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Parenting Tips : कैसे रहे सुरक्षित जब स्कूल चले हम

स्कूल खुलने का मतलब बैग जमाना ,किताबे,ड्रेसेस ,बोत्तल ढेर सारी तैयारिया। इस व्यस्तता के बीच कई बार हम सबसे जरूरी जिम्मेदारी निभाना भूल जाते है वो है ट्रैफिक सुरक्षा नियमो से हमारे बच्चो को अवगत करवाना। माता-पिता को ट्रेफिक नियमो के विषय में अपने बच्चो से बात करके उन्हें जागरूक बनाना चाहिए।

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व्हेन आई वेंट इन ए कॉन्वेंट – गृहलक्ष्मी कहानियां

पास के कॉन्वेंट स्कूल की खूबियां जानकर बच्चों का उस स्कूल में दाखिला करवाने का हमारा तो सपना ही टूट गया।

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स्टाफरूम

किसी भी स्कूल का स्टाफरूम यानी विभिन्नता में एकता शिक्षकों का आरामगाह। जहां हमदम भिन्न-भिन्न विषयों को पढ़ाने वाले भिन्न-भिन्न जगहों और मतों के लोग एक तरह की समस्याओं, कठिनाइयों और उलझनों का सामना करते हैं। यही वजह है कि अवकाश मिलते ही शिक्षकों का रुख स्टाफरूम की तरफ हो जाता है।

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12 अभिनव परियोजनाओं के लिये स्कूली छात्र पुरस्कृत

डा. हर्षवर्धन ने आईआरआईएस राष्ट्रीय विज्ञान मेला 2015 में 12 अभिनव परियोजनाओं के लिये स्कूली छात्रों को पुरस्कृत किया। यह सभी पुरस्कार विजेता एरिजोना, अमेरिका मे इंटेल इंटरनेशनल साइंस एंड इंजीनियरिंग फेयर में भाग लेंगे।

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बच्चों का पढ़ाई मे मन लगाने के कारगर उपाय”

हंसते, खिलखिलाते बचपन के लिए
अभिभावकों की डांट के साथ-साथ दुलार और सही मार्गदर्शन भी बच्चों के लिए बेहद जरूरी होता है। पढ़ाई बोझ न बने इसके लिए मां-बाप को बच्चों का पूरा साथ देना चाहिए।

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