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जिन्दगी चाहे कितनी ही बिजी क्यों न हो ,आप वर्किंग हों या नॉन वर्किंग आपकी प्रायरिटी बच्चे ही होते हैं। बच्चे जब तक घर में रहते हैं हम उन्हें हर तरह का प्रोटेक्शन देने की कोशिश करते हैं। उनकी हर ख्वाहिश को पूरा करना हमारे जीवन का लक्ष्य होता है। लेकिन जब बच्चे स्कूल जाने लगते हैं तब उनकी सुरक्षा कैसे की जाए ये एक बड़ा प्रश्न ही है। स्कूल जाने वाला बच्चा अलग-अलग तरह के लोगों से मिलता है जैसे बस ड्राइवर, स्कूल का सिक्योरिटी गार्ड, मेड और टीचर्स इन सभी लोगों का बच्चे को देखने का नजरिया अलग होता है कोई ऐसा भी व्यक्ति हो सकता है जो बच्चे को गलत नज़र से देख रहा हो और आपको पता भी न चले। ऐसे में यदि आपका बच्चा स्कूल जाता है तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। 
  • बच्चा जिस बस या कैब से स्कूल जा रहा है उसके ड्राइवर का नंबर आपके पास ज़रूर होना चाहिए। अगर आपको कभी कोई भी अनहोनी की आशंका लगे तो ड्राइवर को कॉल करें। हो सके तो ड्राइवर से वीडियो कॉल पर बात करके अपने बच्चे से बात करें। आजकल बहुत सारे ऐप आ गए हैं जिनके जरिए बस की लोकेशन पता चलती है। बच्चा जब तक स्कूल न पहुंच जाए उसकी लोकेशन मोबाइल पर चेक करते रहें। 
स्कूल जाने वाले बच्चों के पेरेंट्स याद रखें ये बातें  3
  • आजकल ज्यादातर स्कूल्स में आर एफ आई डी चलता है जिससे बच्चा जब स्कूल में एंट्री करता है आपके मोबाइल पर मैसेज आ जाता है। यदि किसी स्कूल में ऐसा सिस्टम न हो तो बच्चे के स्कूल में कॉल करके पता करते रहें की बच्चा कब स्कूल से निकला या कब स्कूल पहुंचा। 
  • बच्चों को ये बात समझाकर रखें कि क्लास टीचर को बिना बताए या फिर अकेले  कहीं भी न जाए। 
  • घर के आस -पास  के ही  स्कूल में बच्चे का एडमिशन कराएं। माता-पिता ऐसे स्कूल में ही एडमिशन कराएं, जिसकी घर से दूरी 20 से 25 मिनट की हो। 
  • एडमिशन के समय ही यह बात अच्छी तरह से पता कर लें कि स्कूल में हर जगह सीसीटीवी कैमरा लगा हो।  
  • स्कूल का बाथरूम ट्वायलेट कितना सुरक्षित है इस बात का भी ध्यान रखें और ये बात पता कर लें कि वहां कोई अटेंडेंट बैठती है या नहीं।
  • . स्कूल में जितने भी गार्ड या मेड हैं उन सभी का पुलिस वारीफिकेशन हुआ है या नहीं ये पता कर लें। 
  •  बच्चा अगर स्कूल के बारे किसी घटना के बारे में बता रहा है तो उसे अनसुना न करें। बात भले ही छोटी लगे लेकिन फिर भी स्कूल में बात करके उस बात का  पता लगाएं।  
  •  बच्चों को गुड टच बैड टच  में अंतर जरूर बताएं।  जिससे बच्चा किसी भी गलत हरकत पर आवाज़ उठा सके।  
  • बच्चा  माता-पिता से कोई भी बात न छिपाए इसलिए बच्चे से बात करते रहें।