हिमोग्लोबिन एक तरह का प्रोटीन होता है,जो रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है। और खास इसलिए है क्योंकि ये ऑक्सिजन को फेफड़ों से टीशूज और दूसरे अंगों तक पहुंचाता है। जब इसीहिमोग्लोबिनका लेवल गिर जाता है तो इसे एनिमिया कहते हैं। अब इस बात से ये तो समझ आ गया किहिमोग्लोबिनका लेवल सही रहना कितना जरूरी है। लेकिन इस लेवल को सही कैसे रखा जाए?ये जानना भी तो जरूरी है।हिमोग्लोबिनसे जुड़े सारे सवालों के जवाब दे रही हैं पोषण विशेषज्ञ डॉ.भारती दीक्षित।

 

हिमोग्लोबिनकम होने के कारण-

हिमोग्लोबिनकम होने के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों को पहचान कर इनको सुधारा जा सकता है,चलिए इनको जानते हैं-

– जब किसी भी तरह शरीर से ज्यादा खून निकल जाए जैसे सर्जरी आदि के दौरान खून का ज्यादा निकल जाना,महावारी में ज्यादा ब्लड निकल जाना। यही वजह है कि मेनोपॉज के पहले जब बहुत महावारी होती है तब महिलाओं काहिमोग्लोबिनपुरुषों से भी कम हो जाता है।

-दूसरा कारण शरीर मेंहिमोग्लोबिनबनना ही कम हो जाना है। इसके कई मेडिकल कारण हो सकते हैं।

रेड ब्लड सेल्सके कम हो जाने पर भी ऐसा होता है। ये स्थितिकिसी गंभीर संक्रमण के होने पर भीहोती है।

-पोषक तत्वों की कमी हो जाने पर भीहिमोग्लोबिनकम हो जाता है। जैसे आयरन,विटामिन 12,   की कमी या फिर फोलेट की कमी होना।

-किडनी की बीमारी होने पर भीहिमोग्लोबिनकम हो जाता है। दरअसल हेल्थी किडनी इरिथ्रोपोईटिन(erythropoietin) नाम का हार्मोन रिलीज करती है। ये हार्मोन आरबीसी के उत्पादन को बढ़ाता है। अब अगर किडनी में कोई दिक्कत होगी तो ये हार्मोन अच्छे से नहीं बनेगा और ये नहीं बनेगा तोहिमोग्लोबिनभी नहीं बनेगा।

कितना होना चाहिए-

मेडिकल साइंस में पुरुष,महिला और बच्चों के लिए अलग-अलगहिमोग्लोबिनलेवल तय किए गए हैं। इन लेवल सेहिमोग्लोबिनकम है तो वो शख्स निश्चित ही एनीमिया का शिकार है,ये स्तर हैं-

  • महिला-12.1-15.1gm/l
  • पुरुष:13.8-17.2gm/l
  • बच्चे:11.0-16.0gm/l

हिमोग्लोबिनकम होने के लक्षण:

-कमजोरी

-सांस लेने में परेशनी

-मिचली होना

-सिर में दर्द

-तेज धड़कनें

-भूख कम लगना

-जोड़ों में दर्द

 कैसे बढ़ेगाहिमोग्लोबिन-

आयरन से भरपूर भोजन- पालक,मेथी,टमाटर,सी फूड,दालें,छोले,राजमा आदि।

विटामिन सी वाला भोजन- वो खाना जिसमें विटामिन सी भरपूर होता है,जैसे संतरा,नींबू।

विटामिन सी है खास-

विटामिन सी इसलिए खास है क्योंकि कई बार आयरन फूड खाने के बाद भीहिमोग्लोबिनबढ़ता नहीं है। दरअसल ये ऐसे खानों से मिलता है जो बॉडी में ऑब्जर्व नहीं हो पाते हैं। पर जब इन्हें विटामिन सी के साथ खाया जाता है तो ये ऑब्जर्व हो जाता है और इसका फायदा भी बॉडी को मिल जाता है। इसलिए डॉक्टरहिमोग्लोबिनकम होने पर विटामिन सी खाने की सलाह देते हैं।

फॉलिक एसिड बढ़ा लें-

हिमोग्लोबिनकी कमी होने पर फॉलिक एसिड भी खाने की सलाह दी जाती है। दरअसल रेड ब्लड सेल के उत्पादन में फॉलिक एसिड भी अहम रोल निभाता है। और इसकी कमी ना केवलहिमोग्लोबिनकम करती है बल्कि इसकी वजह से एनीमिया भी हो सकता है। इसलिए फॉलिक एसिड से भरपूर खाना खाने की सलाह दी जाती है। फॉलिक एसिड से भरपूर फूड आइटम हैं-

-हरी पत्तेदार सब्जियां,केला,मूंगफली,स्प्राउट्स आदि।

आयरन असर नहीं करता है-

हिमोग्लोबिनबढ़ाने के लिए आयरन का सेवन जरूरी होता है। लेकिन कैल्शियम आयरन के असर को प्रभावित करता है। बल्कि इसे आयरन ब्लॉकर माना जाता है। इसलिए कैल्शियम हमेशा आयरन खाने से कम से कम 1 घंटा पहले या बाद में खाया जाना चाहिए।

व्यायाम जरूर करें-

एक्सरसाइज तो जीवन के हर हिस्से में की जानी चाहिए।हिमोग्लोबिनके मामले में भी यही सही होता है। एक्सरसाइज करने से ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है। इसकी वजह सेहिमोग्लोबिनका उत्पादन भी बढ़ जाता है।

रेड ब्लड सेल बढ़ाएगा चुकंदर-

जी हां,चुकंदर ज़्यादातर लोगों को पसंद नहीं आता है लेकिन ये कई बीमारियों में दवा का काम करता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसमें फॉलिक एसिड,पोटेशियम,फाइबर और आयरन जैसे कई पोषक तत्व होते हैं।हिमोग्लोबिन के लिए भी ये बेस्ट है क्योंकि इसके खाने से रेड ब्लड सेल्स बढ़ते हैं और फायदा हिमोग्लोबिन को होता है।  

घर पर बढ़ाएंहिमोग्लोबिन-

कई सारे फूड आइटम ऐसे होते हैं जिनके सेवन से हिमोग्लोबिन अद्भुत तरीके से बढ़ने लगता है। ये चीजें घर पर आसानी से मिल सकती है। इनमें ज्यादातर नाम फलों के हैं। ये वो चीजें हैं जिनमें विटामिन ए और बीटा केरोटीन भरपूर मात्रा में होता है। ये फूड आइटम हैं-

शकरकंद

गाजर

मछली

आम

खरबूजा

किशमिश भिगोएं-

हिमोग्लोबिनबढ़ाने की कोशिश कर रही हैं तो जरूरी है कि खाली पेट रातभर भीगी किशमिश खाई जाए। इसके लिए रात में 5 या 6 किशमिश पानी में भिगो दें। फिर इन्हें सुबह खा लें। किशमिश में मेग्नेशियम,कॉपर,विटामिन ए और सी भी होता है।

तांबे वाला पानी-

तांबे के बर्तन में रखा हुआ पानीहिमोग्लोबिनबढ़ाने में काफी मदद करता है। इसको आयुर्वेद में बहुत अहम और प्रभावकारी माना गया है। इससे बॉडी के नेचुरल पोषक तत्व वापस आते हैं और आयरन का स्तर सुधरता है।

 

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