार कर रहे है तो सिग्नल देखकर करे. अपने बच्चो को लाल ,हरी और पीली बत्ती का फर्क समझाए।
4 दस साल से कम उम्र के बच्चो के साथ किसी बड़े का होना जरूरी है उन्हें कभी भी सड़क पर अकेले न छोड़े। जब तक कि उनमे सड़क नियमो को समझने की परिपक्वता न आ जाये।

5. अजनबियों से अपने बच्चो को सावधान रहने को कहे। उन्हें समझाए कि किसी भी अजनबी से कोई भी गिफ्ट ,टॉफ़ी ,कोई भी खाने की चीज़ ना ले और उनके साथ कही भी ना जाये। 
6 .बच्चो को समझाए कि हमेशा सड़क के किनारे से ,सिग्नल को देखकर और जेब्रा क्रासिंग पर ही सड़क पार करे। 
7. बच्चो को बताये की बस से उतरने के बाद हमेशा बस के सामने से ही जाये ताकि ड्राइवर उन्हें जाते हुए देख सके। ड्राइवर को भी बस या वैन को ओवरलोड करने से मना करे।
8. बच्चो को समझाए कि कभी भी सड़क पर मस्ती -मजाक करते हुए दौड़ न लगाये ,कार पार्किंग के बीच में न भागे। यह उनके साथ -साथ ड्राइवर के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। 
9. अपने बच्चो को अपने मोबाइल और घर के नंबर ,घर का पता ,स्कूल का पता याद करवा दे ताकि जरूरत पड़ने पर या किसी मुसीबत में वे आपसे संपर्क कर सके। 
10. अगर आपके बच्चे बाइक ,स्कूटर या स्केटबोर्ड से स्कूल जाते है तो उन्हें हेलमेट पहनने के लिए जरूर कहें । उनकी सुरक्षा के लिए ध्यान दे की वे इसका पालन कर रहे है या नहीं।