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Hemoglobin Credit: Istock

Overview: बचपन में ही कम हो रहा है बच्चों का हीमोग्लोबिन, इन फूड्स की मदद से बढ़ेगा लेवल

आजकल बच्‍चों में हीमोग्‍लोबिन की कमी होना आम बात है लेकिन अच्‍छी और बैलेंस डाइट से इसे सुधारा जा सकता है।

Foods for Hemoglobin: खाने में नखरे और जंक फूड का अधिक सेवन कई गंभीर समस्‍याओं को बढ़ावा दे रहा है, जिसमे से एक है हीमोग्‍लोबिन की कमी। आजकल छोटे-छोटे बच्‍चों में ये समस्‍या बेहद आम हो गई है। हीमोग्लोबिन रेड ब्‍लड सेल्‍स का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ग्लोबिन नामक प्रोटीन और हीम नामक कंपाउंड से मिलकर बनता है। हीमोग्लोबिन की कमी से एनीमिया होता है जो बच्चों, खासकर युवा लड़कियों में एक आम स्वास्थ्य समस्या है। आखिर छोटी उम्र में हीमोग्‍लोबिन क्‍यों कम हो जाता है और इसे कैसे बढ़ाया जा सकता है चलिए जानते हैं इसके बारे में।

क्‍या है हीमोग्लोबिन डेफिशिएंसी

बच्‍चों में हो रही है हीमोग्‍लोबिन की कमी
What is hemoglobin deficiency

हीमोग्लोबिन की कमी का मतलब है कि शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है, जिसके परिणामस्वरूप शरीर में कई लक्षण दिखाई देते हैं।

  • – 6 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों में, यदि हीमोग्लोबिन का स्तर 11.2 ग्राम/डीएल से कम हो जाता है, तो इसे हीमोग्लोबिन की कमी माना जाता है।
  •  – 6 से 9 सप्ताह के नवजात शिशुओं में फिजियोलॉजिक एनीमिया आम है, जो जन्म के बाद एरिथ्रोपोएसिस कम होने के कारण होता है। इस दौरान, जन्म के समय हीमोग्लोबिन का स्तर अधिक (>14 ग्राम/डीएल) होता है, जो बाद में 10-11 ग्राम/डीएल तक गिर जाता है।
  • – बड़े बच्चों और किशोरों में आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया अधिक आम है। 9-12 महीने की आयु में स्क्रीनिंग की सलाह दी जाती है, खासकर उन बच्चों के लिए जो पूरी तरह से स्तनपान पर निर्भर हैं।
  • – किशोर लड़कियों में मासिक धर्म शुरू होने पर अतिरिक्त स्क्रीनिंग की आवश्यकता हो सकती है।

बच्‍चों में हीमोग्‍लोबिन कम होने के कारण

बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी के कई कारण हो सकते हैं जैसे- आयरन, विटामिन बी12 और बी9 जैसे पोषक तत्वों की कमी। थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया जैसे आनुवंशिक रोग भी कमी का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा दवाईयों का सेवन, मलेरिया और ऑटोइम्‍यून बीमारियां भी वजह हो सकती हैं।

हीमोग्‍लोबिन कम होने के लक्षण

  • – त्वचा का पीला पड़ना
  • – सांस लेने में तकलीफ
  • – लगातार थकान और ऊर्जा की कमी
  • – शारीरिक गतिविधियों में कठिनाई
  • – भूख की कमी
  • – न्यूरोकॉग्निटिव और व्यवहार संबंधी समस्या

बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी का उपचार

बच्‍चों में हो रही है हीमोग्‍लोबिन की कमी
Treatment of hemoglobin deficiency in children
  • – शिशु (0-12 महीने), स्तनपान करने वाले शिशुओं को 4 महीने की उम्र से आयरन सप्लीमेंट देना चाहिए, जब तक कि वे आयरन युक्त भोजन शुरू न कर दें।
  • – फॉर्मूला दूध पीने वाले शिशुओं को अतिरिक्त आयरन सप्लीमेंट की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि फॉर्मूला में आयरन पहले से मौजूद होता है। 12 महीने से कम उम्र के शिशुओं को गाय का दूध नहीं देना चाहिए।
  • – टॉडलर्स (1-3 वर्ष), आयरन से भरपूर आहार जैसे आयरन-युक्त अनाज, लाल मांस और हरी सब्जियां शामिल करें। विटामिन सी से भरपूर फल जैसे संतरा आयरन के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करते हैं।

बच्‍चों की डाइट में शामिल करें ये फूड

पोल्ट्री: चिकन, एग और मटन को डाइट में शामिल करें।

मछली: ऑयस्टर, सार्डिन, एंकोवी और मसल्स।

हरी पत्तेदार सब्जियां: ब्रोकली, केल, शलजम की पत्तियां और कोलार्ड।

फलियां: हरी मटर, लीमा बीन्स, पिंटो बीन्स, बेक्ड बीन्स और ब्लैक-आइड पीज़।

साबुत गेहूं की ब्रेड: खमीर से बनी साबुत गेहूं की ब्रेड और रोल्स

फल: विटामिन और आयरन से भरपूर फल को डाइट का हिस्‍सा बनाएं।